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अमर उजाला संवाद: समाज में बढ़ रही नशाखोरी, शिक्षाविदों ने रखी राय, कहा- एकजुट होकर बच्चों को नशे से बचा पाएंगे

Wed, 09 Oct 2024 01:37 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, हल्द्वानी
अमर उजाला नेटवर्क, हल्द्वानी Published by: हीरा मेहरा Updated Wed, 09 Oct 2024 01:37 PM IST
सार

छात्र-छात्राओं में बढ़ रही नशे की लत पर लगाम लगाने के लिए पूरे समाज को एकजुट होकर कार्य करने की जरूरत है। अगर हम छात्रों को नशे से दूर रख पाएंगे तभी हमारा समाज सही दिशा की ओर अग्रसर होगा। 

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Academics expressed their opinion and said by uniting together we will be able to save children from drugs
अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में मौजूद शिक्षक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 

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छात्र-छात्राओं और युवाओं में बढ़ रही नशे की लत पर लगाम लगाने के लिए पूरे समाज को एकजुट होकर कार्य करने की जरूरत है। अगर हम छात्रों को नशे से दूर रख पाएंगे तभी हमारा समाज सही दिशा की ओर अग्रसर होगा। यह वक्तव्य शहर के शिक्षाविदों ने अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम में रखे।

 

वक्ताओं ने कहा कि छात्र-छात्राओं और युवाओं में नशे का चलन बढ़ना समाज के लिए हानिकारक है। इसका मुख्य कारण बच्चों और माता-पिता के बीच संवाद कम होना ही भी है। शिक्षकों और अभिभावकों को जरूरत है कि बच्चों को छोटी उम्र से ही सही और गलत का बोध कराएं। नशे को खत्म करने के लिए पुलिस-प्रशासन को भी सख्त कदम उठाने की जरूरत है।

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बोले वक्ता-

 

समाज में नशा तेजी से बढ़ रहा है। इसका सर्वाधिक असर बच्चों और युवाओं पर पढ़ रहा है। बच्चों को नशे से बचाने की सर्वाधिक जिम्मेदारी अभिभावकों की है। सभी माता-पिता को बच्चों की गतिविधियों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

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-दिनेश पाठक, हरगोविंद सुयाल सरस्वती विद्या मंदिर

 

 

छात्र-छात्राओं में नशे की प्रवृत्ति बढ़ने का मुख्य कारण अभिभावकों का बच्चों को समय नहीं देना भी है। अभिभावकों का बच्चों पर ध्यान होगा तो वह निश्चित ही नशे से दूर रहेंगे। अगर एकजुटता से प्रयास किए जाएं तो इस समस्या से लड़ा जा सकता है और निश्चित ही सुखद परिणाम मिलेंगे।

-बीबी जोशी, सिंथिया स्कूल जजफार्म

 

 

पहले हमारे परिवार संयुक्त होते थे। बच्चों पर ध्यान रखने के लिए बहुत सारे लोग होते थे। अब परिवार एकल होते जा रहे हैं। बच्चों पर ध्यान रखने वाला कोई नहीं है। बच्चा किस ओर जा रहा है, क्यों जा रहा, इसे देखना जरूरी है।
-दीपक नाथ, प्रधानाचार्य केवी कान्वेंट स्कूल हल्द्वानी

नशा छात्र-छात्राओं और युवाओं का जीवन बर्बाद कर रहा है। समाज में नशे ने अपनी गहरी जड़े जमा दी हैं। हम सब को समाज से नशे को खत्म करने के लिए एकजुटता से प्रयास करने होंगे।
-एकता साह, केवीएम पब्लिक स्कूल

समाज में नशा बहुत बड़ा मुद्दा है। अभिभावकों की जिम्मेदारी है कि बच्चे अगर गलत दिशा में जा रहे हैं तो उन्हें रोकें। बच्चों और युवाओं को नशा परोसने वालों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
-कमलेश भंडारी, केवीएम पब्लिक स्कूल

नशा हर किसी के लिए खतरनाक है। इससे नई पीढ़ी को बचाने की जिम्मेदारी हर किसी की है। हमें अच्छा समाज देने के लिए जागरूक होकर लड़ने की आवश्यकता है जिससे बच्चों को नशे के दलदल से बचाया जा सके।
-त्रिवेणी चंद्र कबड़वाल, विजडम पब्लिक स्कूल हल्द्वानी

नशा समाज के लिए अभिशाप बनता जा रहा है। इसे खत्म करना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। हमें प्रत्येक बच्चे को इससे बचाने की आवश्यकता है। सभी का जागरूक होकर बच्चों पर ध्यान देने की जरूरत है।
-संगीता माथुर, बीएलएम एकेडमी हल्द्वानी

हमें बच्चों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ संस्कृति और सही-गलत के बारे में बताना भी आवश्यक है। जब-जब बच्चा गलत करे, उसे उसी समय रोककर सही मार्गदर्शन करना होगा।
-ऋषभ जोशी, एसकेएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल

बच्चों के मनोविज्ञान को समझकर उन्हें उदाहरण देने चाहिए। अगर बच्चे को घर में नकारात्मक माहौल मिलता है तो वह बाहर ऐसा माहौल ढूंढता है जिसमें उसे सुकून मिले। घर से ही नकारात्मक माहौल को खत्म करना होगा।
-अनीता जोशी, सेंट लॉरेंस स्कूल

हमें बच्चों को जानने की आवश्यकता है, इसके लिए हमें उनसे जुड़ना होगा। यदि बच्चा परेशान या उदास है तो हमें जानना होगा कि उसे क्या दिक्कत है। बच्चों की काउंसिलिंग और निगरानी जरूरी है।
-विनीता श्रीवास्तव, डॉन बास्को स्कूल बेरीपड़ाव

 

बच्चे की कंपनी क्या है, उसके दोस्त कैसे हैं, हमें इसका ध्यान देना चाहिए। कम उम्र के बच्चों के लिए ये समय ऐसा होता है कि उन्हें सही गाइडेंस की जरूरत होती है। अगर समय रहते नहीं चेते तो स्थितियां और अधिक गंभीर हो सकती हैं।
-मीरा मिश्रा, प्रधानाचार्य जीजीआईसी हल्द्वानी

 

नशा बच्चों और युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रहा है। बच्चों पर विशेष रूप से ध्यान देने की आवश्यकता है। बच्चों को सही रास्ता दिखाना जरूरी है जिससे उनका आने वाला भविष्य सुखद बना रहे।
-कविता साह, महर्षि विद्या मंदिर

 

 

बच्चे तनाव दूर करने के नाम पर दवा ले रहे हैं। बच्चे प्रतिबंधित दवाएं और स्मोकिंग कर रहा है। यह उसे नकारात्मकता की ओर ले जा रहा है। बच्चों को नशीले पदार्थ, दवा आदि के दुष्परिणामों की जानकारी देना आवश्यक है।


-रविंद्र सूंठा, महर्षि विद्या मंदिर

 

 

बच्चों को रील और रियल लाइफ में अंतर बताने की आवश्कता है। बच्चे जो देखते हैं उन्हें ये ही लगता है कि ये ही जिंदगी है। अभिभावकों को बच्चों पर ध्यान रखने और परिवार में अच्छा वातावरण बनाए रखने की जरूरत है।
-आरती सती, दिल्ली पब्लिक स्कूल रामपुर रोड


 

 

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