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अटैच के नाम खत्म होगा ‘मजा’ और ‘सजा’
Nainital
Updated Wed, 28 Aug 2013 05:35 AM IST
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हल्द्वानी। परिवहन कार्यालयों में तैनाती आदेश ताक पर रखकर कर्मचारियों को अटैच किया गया है, इसमें से कई कर्मी पहाड़ से मैदान के कार्यालयों में नौकरी अटैचमेंट के जरिए नौकरी कर रहे हैं। कुछ जगह पर अधिकारियों की भृकुटी तनने पर उन्हें सजा के तौर पर दूसरी जगहों पर तैनात किया गया है। अब ऐसे कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश परिवहन मंत्री ने दिया है।
प्रदेश के आरटीओ और एआरटीओ कार्यालय में कई कर्मचारी मूल स्थान पर तैनाती की जगह संबद्ध चल रहे हैं। यह अटैच की व्यवस्था अधिकारियों के स्तर पर की गई है। सूत्रों के अनुसार कई कर्मचारियों की पहाड़ के कार्यालयों में मूल तैनाती है, लेकिन वह मैदान के कार्यालयों में तैनात है। इसके अलावा कुछ कर्मचारियों को दूसरी जगह पर सजा के तौर पर भी अटैच किया गया है। अब संबद्धीकरण को लेकर परिवहन मंत्री ने कड़ी आपत्ति की है। सभी आरटीओ कार्यालय में एक आदेश पहुंचा है, जिसमें परिवहन मंत्री ने साफ कहा है कि अधिकारियों ने पूर्व में भी अटैच की व्यवस्था को खत्म करने को कहा था, लेकिन पालन नहीं हुआ। अब तत्काल प्रभाव से ऐसे कर्मचारियों को मूल तैनाती स्थल पर भेजा जाए। अगर किसी को ‘अपरिहार्य’ स्थिति में रोकना जरूरी भी हो, तो उसकी सूचना परिवहन मंत्री को भी दी जाए। आरटीओ ने आदेश पहुंचने की पुष्टि की है।
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प्रदेश के आरटीओ और एआरटीओ कार्यालय में कई कर्मचारी मूल स्थान पर तैनाती की जगह संबद्ध चल रहे हैं। यह अटैच की व्यवस्था अधिकारियों के स्तर पर की गई है। सूत्रों के अनुसार कई कर्मचारियों की पहाड़ के कार्यालयों में मूल तैनाती है, लेकिन वह मैदान के कार्यालयों में तैनात है। इसके अलावा कुछ कर्मचारियों को दूसरी जगह पर सजा के तौर पर भी अटैच किया गया है। अब संबद्धीकरण को लेकर परिवहन मंत्री ने कड़ी आपत्ति की है। सभी आरटीओ कार्यालय में एक आदेश पहुंचा है, जिसमें परिवहन मंत्री ने साफ कहा है कि अधिकारियों ने पूर्व में भी अटैच की व्यवस्था को खत्म करने को कहा था, लेकिन पालन नहीं हुआ। अब तत्काल प्रभाव से ऐसे कर्मचारियों को मूल तैनाती स्थल पर भेजा जाए। अगर किसी को ‘अपरिहार्य’ स्थिति में रोकना जरूरी भी हो, तो उसकी सूचना परिवहन मंत्री को भी दी जाए। आरटीओ ने आदेश पहुंचने की पुष्टि की है।
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