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Exclusive: पक्का घर मिला तो घोंसला बनाना भूल रही चिड़िया, इस वजह से पक्षियों के व्यवहार में हो रहा है बदलाव

Mon, 21 Oct 2024 02:24 PM IST
हीरा मेहरा दीपक कापड़ी, संवाद
दीपक कापड़ी, संवाद Published by: हीरा मेहरा Updated Mon, 21 Oct 2024 02:24 PM IST
सार

मनुष्य की पशु प्रेम की आदत ने चिड़ियाओं को आलसी बना दिया है। इससे वह तिनका चुगकर घोंसला बनाना और भोजना खोजना भूल रही हैं। अगर ऐसा ही रहा तो एक दिन चिड़ियाओं के जीवन में संकट पैदा हो जाएगा। यह खुलासा एक शोध में हुआ है।

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Bird forgetting to build nest after getting permanent house
चिड़िया - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अगर आपको लग रहा है कि चिड़ियां को कृत्रिम घोंसले बनाकर उन्हें भोजन दे रहे हैं तो आप बिल्कुल गलत सोच रहे हैं। मनुष्य की इस आदत से चिड़ियां का व्यवहार बदल रहा है। मनुष्य की पशु प्रेम की आदत ने चिड़ियाओं को आलसी बना दिया है। इससे वह तिनका चुगकर घोंसला बनाना और भोजना खोजना भूल रही हैं। अगर ऐसा ही रहा तो एक दिन चिड़ियाओं के जीवन में संकट पैदा हो जाएगा। यह खुलासा एक शोध में हुआ है।

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भारत में पाए जाने वाले सभी पक्षियों को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के अंतर्गत संरक्षित किया गया है। इसमें पक्षियों को खरीदना और पालना पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। हालांकि कई लोग पक्षियों की मदद के लिए उन्हें आवास उपलब्ध कराने के लिए घरों की छतों पर कृत्रिम घोंसले लगा रहे हैं। ये उसी तरह बने होते हैं, जैसे किसी पक्षी ने बनाया है। अक्सर देखा जा रहा है कि मुनष्य के आसपास रहने वाली गौरेया, मैना सहित कई चिड़ियाएं कृत्रिम घोंसलों में रह रही हैं। मुनष्य घरों के आसपास आने वाली चिड़ियाओं को चावल, गेहूं, रोटी के टुकड़े और दाल खिलाते हैं। इससे चिड़ियाएं आलसी बन रही हैं, उसे घर बनाने और खाने के लिए संघर्ष नहीं करना पड़ रहा है। बिना मेहनत के सब कुछ मिल रहा है। इससे वह अपने बच्चों को घोंसला बनाना, भोजन ढूंढना आदि चीजें नहीं सिखा पा रही हैं। इस कारण वह अपना काम भूल रही हैं जो अच्छे संकेत नहीं हैं।

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पक्षियों का व्यवहार बदलना प्रकृति के लिए अच्छा संकेत नहीं है। चिड़ियाओं पर वह लंबे समय से शोध कर हैं। शोध में पता चला है कि मनुष्य की मदद करने की आदत चिड़ियाओं को उनका काम करना भूला रही है। वह अपने बच्चों को घोंसले बनाना सहित भोजन की तलाश करना नहीं सिखा पा रहीं है।

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-प्रशांत कुमार, सीनियर वाइल्ड लाइफ बायोलॉजिस्ट पश्चिमी वृत्त हल्द्वानी

पक्षियों को पालना गैरकानूनी है अगर कोई चिड़ियाओं को पकड़कर पालते हुए पकड़ा जाएगा तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जीवों के लिए जंगल से सुरक्षित कोई जगह नहीं है।

-हिमांशु बागरी, डीएफओ तराई पूर्वी हल्द्वानी

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