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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   Accused of murder, sentenced to life

हत्या के आरोपी को आजीवन कारावास की सजा

Sun, 04 Oct 2015 01:54 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो/नैनीताल।
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो/नैनीताल। Updated Sun, 04 Oct 2015 01:54 AM IST
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जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुमकुम रानी की अदालत से शनिवार को कालाढूंगी के रियाड़ गांव में एक नवंबर 2014 को हुई हत्या के आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।

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 बता दें कि 18 मई को संबंधित मामला जिला जज की न्यायालय में आया था, चार माह 15 दिन बाद अदालत ने आरोपी को सजा सुनाई।

वाद की सुनवाई में अभियोजन पक्ष की ओर से डीजीसी सुशील कुमार शर्मा ने 10 गवाह पेश किए गए। पुरानी रंजिश व वन भूमि पर कब्जे की शिकायत करने को लेकर यह हत्या की गई।
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अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय को बताया गया कि तोक दोहड़ी ग्राम रियाड़ कालाढूंगी निवासी पार्वती देवी पत्नी राम सिंह की ओर से नौ नवंबर 2014 को गांव के ही कीर्ति सिंह पुत्र बहादुर सिंह के खिलाफ अपने इकलौते पुत्र बालम सिंह उर्फ बबलू की हत्या किए जाने की नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई।
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 रिपोर्ट में कहा गया है कि एक नवंबर की शाम आरोपी मृतक बालम के घर पर आया और उसे 4-5 दिन के काम से बाहर जाने की बात कहकर अपने साथ ले गया।

 निर्धारित समयावधि बीते जाने के बाद भी बालम के न पहुंचने पर की गई पड़ताल में पता लगा कि उस रोज कीर्ति के घर पर उसका व कीर्ति का झगड़ा हुआ था। जिसके कई पड़ोसी प्रत्यक्षदर्शी हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 364, 302, 201 के तहत मुकदमा दर्ज किया।

रिपोर्ट दर्ज होने के बाद 11 नवंबर को विवेचना अधिकारी एसआई टीआर बगरेठा ने पुलिस टीम के साथ आरोपी कीर्ति को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने बताया कि एक नवंबर की रात ही उसने बालम की लाठियों से पीटकर हत्या कर दी और शव को कालीगाढ़ के उडियार में फेंक दिया।


पुलिस ने आरोपी को हत्या के आरोप में आजीवन कारावास व 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर 6 माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।

अपहरण के आरोप में 7 वर्ष की सजा व 5 हजार रुपये अर्थदंड, साक्ष्य छुपाने में 7 वर्ष व 5 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर 1-1 माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।

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