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बिजरानी की अलबेली हथिनी ने 11 किमी दूर सांवल्दे पहुंचकर उत्पात मचाया
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, रामनगर (नैनीताल)।
Updated Mon, 02 Oct 2017 01:33 AM IST
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बिजरानी की अलबेली हथिनी ने उत्पात मचाया
- फोटो : अमर उजाला
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रामनगर (नैनीताल)। कार्बेट नेशनल पार्क के बिजरानी रेंज की पालतू हथिनी अलबेली 11 किमी दूर सांवल्दे गांव पहुुंच गई। उसने गांव में शौचालय, एक घर की दीवार सहित फसल नष्ट कर दी। पालतू होने के कारण ग्रामीणों के शोर मचाने पर भी हथिनी जंगल नहीं लौटी तो सांवल्दे में कार्यरत शेर अली अलबेली को चौकी ले आया।
कार्बेट पार्क में पालतू हथिनियों से आजकल गश्त की जाती है जबकि पर्यटन सत्र में इन पर पर्यटकों को घुमाया जाता है। इनमें अलबेली हथिनी भी शामिल है। उसके महावत बाबू खां ने शनिवार दोपहर उसके पैर में जंजीर बांधकर उसे बिजरानी परिसर में चरने के लिए छोड़ दिया और खुद खाना बनाने कमरे पर आ गया। जब वह चार बजे उसे लेने गया तो उसे अलबेली नहीं मिली। बाबू ने उसकी काफी खोजबीन की।
इस दौरान रेंज के कक्ष संख्या दो की पहाड़ी में उसके पैरों के निशान मिले, लेकिन अंधेरा होने के चलते उसके खुद लौटने की उम्मीद में महावत कमरे पर लौट आया। रविवार सुबह पांच बजे अलबेली करीब 11 किमी चलकर सांवल्दे गांव में आ धमकी, जिसे ग्रामीणों ने जंगली हाथी समझा। उसे भगाने के सारे जतन कर डाले, लेकिन वह नहीं भागी। वनकर्मियों के आने तक अलबेली ने खुर्शीद, परवीन, रफीक के घरों की दीवारें तोड़ दी।
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जमीला के घर का निर्माणाधीन शौचालय तोड़कर चाय की दुकान में भी तोड़फोड़ कर दी। किशन की फसल को भी नुकसान पहुंचाया। सूचना पर पहुंचे सांवल्दे वन चौकी के शेर अली ने उसके पैर में चेन देखी तो उसे पकड़कर चौकी ले आया और इसकी सूचना रेंजर को दी। बिजरानी के रेंजर राजकुमार ने गांव का दौरा कर क्षति का जायजा लिया। कहा कि ग्रामीणों को उचित मुआवजा दिया जाएगा।
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कार्बेट पार्क में पालतू हथिनियों से आजकल गश्त की जाती है जबकि पर्यटन सत्र में इन पर पर्यटकों को घुमाया जाता है। इनमें अलबेली हथिनी भी शामिल है। उसके महावत बाबू खां ने शनिवार दोपहर उसके पैर में जंजीर बांधकर उसे बिजरानी परिसर में चरने के लिए छोड़ दिया और खुद खाना बनाने कमरे पर आ गया। जब वह चार बजे उसे लेने गया तो उसे अलबेली नहीं मिली। बाबू ने उसकी काफी खोजबीन की।
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इस दौरान रेंज के कक्ष संख्या दो की पहाड़ी में उसके पैरों के निशान मिले, लेकिन अंधेरा होने के चलते उसके खुद लौटने की उम्मीद में महावत कमरे पर लौट आया। रविवार सुबह पांच बजे अलबेली करीब 11 किमी चलकर सांवल्दे गांव में आ धमकी, जिसे ग्रामीणों ने जंगली हाथी समझा। उसे भगाने के सारे जतन कर डाले, लेकिन वह नहीं भागी। वनकर्मियों के आने तक अलबेली ने खुर्शीद, परवीन, रफीक के घरों की दीवारें तोड़ दी।
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जमीला के घर का निर्माणाधीन शौचालय तोड़कर चाय की दुकान में भी तोड़फोड़ कर दी। किशन की फसल को भी नुकसान पहुंचाया। सूचना पर पहुंचे सांवल्दे वन चौकी के शेर अली ने उसके पैर में चेन देखी तो उसे पकड़कर चौकी ले आया और इसकी सूचना रेंजर को दी। बिजरानी के रेंजर राजकुमार ने गांव का दौरा कर क्षति का जायजा लिया। कहा कि ग्रामीणों को उचित मुआवजा दिया जाएगा।