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नैनीताल जिले की दो सीटों पर जीते भाजपा के बागी
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हल्द्वानी। कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य के पंचायत प्रतिनिधियों को भाजपा के पक्ष में करने के तमाम प्रयासों के बावजूद भाजपा बेतालघाट और रामगढ़ सीट पर पार्टी प्रत्याशी को जिताने में नाकाम रहे।
वहीं कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत भी कोटाबाग सीट पर पार्टी प्रत्याशी को नहीं जिता सके। रामगढ़ और कोटाबाग में भाजपा के बागी उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है तो बेतालघाट सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी पर लोगों ने विश्वास जताया है। कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य, विधायक बंशीधर भगत के साथ ही नैनीताल विधायक संजीव आर्य भी अपने विधानसभा की प्रतिष्ठित सीटों पर पार्टी प्रत्याशियों को जिताने में सफल नहीं हो सके।
बेतालघाट सीट को भाजपा ने प्रतिष्ठा से जोड़ा था। रामगढ़ विधानसभा के दौर में यहां से यशपाल आर्य विधायक रहे थे। नैनीताल विधानसभा सीट पर अब उनके पुत्र संजीव आर्य विधायक हैं। बेतालघाट और रामगढ़ का इलाका इनका प्रमुख गढ़ माना जाता है। इसी को देखते हुए चुनाव पूर्व यशपाल आर्य और संजीव आर्य की मौजूदगी में पार्टी ने सदस्यता अभियान चलाया। इसमें जिला अध्यक्ष प्रदीप बिष्ट समेत अन्य नेताओं की उपस्थिति में बड़ी संख्या में बेतालघाट क्षेत्र पंचायत सदस्यों को पार्टी की सदस्यता दिलाई गई।
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माना जा रहा था कि इन सीटों पर भाजपा की आसान जीत होगी, लेकिन भाजपा इन सीटों को नहीं बचा सकी। यही हाल कालाढूंगी विधानसभा की कोटाबाग सीट का रहा। यहां भाजपा अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ बगावत पर उतरे रवि कन्याल ने जीत दर्ज की है। इस सीट को नहीं जिता पाने की आंच विधायक बंशीधर भगत तक भी पहुंची है। बेतालघाट, रामगढ़ और कोटाबाग में भाजपा की हार पार्टी संगठन को विचलित करने वाली है।
भाजपा का ‘अपनों’ से लगा झटका
हल्द्वानी। भाजपा से निष्कासित सदस्यों ने झटका दिया है। जिला पंचायत सदस्य सीट पर जग्गीबंगर से डॉ. मोहन सिंह बिष्ट निर्दलीय मैदान में उतरे थे। वह भाजपा से लंबे समय से जुड़े थे। उन्हें नामांकन करने के बाद पार्टी से निष्कासित कर दिया। पर मोहन सिंह ने सीट पर 11 हजार से अधिक वोट से जीत हासिल की थी।
यहां पर भाजपा समर्थित प्रत्याशी तीसरे स्थान पर पहुंच गया। कोटाबाग सीट पर भाजपा का कब्जा रहा था। यहां से रवि कन्याल ब्लाक प्रमुख पद के लिए पार्टी से मैदान में उतरना चाहते थे। बाद में उन्होंने निर्दलीय नामांकन कराया। इसके बाद पार्टी ने उन्हें निष्कासित कर दिया। पर रवि कन्याल ने कोटाबाग की सीट जीत ली। इसी तरह तरह बेतालघाट ब्लाक प्रमुख का पद भी निर्दलीय के खाते में गया है। दाड़िमा जिला पंचायत सदस्य सीट भी पार्टी से निष्कासित व पूर्व ब्लाक प्रमुख लाखन नेगी ने जीत हासिल की थी।
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वहीं कालाढूंगी विधायक बंशीधर भगत भी कोटाबाग सीट पर पार्टी प्रत्याशी को नहीं जिता सके। रामगढ़ और कोटाबाग में भाजपा के बागी उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है तो बेतालघाट सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी पर लोगों ने विश्वास जताया है। कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य, विधायक बंशीधर भगत के साथ ही नैनीताल विधायक संजीव आर्य भी अपने विधानसभा की प्रतिष्ठित सीटों पर पार्टी प्रत्याशियों को जिताने में सफल नहीं हो सके।
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बेतालघाट सीट को भाजपा ने प्रतिष्ठा से जोड़ा था। रामगढ़ विधानसभा के दौर में यहां से यशपाल आर्य विधायक रहे थे। नैनीताल विधानसभा सीट पर अब उनके पुत्र संजीव आर्य विधायक हैं। बेतालघाट और रामगढ़ का इलाका इनका प्रमुख गढ़ माना जाता है। इसी को देखते हुए चुनाव पूर्व यशपाल आर्य और संजीव आर्य की मौजूदगी में पार्टी ने सदस्यता अभियान चलाया। इसमें जिला अध्यक्ष प्रदीप बिष्ट समेत अन्य नेताओं की उपस्थिति में बड़ी संख्या में बेतालघाट क्षेत्र पंचायत सदस्यों को पार्टी की सदस्यता दिलाई गई।
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माना जा रहा था कि इन सीटों पर भाजपा की आसान जीत होगी, लेकिन भाजपा इन सीटों को नहीं बचा सकी। यही हाल कालाढूंगी विधानसभा की कोटाबाग सीट का रहा। यहां भाजपा अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ बगावत पर उतरे रवि कन्याल ने जीत दर्ज की है। इस सीट को नहीं जिता पाने की आंच विधायक बंशीधर भगत तक भी पहुंची है। बेतालघाट, रामगढ़ और कोटाबाग में भाजपा की हार पार्टी संगठन को विचलित करने वाली है।
भाजपा का ‘अपनों’ से लगा झटका
हल्द्वानी। भाजपा से निष्कासित सदस्यों ने झटका दिया है। जिला पंचायत सदस्य सीट पर जग्गीबंगर से डॉ. मोहन सिंह बिष्ट निर्दलीय मैदान में उतरे थे। वह भाजपा से लंबे समय से जुड़े थे। उन्हें नामांकन करने के बाद पार्टी से निष्कासित कर दिया। पर मोहन सिंह ने सीट पर 11 हजार से अधिक वोट से जीत हासिल की थी।
यहां पर भाजपा समर्थित प्रत्याशी तीसरे स्थान पर पहुंच गया। कोटाबाग सीट पर भाजपा का कब्जा रहा था। यहां से रवि कन्याल ब्लाक प्रमुख पद के लिए पार्टी से मैदान में उतरना चाहते थे। बाद में उन्होंने निर्दलीय नामांकन कराया। इसके बाद पार्टी ने उन्हें निष्कासित कर दिया। पर रवि कन्याल ने कोटाबाग की सीट जीत ली। इसी तरह तरह बेतालघाट ब्लाक प्रमुख का पद भी निर्दलीय के खाते में गया है। दाड़िमा जिला पंचायत सदस्य सीट भी पार्टी से निष्कासित व पूर्व ब्लाक प्रमुख लाखन नेगी ने जीत हासिल की थी।