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Nainital News: बेड फुल, महिलाओं को बैंच पर किया भर्ती
Fri, 26 Jan 2024 03:16 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Fri, 26 Jan 2024 03:16 AM IST
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हल्द्वानी। महिला अस्पताल में ही महिलाओं के लिए बेड का इंतजाम नहीं हो पा रहा है। हालात यह हैं कि आपातकालीन स्थिति में पहुंच रहीं महिलाओं को बेड के अभाव में बैंच पर इलाज देना पड़ रहा है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि एसटीएच रेफर करने के बाद भी महिलाएं वहां जाने को तैयार नहीं होती हैं।
बृहस्पतिवार दोपहर साढ़े 12 बजे अस्पताल के एएनसी वार्ड में दो महिलाओं को बैंच पर लिटाकर उनका इलाज किया जा रहा था। पूछने पर पता चला कि वार्ड में 10 बेड हैं, जो सभी फुल हैं। बैंच पर भर्ती मरीज ने बताया कि वह लाइन नं 16 की निवासी हैं। अचानक रक्तस्राव होने पर उन्हें अस्पताल लाया गया। गर्भवती होने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने बेड उपलब्ध नहीं कराया। बैंच पर ही इलाज दिया जा रहा है।
वहीं दूसरी बैंच पर लेटी महिला बिंदुखत्ता से आयी थी। बीती रात उनका गर्भपात हो गया, जिस कारण परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे। मगर यहां बेड खाली न होने के कारण बैंच पर ही जगह मिल सकी।
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इस मामले में अस्पताल कि सीएमएस ऊषा जंगपांगी ने कहा कि अस्पताल के सभी बेड फुल हो गए हैं। बेड की कमी के कारण मरीजों को सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर करते है, लेकिन वे एसटीएच जाने के लिए तैयार नहीं होते। कहा कि मरीज बेड न होने पर घर से ही बिस्तर लाने की बात करते हैं। इस कारण बेड खाली न होने की वजह से मरीजों को बैंच में ही उपचार दिया जा रहा है। बेड खाली होते ही मरीजों को शिफ्ट कर दिया जाएगा। कभी-कभी अस्पताल में मरीजों की भीड़ बढ़ने के कारण एक बेड में दो-दो भर्ती करने पड़ते हैं। अस्पताल में नए भवन का निर्माण हो रहा है, जिसके बाद बेड की समस्या खत्म हो जाएगी।
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बृहस्पतिवार दोपहर साढ़े 12 बजे अस्पताल के एएनसी वार्ड में दो महिलाओं को बैंच पर लिटाकर उनका इलाज किया जा रहा था। पूछने पर पता चला कि वार्ड में 10 बेड हैं, जो सभी फुल हैं। बैंच पर भर्ती मरीज ने बताया कि वह लाइन नं 16 की निवासी हैं। अचानक रक्तस्राव होने पर उन्हें अस्पताल लाया गया। गर्भवती होने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने बेड उपलब्ध नहीं कराया। बैंच पर ही इलाज दिया जा रहा है।
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वहीं दूसरी बैंच पर लेटी महिला बिंदुखत्ता से आयी थी। बीती रात उनका गर्भपात हो गया, जिस कारण परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे। मगर यहां बेड खाली न होने के कारण बैंच पर ही जगह मिल सकी।
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इस मामले में अस्पताल कि सीएमएस ऊषा जंगपांगी ने कहा कि अस्पताल के सभी बेड फुल हो गए हैं। बेड की कमी के कारण मरीजों को सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर करते है, लेकिन वे एसटीएच जाने के लिए तैयार नहीं होते। कहा कि मरीज बेड न होने पर घर से ही बिस्तर लाने की बात करते हैं। इस कारण बेड खाली न होने की वजह से मरीजों को बैंच में ही उपचार दिया जा रहा है। बेड खाली होते ही मरीजों को शिफ्ट कर दिया जाएगा। कभी-कभी अस्पताल में मरीजों की भीड़ बढ़ने के कारण एक बेड में दो-दो भर्ती करने पड़ते हैं। अस्पताल में नए भवन का निर्माण हो रहा है, जिसके बाद बेड की समस्या खत्म हो जाएगी।