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छिपलाकेदार के नाजुरी कुंड का जल स्तर घटा
Nainital
Updated Wed, 22 Oct 2014 05:33 AM IST
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पिथौरागढ़। उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित आस्था के धाम छिपलाकेदार के पास करीब 4200 मीटर की ऊंचाई में मौजूद नाजुरी कुंड का पानी लगातार कम होता जा रहा है। नाजुरी कुंड में लगातार मलबा पट रहा है। इस कुंड का पानी कम हो जाने से पर्यावरण से जुड़े लोगों की चिंता बढ़ने लगी है। मोनाल संस्था की टीम ने तीन से 12 अक्तूबर तक इस क्षेत्र के दौरे के समय जो स्थिति देखी वह हैरान करने वाली थी। नाजुरी कुंड का पानी 60 से 75 प्रतिशत तक कम हो गया है।
मोनाल संस्था के सचिव सुरेंद्र पंवार ने बताया कि तीन साल पहले जब वह छिपलाकेदार गए थे तब नाजुरी कुंड में पानी भरा था। इस बार इस कुंड के आसपास मलबा पट गया है। किनारे तक प्लास्टिक की थैलियां बिखरी है। सफाई कोई नहीं करता। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले दिनों उस क्षेत्र में कीड़ा जड़ी खोदने गए लोगों ने नाजुरी कुंड के पास ही अपने टैंट लगा दिए थे। इन टैटों से निकलने वाली गंदगी कुंड में फैलती गई। उन्होंने बताया कि पूरे इलाके में पर्यावरण को गंभीर खतरा पैदा हो गया है। मोनाल की टीम ने एक रिपोर्ट भी तैयार की है। यह रिपोर्ट प्रदेश सरकार को सौंपी जाएगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि संरक्षण की दिशा में कदम नहीं उठाया गया तो आने वाले समय में हिमालयी क्षेत्र के सारे कुंड, सरोवर, झरने समाप्त हो जाएंगे। मोनाल की टीम में जगदीश भट्ट, वीरेंद्र दरियाल, हिमांशु बिष्ट, सुरेश पांडे, भीम सिंह जेठा आदि शामिल थे। इन लोगों ने नाजुरी कुंड के आसपास सफाई भी की लेकिन कुंड में लगातार कम हो रहे पानी के प्रति गंभीर चिंता भी जताई।
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मोनाल संस्था के सचिव सुरेंद्र पंवार ने बताया कि तीन साल पहले जब वह छिपलाकेदार गए थे तब नाजुरी कुंड में पानी भरा था। इस बार इस कुंड के आसपास मलबा पट गया है। किनारे तक प्लास्टिक की थैलियां बिखरी है। सफाई कोई नहीं करता। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले दिनों उस क्षेत्र में कीड़ा जड़ी खोदने गए लोगों ने नाजुरी कुंड के पास ही अपने टैंट लगा दिए थे। इन टैटों से निकलने वाली गंदगी कुंड में फैलती गई। उन्होंने बताया कि पूरे इलाके में पर्यावरण को गंभीर खतरा पैदा हो गया है। मोनाल की टीम ने एक रिपोर्ट भी तैयार की है। यह रिपोर्ट प्रदेश सरकार को सौंपी जाएगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि संरक्षण की दिशा में कदम नहीं उठाया गया तो आने वाले समय में हिमालयी क्षेत्र के सारे कुंड, सरोवर, झरने समाप्त हो जाएंगे। मोनाल की टीम में जगदीश भट्ट, वीरेंद्र दरियाल, हिमांशु बिष्ट, सुरेश पांडे, भीम सिंह जेठा आदि शामिल थे। इन लोगों ने नाजुरी कुंड के आसपास सफाई भी की लेकिन कुंड में लगातार कम हो रहे पानी के प्रति गंभीर चिंता भी जताई।
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