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बेस अस्पताल से हरिद्वार भेजी गईं दवाएं
ब्यूरो/अमर उजाला/हल्द्वानी
Updated Mon, 16 Feb 2015 01:34 AM IST
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गढ़वाल में स्वाइन फ्लू का सबसे अधिक खतरा होने के बावजूद स्वास्थ्य महकमा और सरकार बेपरवाह है। हरिद्वार में स्वाइन फ्लू से मौत होने के बावजूद वहां स्वाइन फ्लू की दवा तक नहीं है, जिस कारण बेस अस्पताल से स्वाइन फ्लू की दवा भेजी गई है।
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प्रदेश में स्वाइन फ्लू के सबसे अधिक संदिग्ध गढ़वाल में मिले हैं। हरिद्वार जिले के रुड़की शहर में एक की स्वाइन फ्लू से मौत हो चुकी है। इसके बावजूद स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य महकमा और सरकार संजीदा नहीं है। स्वास्थ्य महानिदेशक ने आठ फरवरी को दावा किया था कि नौ या दस फरवरी को दवा पहुंच जाएगी। दवा न पहुंचने पर बेस अस्पताल के सीएमएस डा. एससी पंत को डीजी हेल्थ ने दवा भेजने का आदेश दिया। बेस अस्पताल से टैमीफ्लू की 30 और 75 मिली ग्राम की सौ-सौ कैप्सूल भेजे हैं।
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पांच हजार सैंपल की होनी है जांच
बेस अस्पताल में भर्ती खेतीखान जिला चंपावत निवासी संदिग्ध की रिपोर्ट आने में दस दिन का समय लगेगा। सीएमएस डा. एससी पंत ने बताया कि दिल्ली की लैब नेशनल कंम्यूनिकेेबिल डिजीज सेंटर में लगभग पांच हजार सैंपल जांच के लिए पड़े हुए हैं, जिस कारण रिपोर्ट आने में समय लगेगा। उन्होंने बताया कि दस दिन से पहले संदिग्ध को डिस्चार्ज नहीं किया जाएगा, हालांकि संदिग्ध की हालत में सुधार है। उसे न तो बुखार है और न ही खांसी आ रही है।
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