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Nainital News: फेसबुक पर आपत्तिजनक टिप्पणी का आरोपी भारत वाल्दिया दोषमुक्त
Wed, 12 Aug 2026 12:12 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Wed, 12 Aug 2026 12:12 AM IST
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नैनीताल। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रवि शंकर मिश्रा की अदालत से मेटा के फेसबुक प्लेटफॉर्म पर सिख समुदाय के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी पोस्ट करने के आरोपी मुखानी हल्द्वानी निवासी भरत सिंह वाल्दिया को दोषमुक्त करार दिया गया। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और पुलिस विवेचना में खामियों के चलते कोर्ट ने आरोपी को दोषमुक्त करार दिया।
प्रकरण के मुताबिक, लॉकडाउन के दौरान अप्रैल 2020 में गुरुद्वारा सिख सेंट्रल कमेटी के तत्कालीन अध्यक्ष रामसिंह बेदी की शिकायत पर ऊधमसिंह नगर में शून्य प्राथमिकी दर्ज की गई। बाद में इसे मुखानी थाने को हस्तांतरित किया गया। विवेचना के बाद पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत आरोपपत्र दाखिल किए। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि सोशल मीडिया पोस्ट के स्क्रीनशॉट को इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के तौर पर पेश किया गया था लेकिन इसके लिए आवश्यक 65 बी प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं किया गया।
पुलिस के अनुसार, जब्त मोबाइल में वोडाफोन का सिम था जबकि सीएफएसएल चंडीगढ़ की रिपोर्ट में उसी फोन में जियो का सिम दर्ज था। पुलिस इस अंतर का कोई संतोषजनक कारण नहीं बता सकी। यही नहीं सोशल मीडिया अकाउंट की मेटा से कोई तकनीकी जांच नहीं कराई गई। इन खामियों के चलते अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए आरोपी को बरी किया।
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प्रकरण के मुताबिक, लॉकडाउन के दौरान अप्रैल 2020 में गुरुद्वारा सिख सेंट्रल कमेटी के तत्कालीन अध्यक्ष रामसिंह बेदी की शिकायत पर ऊधमसिंह नगर में शून्य प्राथमिकी दर्ज की गई। बाद में इसे मुखानी थाने को हस्तांतरित किया गया। विवेचना के बाद पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत आरोपपत्र दाखिल किए। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि सोशल मीडिया पोस्ट के स्क्रीनशॉट को इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के तौर पर पेश किया गया था लेकिन इसके लिए आवश्यक 65 बी प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं किया गया।
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पुलिस के अनुसार, जब्त मोबाइल में वोडाफोन का सिम था जबकि सीएफएसएल चंडीगढ़ की रिपोर्ट में उसी फोन में जियो का सिम दर्ज था। पुलिस इस अंतर का कोई संतोषजनक कारण नहीं बता सकी। यही नहीं सोशल मीडिया अकाउंट की मेटा से कोई तकनीकी जांच नहीं कराई गई। इन खामियों के चलते अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए आरोपी को बरी किया।
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