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Nainital News: बिंता कैड़ारौ घाटी के जंगलों में एक दर्जन से अधिक मवेशियों को बांधा
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पिंता कैड़ारौ घाटी में इस तरह से बांधे गए हैं जानवर। संवाद
- फोटो : RANIKHET
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द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। लावारिस छोड़े गए अनुपयोगी जानवर ग्रामीणों की खेती चौपट कर रहे हैं। इनसे बचने के लिए बिंता कैड़ारौ घाटी के जंगलों में 12 से अधिक लावारिस मवेशियों को बांधे गए। यह प्रकरण सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन ने इन जानवरों को जंगल में छोड़ दिया है।
द्वाराहाट क्षेत्र में लावारिस पशुओं ने आतंक मचाया है। लोग टैग लगे जानवरों को भी अब लावारिस छोड़ने लगे हैं। यह जानवर खेती चौपट कर रहे हैं। कुछ लोगों ने कई जानवरों को जंगल में बांध दिया। सोशल मीडिया में खबर वायरल होने के बाद बग्वालीपोखर तहसील की टीम ने जांच की। पाया कि इन जानवरों को बंजर खेतों के किनारे स्थित पेड़ों और झाड़ियों में रस्सी से बांधा गया था। यह जानवर भूखे-प्यासे थे। टीम में बग्वालीपोखर के नायब तहसीलदार भूपाल सिंह मटियानी, कानूनगो शिवनाथ, बिंता के राजस्व उप निरीक्षक गोपाल राम, कामा के भूपेंद्र बोरा सहित बग्वालीपोखर पुलिस चौकी की टीम भी शामिल थी। प्रशासन का कहना है कि संबंधित पशुपालकों का पता लगाया जाएगा।
पशुओं को गांव से घास और पानी पिलाकर जंगल में छोड़ा गया है। किसी भी जानवर के कान में टैग साबुत नहीं थे। सारे टैग निकाले गए हैं। पशुओं को एक-दो दिन पहले ही जंगल में बांधे जाने की सूचना है।
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भूपाल सिंह मटियानी, नायब तहसीलदार, बग्वालीपोखर।
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द्वाराहाट क्षेत्र में लावारिस पशुओं ने आतंक मचाया है। लोग टैग लगे जानवरों को भी अब लावारिस छोड़ने लगे हैं। यह जानवर खेती चौपट कर रहे हैं। कुछ लोगों ने कई जानवरों को जंगल में बांध दिया। सोशल मीडिया में खबर वायरल होने के बाद बग्वालीपोखर तहसील की टीम ने जांच की। पाया कि इन जानवरों को बंजर खेतों के किनारे स्थित पेड़ों और झाड़ियों में रस्सी से बांधा गया था। यह जानवर भूखे-प्यासे थे। टीम में बग्वालीपोखर के नायब तहसीलदार भूपाल सिंह मटियानी, कानूनगो शिवनाथ, बिंता के राजस्व उप निरीक्षक गोपाल राम, कामा के भूपेंद्र बोरा सहित बग्वालीपोखर पुलिस चौकी की टीम भी शामिल थी। प्रशासन का कहना है कि संबंधित पशुपालकों का पता लगाया जाएगा।
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पशुओं को गांव से घास और पानी पिलाकर जंगल में छोड़ा गया है। किसी भी जानवर के कान में टैग साबुत नहीं थे। सारे टैग निकाले गए हैं। पशुओं को एक-दो दिन पहले ही जंगल में बांधे जाने की सूचना है।
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भूपाल सिंह मटियानी, नायब तहसीलदार, बग्वालीपोखर।