हल्द्वानी। आबादी में हाथियों की आवाजाही, हाथी और मानवों को एक दूसरे से होने वाले नुकसान को रोकने के लिए खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्रालय की ओर से हनी मिशन की शुरुआत हुई है। इसके तहत उत्तराखंड में पहली बार किसानों को मधुमक्खी पालन के लिए निशुल्क बी-बॉक्स बांटकर खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग के अध्यक्ष मनोज कुमार ने इस कार्यक्रम की शुरुआत की है।
देशभर में मधुमक्खी पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है। उत्तराखंड के कई इलाकों में मधुमक्खी पालन के माध्यम से अब आवासीय बस्तियों में हाथियों की आवाजाही को रोकने का तरीका भी ढूंढा गया है। सोमवार को हल्द्वानी पहुंचे खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग के अध्यक्ष मनोज कुमार ने उत्तराखंड में पहली बार योजना का शुभारंभ करते हुए चौसला गांव के किसानों को मधुमक्खी पालन के डिब्बे वितरण करके किया। आयोग के निदेशक राम नारायण ने बताया कि देशभर में कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु समेत अब उत्तराखंड में भी योजना को प्रारंभ किया गया है। इसके तहत चौसला गांव के 33 किसानों को 330 मधुमक्खी पालन के बॉक्स वितरित किए गए हैं। इन बॉक्सों को गांव के चारों तरफ ऐसी जगहों पर लगाया गया है जहां से हाथियों के बस्ती में आने की ज्यादा आशंका बनी रहती हैं। निदेशक का कहना है कि यह योजना किसानों के लिए निशुल्क है।