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बगैर डॉक्टर चल रहा बिंदुखत्ता का अस्पताल
अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
Updated Sun, 03 Apr 2016 12:22 AM IST
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बिंदुखत्ता में संचालित एक मात्र प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सालों से डॉक्टर नहीं है। इसके चलते क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने कई बार अस्पताल में डॉक्टर की मांग की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
बिंदुखत्ता को कुछ माह पहले नगर पालिका परिषद का दर्जा दिया गया है। इसके बाद करोड़ों रुपये स्वीकृत कर सड़क, नाली समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं को लागू किए जाने का तानाबाना बुना गया। गांव में आईटीआई खोला गया। पर हजारों लोगों की स्वास्थ्य सुविधा की ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया। गांव के पीएचसी में चार साल से डॉक्टर नहीं है। अस्पताल मात्र एक फार्मासिस्ट के भरोसे चल रहा है। ग्रामीणों की मांग पर कुछ माह पहले एक होम्योपैथिक संविदा डॉक्टर को तैनात किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य सुविधाएं न मिलने से नगर स्थित पीएचसी या फिर हल्द्वानी बेस अस्पताल जाना पड़ता है। इधर, मुख्य चिकित्साधिकारी एलएम उप्रेती का कहना है कि डॉक्टरों की तैनाती का माला शासन में विचाराधीन है। फिलहाल कुछ डॉक्टरों की तैनाती की गई है, लेकिन उन्हें पर्वतीय क्षेत्र में तैनात करने की योजना है।
लालकुआं पीएचसी में धूल फांक रही एक्सरे मशीन
लालकुआं(नैनीताल)। टेक्नीशियन की तैनात न होने से पीएचसी की एक्सरे मशीन महीनों से धूल फांक रही है। अस्पताल में स्थायी डॉक्टर न होने से मई से आपातकालीन सेवा ठप है। सेवा न मिलने से लालकुआं और बिंदुखत्ता के लोगों को हल्द्वानी की ओर रुख करना पड़ता है। पीएचसी में तैनात लैब टेक्नीशियन को हल्द्वानी बेस अस्पताल में तैनात किया गया है। सीएमओ एलएम उप्रेती का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में है, लेकिन कर्मचारियों की तैनाती जैसी समस्या का हल उनके पास नहीं है।
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बिंदुखत्ता को कुछ माह पहले नगर पालिका परिषद का दर्जा दिया गया है। इसके बाद करोड़ों रुपये स्वीकृत कर सड़क, नाली समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं को लागू किए जाने का तानाबाना बुना गया। गांव में आईटीआई खोला गया। पर हजारों लोगों की स्वास्थ्य सुविधा की ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया। गांव के पीएचसी में चार साल से डॉक्टर नहीं है। अस्पताल मात्र एक फार्मासिस्ट के भरोसे चल रहा है। ग्रामीणों की मांग पर कुछ माह पहले एक होम्योपैथिक संविदा डॉक्टर को तैनात किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य सुविधाएं न मिलने से नगर स्थित पीएचसी या फिर हल्द्वानी बेस अस्पताल जाना पड़ता है। इधर, मुख्य चिकित्साधिकारी एलएम उप्रेती का कहना है कि डॉक्टरों की तैनाती का माला शासन में विचाराधीन है। फिलहाल कुछ डॉक्टरों की तैनाती की गई है, लेकिन उन्हें पर्वतीय क्षेत्र में तैनात करने की योजना है।
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लालकुआं पीएचसी में धूल फांक रही एक्सरे मशीन
लालकुआं(नैनीताल)। टेक्नीशियन की तैनात न होने से पीएचसी की एक्सरे मशीन महीनों से धूल फांक रही है। अस्पताल में स्थायी डॉक्टर न होने से मई से आपातकालीन सेवा ठप है। सेवा न मिलने से लालकुआं और बिंदुखत्ता के लोगों को हल्द्वानी की ओर रुख करना पड़ता है। पीएचसी में तैनात लैब टेक्नीशियन को हल्द्वानी बेस अस्पताल में तैनात किया गया है। सीएमओ एलएम उप्रेती का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में है, लेकिन कर्मचारियों की तैनाती जैसी समस्या का हल उनके पास नहीं है।
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