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हल्द्वानी में हर जगह अतिक्रमण: ड्रोन से ली तस्वीर देख वन विभाग भी दंग, चिड़ियाघर के पास तक हो गया कब्जा
Fri, 01 Mar 2024 02:15 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल
Updated Fri, 01 Mar 2024 02:15 PM IST
सार
हल्द्वानी के बागजाला में बड़े पैमाने में अतिक्रमण किया गया है। वन विभाग ने इलाके में ड्रोन के जरिए कब्जे की स्थिति को जानी और फोटोग्राफी भी कराई। हालात देख वन विभाग के अफसर दंग रह गए।
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ड्रोन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बागजाला में बड़े पैमाने पर कब्जा हुआ है। हाल में वन विभाग ने इलाके में ड्रोन के जरिए कब्जे की स्थिति को जानी और फोटोग्राफी भी कराई। हालात देख वन विभाग के अफसर दंग रह गए। अगर अंतरराष्ट्रीय चिड़ियाघर की चाहरदीवारी न होती तो इस मेगा प्रोजेक्ट की भूमि पर भी कब्जा होने की आशंका थी। अब वन विभाग अतिक्रमणकारियों से भूमि खाली कराने की तैयारी में जुटा है।
तराई पूर्वी वन प्रभाग के गौला रेंज के बागजाला में बड़े पैमाने पर कब्जा हुआ है। यहां लीज अवधि खत्म होने के बाद न तो लोगों ने लीज नवीनीकरण कराया और न ही वन भूमि को खाली किया है। इसी तरह सौ हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में वन भूमि पर कब्जा हो चुका है। इसको लेकर वन विभाग आंख बंद किए रहा। यह भूमि स्टांप पर खुर्द-बुर्द की गई है। इसकी जांच कराने की बात हुई, पर महीनों तक जांच पूरी न हो सकी। अब अतिक्रमण हटाने को लेकर नए सिरे से कोशिश तेज हुई तो जंगलात ने भी प्रयास तेज किए हैं। हाल में वन विभाग की टीम ने इलाके में ड्रोन सर्वे भी किया है। इकसे अलावा जो निर्माण काम हुए हैं। उनकी जीआई मैपिंग भी कर रहा है।
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तराई पूर्वी वन प्रभाग के गौला रेंज के बागजाला में बड़े पैमाने पर कब्जा हुआ है। यहां लीज अवधि खत्म होने के बाद न तो लोगों ने लीज नवीनीकरण कराया और न ही वन भूमि को खाली किया है। इसी तरह सौ हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में वन भूमि पर कब्जा हो चुका है। इसको लेकर वन विभाग आंख बंद किए रहा। यह भूमि स्टांप पर खुर्द-बुर्द की गई है। इसकी जांच कराने की बात हुई, पर महीनों तक जांच पूरी न हो सकी। अब अतिक्रमण हटाने को लेकर नए सिरे से कोशिश तेज हुई तो जंगलात ने भी प्रयास तेज किए हैं। हाल में वन विभाग की टीम ने इलाके में ड्रोन सर्वे भी किया है। इकसे अलावा जो निर्माण काम हुए हैं। उनकी जीआई मैपिंग भी कर रहा है।
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ड्रोन से आयी तस्वीर बता रही है कि इलाके में सुनियोजित तरीके से कब्जा हुआ है। यह कब्जा अंतरराष्ट्रीय चिड़ियाघर के पास तक पहुंच गया है, अगर पांच साल पहले दीवार न बनाई गई होती तो आशंका थी कि इस मेगा प्रोजेक्ट के अंदर तक कब्जा हो जाता। इसके अलावा तस्वीर में निर्माण कार्य के साथ खेत भी दिखाई दे रहे हैं। कई अर्द्धनिर्मित मकान भी हैं। गौला रेंज के रेंजर चंदन अधिकारी कहते हैं कि मामले में सभी आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। पहले चरण में वन भूमि पर कब्जा करने वालों को नोटिस देने समेत अन्य कार्रवाई होगी। इसके बाद लीज खत्म होने के बाद भी भूमि पर काबिज लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सड़क, बिजली की लाइन समेत सुविधा
आरक्षित वन भूमि में सरकारी विभागों ने सुविधा पहुंचाने में कमी नहीं रखी है। यहां बिजली की लाइन को बिछाया गया है। इसके अलावा सड़क समेत अन्य सुविधाओं को भी जुटाया गया है।
डीएफओ तराई पूर्वी वन प्रभाग, हिमांशु ने बताया कि बागजाला में अतिक्रमणकारियों को नोटिस देने समेत अन्य विधिक प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए अतिक्रमण को खाली कराने के लिए कार्रवाई की जाएगी।
आरक्षित वन भूमि में सरकारी विभागों ने सुविधा पहुंचाने में कमी नहीं रखी है। यहां बिजली की लाइन को बिछाया गया है। इसके अलावा सड़क समेत अन्य सुविधाओं को भी जुटाया गया है।
डीएफओ तराई पूर्वी वन प्रभाग, हिमांशु ने बताया कि बागजाला में अतिक्रमणकारियों को नोटिस देने समेत अन्य विधिक प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए अतिक्रमण को खाली कराने के लिए कार्रवाई की जाएगी।