{"_id":"5c71af0bbdec227367367ad4","slug":"91550954251-nainital-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मछली के पापड़, अचार का स्वाद लेने को जाएं तैयार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मछली के पापड़, अचार का स्वाद लेने को जाएं तैयार
विज्ञापन
fish
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भीमताल (नैनीताल)। फलों, सब्जियों और मुर्गी के बाद अब आपको मछली के पापड़ और अचार का भी स्वाद चखने को मिलेगा। भीमताल के मत्स्य विभाग ने मत्स्य पालकों को इसका प्रशिक्षण देने की तैयारी शुरू कर दी है। इससे लोगों को रुझान मछली पालने में बढ़ने के साथ ही वह अपनी आमदनी भी बढ़ा सकेंगे।
मत्स्य विभाग निरीक्षक कुंवर सिंह बगड़वाल ने बताया कि क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की मछलियां पाई जाती हैं। अब तक मत्स्य पालक मछलियों की बिक्री करते हैं, लेकिन अब वह मछली के पापड़ और अचार बनाकर भी बेच सकेंगे। इसके लिए विभाग की ओर से मत्स्य पालकों को विशेषज्ञों द्वारा मार्च में मछली के पापड़ और अचार बनाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह विशेषज्ञ मत्स्य पालकों को मछली के पापड़ और अचार बनाने की विधि बताएंगे। अभी 15 से 20 मत्स्य पालकों को प्रशिक्षण देने की योजना है। अगर प्रयोग सफल रहा तो भविष्य में और भी मत्स्य पालकों को इसका प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससेे वह लोग भी लाभ ले सकते हैं, जो मत्स्य पालन नहीं करते हैं। इसका अचार और पापड़ बनाकर बाजार के अलावा होटलों और रिजॉटों में भी बेचा जाएगा। बगड़वाल के अनुसार मछली का अचार चार सौ से साढ़े चार सौ रुपये किलो तक आसानी से बिक जाएगा, जिससे मत्स्य पालकों की आय बढ़ेंगी।
मछली के पापड़, अचार का स्वाद लेने को जाएं तैयार
मत्स्य विभाग ने की तैयारी, मार्च से मत्स्य पालकों को मिलेगा प्रशिक्षण
सेहत के लिए फायदेमंद होगा अचार, पापड़
मत्स्य विभाग निरीक्षक कुंवर सिंह बगड़वाल ने बताया कि वैसे तो मछली सेहत के लिए काफी फायदेमंद होती है। अचार और पापड़ स्वाद बढ़ाने के साथ ही कोलस्ट्राल कम करने, आंखों की रोशनी और प्रोटीन की मात्रा बढ़ाने में भी फायदेमंद होगा। इसका प्रयोग कुमाऊं में सिर्फ नैनीताल जिले में ही पहली बार किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
मत्स्य विभाग निरीक्षक कुंवर सिंह बगड़वाल ने बताया कि क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की मछलियां पाई जाती हैं। अब तक मत्स्य पालक मछलियों की बिक्री करते हैं, लेकिन अब वह मछली के पापड़ और अचार बनाकर भी बेच सकेंगे। इसके लिए विभाग की ओर से मत्स्य पालकों को विशेषज्ञों द्वारा मार्च में मछली के पापड़ और अचार बनाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह विशेषज्ञ मत्स्य पालकों को मछली के पापड़ और अचार बनाने की विधि बताएंगे। अभी 15 से 20 मत्स्य पालकों को प्रशिक्षण देने की योजना है। अगर प्रयोग सफल रहा तो भविष्य में और भी मत्स्य पालकों को इसका प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससेे वह लोग भी लाभ ले सकते हैं, जो मत्स्य पालन नहीं करते हैं। इसका अचार और पापड़ बनाकर बाजार के अलावा होटलों और रिजॉटों में भी बेचा जाएगा। बगड़वाल के अनुसार मछली का अचार चार सौ से साढ़े चार सौ रुपये किलो तक आसानी से बिक जाएगा, जिससे मत्स्य पालकों की आय बढ़ेंगी।
विज्ञापन
मछली के पापड़, अचार का स्वाद लेने को जाएं तैयार
मत्स्य विभाग ने की तैयारी, मार्च से मत्स्य पालकों को मिलेगा प्रशिक्षण
सेहत के लिए फायदेमंद होगा अचार, पापड़
मत्स्य विभाग निरीक्षक कुंवर सिंह बगड़वाल ने बताया कि वैसे तो मछली सेहत के लिए काफी फायदेमंद होती है। अचार और पापड़ स्वाद बढ़ाने के साथ ही कोलस्ट्राल कम करने, आंखों की रोशनी और प्रोटीन की मात्रा बढ़ाने में भी फायदेमंद होगा। इसका प्रयोग कुमाऊं में सिर्फ नैनीताल जिले में ही पहली बार किया जा रहा है।
विज्ञापन