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विश्व हिंदी सम्मेलन में भाग लेने दिवाकर भट्ट, डा. तिवारी और अंडोला मॉरिशस रवाना
Nainital
Updated Wed, 09 Oct 2013 05:41 AM IST
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हल्द्वानी/नैनीताल/बागेश्वर। वरिष्ठ पत्रकार डा. गिरीश रंजन तिवारी, आधारशिला के संपादक दिवाकर भट्ट और इंटर कालेज क्वैराली (बागेश्वर) के प्रवक्ता कैलाश अंडोला विश्व हिंदी सम्मेलन में भाग लेने के लिए मॉरिशस रवाना हो गए हैं। डा. तिवारी वहां भारतीय दूतावास में विश्व हिंदी सम्मेलन में हिंदी भाषा और हिंदी पत्रकारिता पर शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे।
आधारशिला विश्व हिंदी मिशन की ओर से मॉरिशस स्थित भारतीय दूतावास में प्रस्तावित विश्व हिंदी सम्मेलन में हिंदी के विश्व स्वरूप और हिंदी साहित्य के अंतरराष्ट्रीय स्वरूप पर चर्चा होगी। साथ ही हिंदी को संयुक्त राष्ट्र संघ (यूएनओ) की आधिकारिक भाषा बनाने की पहल की जाएगी। इसका शुभारंभ मॉरिशस के उपप्रधानमंत्री अनिल कुमार बेचू और संस्कृति मंत्री मुकेश्वर चुनी करेंगे। प्रथम चरण में भारत, मॉरिशस के कलाकारों की चित्रकला प्रदर्शनी भी लगेगी। इस दौरान वहां के राष्ट्रपति भवन में भी कार्यक्रम होंगे, जिनमें कई देशों के हिंदी लेखक, भाषाविद्, संपादक शामिल होंगे। भट्ट विश्व हिंदी के समन्वयक रहेंगे। जबकि डा. तिवारी हिंदी भाषा के विकास पर सुझावों सहित इसमें हिंदी पत्रकारिता के योगदान पर शोधपत्र प्रस्तुत करेंगे।
उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व हंगरी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय हिंदी साहित्य सम्मेलन में भी डा. तिवारी ने शोध पत्र प्रस्तुत किया था। जिसे बहुत सराहा गया था और हंगरी में भारतीय राजदूत गौरीशंकर गुप्ता के हाथों उन्हें हिंदी में रचनात्मक लेखन के लिए हिंदी सेवा सम्मान मिला था। इसके अलावा डा. तिवारी मुंबई, हिमाचल प्रदेश सहित कई स्थानों पर विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सेमिनारों में शोध पत्र प्रस्तुत कर चुके हैं।
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आधारशिला विश्व हिंदी मिशन की ओर से मॉरिशस स्थित भारतीय दूतावास में प्रस्तावित विश्व हिंदी सम्मेलन में हिंदी के विश्व स्वरूप और हिंदी साहित्य के अंतरराष्ट्रीय स्वरूप पर चर्चा होगी। साथ ही हिंदी को संयुक्त राष्ट्र संघ (यूएनओ) की आधिकारिक भाषा बनाने की पहल की जाएगी। इसका शुभारंभ मॉरिशस के उपप्रधानमंत्री अनिल कुमार बेचू और संस्कृति मंत्री मुकेश्वर चुनी करेंगे। प्रथम चरण में भारत, मॉरिशस के कलाकारों की चित्रकला प्रदर्शनी भी लगेगी। इस दौरान वहां के राष्ट्रपति भवन में भी कार्यक्रम होंगे, जिनमें कई देशों के हिंदी लेखक, भाषाविद्, संपादक शामिल होंगे। भट्ट विश्व हिंदी के समन्वयक रहेंगे। जबकि डा. तिवारी हिंदी भाषा के विकास पर सुझावों सहित इसमें हिंदी पत्रकारिता के योगदान पर शोधपत्र प्रस्तुत करेंगे।
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उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व हंगरी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय हिंदी साहित्य सम्मेलन में भी डा. तिवारी ने शोध पत्र प्रस्तुत किया था। जिसे बहुत सराहा गया था और हंगरी में भारतीय राजदूत गौरीशंकर गुप्ता के हाथों उन्हें हिंदी में रचनात्मक लेखन के लिए हिंदी सेवा सम्मान मिला था। इसके अलावा डा. तिवारी मुंबई, हिमाचल प्रदेश सहित कई स्थानों पर विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सेमिनारों में शोध पत्र प्रस्तुत कर चुके हैं।
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