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बच्चों के झगड़े में आतिशबाज की गोली मारकर हत्या
Nainital
Updated Mon, 20 Oct 2014 05:34 AM IST
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रामनगर। मोहल्ले में खेल रहे बच्चों के झगड़े में सपा नेता और उसके सट्टा किंग भाई ने आतिशबाज की गोली मारकर हत्या कर दी। छर्रे लगने से उसकी पत्नी भी घायल हो गई। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना थाना रामनगर के बंबाघेर मोहल्ले की है।
शनिवार देर रात समाजवादी पार्टी युवजन सभा के जिलाध्यक्ष शकील और उसका भाई सट्टा किंग वसीम पुत्र रईस अहमद निवासी बंबाघेर ने दबंगई दिखाते हुए मोहल्ले में खेल रहे कुछ बच्चों की पिटाई कर दी। बच्चों को पिटता देख एक बच्चे बिलाल (14) के पिता आतिशबाज (शादियों में आतिशबाजी करने वाला) मोहम्मद असलम (45) बीचबचाव करने पहुंचे। पीछे उनकी पत्नी नसीमा भी पहुंच गई। उन्होंने जब शकील और वसीम को टोका तो दोनों ने तमंचे से दो गोलियां असलम पर चला दीं, जिससे असलम की मौके पर ही मौत हो गई और नसीमा छर्रे लगने से घायल हो गई। गोलियों की आवाज सुनते ही मोहल्ले में दहशत फैल गई। घटना के बाद दोनों वहां से फरार हो गए। सूचना पर तुरंत एसपी सिटी पंकज भट्ट रामनगर पहुंचे। पुलिस ने देर रात दबिश देकर वसीम को बिजरानी रेंज की थपली बाबा मजार के पास गिरफ्तार कर लिया, जबकि शकील को रविवार को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से हत्या में प्रयुक्त तमंचे भी बरामद कर लिए गए। आरोपियों के खिलाफ 302, 307, 352, 506 एवं 25 आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
हत्यारोपी दोनों भाइयों पर दर्ज हैं 37 मुकदमे
वसीम और शकील पर 37 मुकदमे पंजीकृत हैं। वसीम पर 20 मुकदमे तो शकील पर 17 मुकदमे दर्ज हैं। एसएसआई मोहन चंद्र पांडे ने बताया कि दोनों भाई कोतवाली के हिस्ट्रीशीटर भी हैं।
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पत्नी और पुत्र ने की सुरक्षा की मांग
शनिवार रात बंबाघेर में चली गोलियों के मामले में मृतक की पत्नी नसीमा और पुत्र बिलाल ने पुलिस से सुरक्षा प्रदान करने की मांग की। कहा कि हत्या में शामिल लोग शातिर किस्म के अपराधी हैं और वे परिजनों के साथ कभी भी अप्रिय घटना कर सकते हैं।
मोहल्ले वालों का चहेता था असलम
मोहम्मद असलम शादी-बारातों में आतिशबाजी के साथ फूलों की सजावट का भी काम किया करते थे। दशहरे में रावण का पुतला बनाने के साथ ही लोगों को नि:शुल्क कई बीमारियों की दवा भी दिया करते थे। अपने सरल स्वभाव की वजह से वह मोहल्ले वालों के साथ ही शहर के कोने-कोने तक लोगों के जहन में बसे थे, जिसने भी उनकी हत्या की खबर सुनी, उसकी आंखें नम हो गई।
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शनिवार देर रात समाजवादी पार्टी युवजन सभा के जिलाध्यक्ष शकील और उसका भाई सट्टा किंग वसीम पुत्र रईस अहमद निवासी बंबाघेर ने दबंगई दिखाते हुए मोहल्ले में खेल रहे कुछ बच्चों की पिटाई कर दी। बच्चों को पिटता देख एक बच्चे बिलाल (14) के पिता आतिशबाज (शादियों में आतिशबाजी करने वाला) मोहम्मद असलम (45) बीचबचाव करने पहुंचे। पीछे उनकी पत्नी नसीमा भी पहुंच गई। उन्होंने जब शकील और वसीम को टोका तो दोनों ने तमंचे से दो गोलियां असलम पर चला दीं, जिससे असलम की मौके पर ही मौत हो गई और नसीमा छर्रे लगने से घायल हो गई। गोलियों की आवाज सुनते ही मोहल्ले में दहशत फैल गई। घटना के बाद दोनों वहां से फरार हो गए। सूचना पर तुरंत एसपी सिटी पंकज भट्ट रामनगर पहुंचे। पुलिस ने देर रात दबिश देकर वसीम को बिजरानी रेंज की थपली बाबा मजार के पास गिरफ्तार कर लिया, जबकि शकील को रविवार को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से हत्या में प्रयुक्त तमंचे भी बरामद कर लिए गए। आरोपियों के खिलाफ 302, 307, 352, 506 एवं 25 आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
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हत्यारोपी दोनों भाइयों पर दर्ज हैं 37 मुकदमे
वसीम और शकील पर 37 मुकदमे पंजीकृत हैं। वसीम पर 20 मुकदमे तो शकील पर 17 मुकदमे दर्ज हैं। एसएसआई मोहन चंद्र पांडे ने बताया कि दोनों भाई कोतवाली के हिस्ट्रीशीटर भी हैं।
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पत्नी और पुत्र ने की सुरक्षा की मांग
शनिवार रात बंबाघेर में चली गोलियों के मामले में मृतक की पत्नी नसीमा और पुत्र बिलाल ने पुलिस से सुरक्षा प्रदान करने की मांग की। कहा कि हत्या में शामिल लोग शातिर किस्म के अपराधी हैं और वे परिजनों के साथ कभी भी अप्रिय घटना कर सकते हैं।
मोहल्ले वालों का चहेता था असलम
मोहम्मद असलम शादी-बारातों में आतिशबाजी के साथ फूलों की सजावट का भी काम किया करते थे। दशहरे में रावण का पुतला बनाने के साथ ही लोगों को नि:शुल्क कई बीमारियों की दवा भी दिया करते थे। अपने सरल स्वभाव की वजह से वह मोहल्ले वालों के साथ ही शहर के कोने-कोने तक लोगों के जहन में बसे थे, जिसने भी उनकी हत्या की खबर सुनी, उसकी आंखें नम हो गई।