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प्रशासन अलर्ट, जिला 14 सेक्टरों में बंटा
ब्यूरो/अमर उजाला, हल्द्वानी।
Updated Mon, 06 Jul 2015 01:42 AM IST
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मौसम विभाग के अलर्ट के साथ ही रविवार शाम से मूसलाधार बरसात शुरू हो गई है। जिला प्रशासन ने एहतियातन अतिवृष्टि के मद्देनजर जिले के अति संवेदनशील क्षेत्रों में राहत एवं बचाव टीमों के साथ निगरानी के लिए अधिकारियों की तैनाती कर दी है। जिले को 14 सेक्टरों में बांटा गया है।
सहायक निदेशक खेल अख्तर अली को गौला बैराज काठगोदाम, प्रकाश चंद्र आर्य उप प्रभागीय वनाधिकारी को ठोकर लाइन हल्द्वानी, हरवंश सिंह भूमि संरक्षण अधिकारी को जवाहर नगर नई बस्ती, डीसी पंत उप प्रभागीय वनाधिकारी को श्रीलंका टापू में तैनात किया है।
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धारी एवं कोश्याकुटौली क्षेत्र में नितिन पांडे सहायक अभियंता आरईएस को ढोली गांव, तल्ला कांडा, बेड जुला, सुनकोट, केएस कनियाल सहायक अभियंता लघु सिंचाई को पतलोट, गोनियारो और इंद्रलाल आर्य अधिशासी अभियंता आरईएस को जोरासी से क्वारब के मध्य के क्षेत्र की निगरानी सौंपी गई है।
कोश्याकुटौली तहसील के तहत भवाली से जौरासी के मध्य का दायित्व आरसी पुरोहित जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक को दिया गया है। बेतालघाट के रातीघाट क्षेत्र की जिम्मेदारी दुर्गासिंह मनराल सहायक निबंधक सहकारिता, भीमताल, सलड़ी, रानीबाग का जिम्मा प्रदीप तिवारी परियोजना प्रबंधक स्वजल को दी गयी है।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 72 घंटों तक अपने तैनाती स्थल पर प्रवास करेंगे। किसी भी दशा में यातायात बाधित होने पर लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग से समन्वय कर आवंटित क्षेत्रों में स्थितियों को दुरुस्त कराएंगे। भूस्खलन, मार्ग क्षतिग्रस्त होने, वर्षा का अनुपात बढ़ने, नदियों में डिसचार्ज बढ़ने की सूचना तत्काल कंट्रोल रूम और क्षेत्र के एसडीएम और जिला कंट्रोल रूम को देंगे।
किसी भी क्षेत्र में बाढ़ एवं भू कटाव से राहत एवं बचाव कार्यों के लिए जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र को सूचित करें। केंद्र के नंबर 05942-231178, 231179 और डीएम कैंप कार्यालय के नंबर 05942-236305, 235265 एवं व्हट्सएप नम्बर 99976-55555 पर सूचना दे सकते हैं।
अतिवृष्टि को देखते हुए जिलाधिकारी दीपक रावत ने सभी अधिकारियों के अवकाश रद्द कर दिए हैं। डीएम ने कहा कि कोई भी अधिकारी जिला और विभाग नहीं छोड़ेगा।
पर्वतीय इलाकों में मूसलाधार बरसात के साथ नदियों और नालों का जल स्तर बढ़ गया है। गौला नदी के उफनाने से आसपास इलाकों में अलर्ट कर दिया है। नदी और नालों के आसपास रहने वालों से सुरक्षित जगहों पर जाने की मुनादी हो चुकी है।
एसडीएम पंकज उपाध्याय के मुताबिक बैराज के जलस्तर या डिसचार्ज में एकाएक अत्यधिक वृद्धि होने पर राजस्व, वन, सिंचाई, पुलिस विभाग की टीम गश्त करेंगी। नदी और नालों के आसपास रहने वालों को सूचित करेंगे।
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रामनगर में संजय कुशवाहा अधिशासी अभियंता नलकूप को सावल्दे क्षेत्र, निखिलेश श्रीवास्तव उपायुक्त वाणिज्य कर को कोसी बैराज, रमेश जोशी उप प्रभागीय वनाधिकारी को चुकुम क्षेत्र, एमसी जोशी खंड विकास अधिकारी को मालधनचौड में तैनात किया है।
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सहायक निदेशक खेल अख्तर अली को गौला बैराज काठगोदाम, प्रकाश चंद्र आर्य उप प्रभागीय वनाधिकारी को ठोकर लाइन हल्द्वानी, हरवंश सिंह भूमि संरक्षण अधिकारी को जवाहर नगर नई बस्ती, डीसी पंत उप प्रभागीय वनाधिकारी को श्रीलंका टापू में तैनात किया है।
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धारी एवं कोश्याकुटौली क्षेत्र में नितिन पांडे सहायक अभियंता आरईएस को ढोली गांव, तल्ला कांडा, बेड जुला, सुनकोट, केएस कनियाल सहायक अभियंता लघु सिंचाई को पतलोट, गोनियारो और इंद्रलाल आर्य अधिशासी अभियंता आरईएस को जोरासी से क्वारब के मध्य के क्षेत्र की निगरानी सौंपी गई है।
कोश्याकुटौली तहसील के तहत भवाली से जौरासी के मध्य का दायित्व आरसी पुरोहित जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक को दिया गया है। बेतालघाट के रातीघाट क्षेत्र की जिम्मेदारी दुर्गासिंह मनराल सहायक निबंधक सहकारिता, भीमताल, सलड़ी, रानीबाग का जिम्मा प्रदीप तिवारी परियोजना प्रबंधक स्वजल को दी गयी है।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 72 घंटों तक अपने तैनाती स्थल पर प्रवास करेंगे। किसी भी दशा में यातायात बाधित होने पर लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग से समन्वय कर आवंटित क्षेत्रों में स्थितियों को दुरुस्त कराएंगे। भूस्खलन, मार्ग क्षतिग्रस्त होने, वर्षा का अनुपात बढ़ने, नदियों में डिसचार्ज बढ़ने की सूचना तत्काल कंट्रोल रूम और क्षेत्र के एसडीएम और जिला कंट्रोल रूम को देंगे।
किसी भी क्षेत्र में बाढ़ एवं भू कटाव से राहत एवं बचाव कार्यों के लिए जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र को सूचित करें। केंद्र के नंबर 05942-231178, 231179 और डीएम कैंप कार्यालय के नंबर 05942-236305, 235265 एवं व्हट्सएप नम्बर 99976-55555 पर सूचना दे सकते हैं।
अतिवृष्टि को देखते हुए जिलाधिकारी दीपक रावत ने सभी अधिकारियों के अवकाश रद्द कर दिए हैं। डीएम ने कहा कि कोई भी अधिकारी जिला और विभाग नहीं छोड़ेगा।
पर्वतीय इलाकों में मूसलाधार बरसात के साथ नदियों और नालों का जल स्तर बढ़ गया है। गौला नदी के उफनाने से आसपास इलाकों में अलर्ट कर दिया है। नदी और नालों के आसपास रहने वालों से सुरक्षित जगहों पर जाने की मुनादी हो चुकी है।
एसडीएम पंकज उपाध्याय के मुताबिक बैराज के जलस्तर या डिसचार्ज में एकाएक अत्यधिक वृद्धि होने पर राजस्व, वन, सिंचाई, पुलिस विभाग की टीम गश्त करेंगी। नदी और नालों के आसपास रहने वालों को सूचित करेंगे।