फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   बिना इस्टीमेट जमा करा शिफ्ट करा दी लाइन

बिना इस्टीमेट जमा करा शिफ्ट करा दी लाइन

Wed, 03 Oct 2018 12:57 AM IST
Updated Wed, 03 Oct 2018 12:57 AM IST
विज्ञापन
बिना इस्टीमेट जमा करा शिफ्ट करा दी लाइन
bijli
हल्द्वानी। ऊधम सिंह नगर जिले के जसपुर में एक मिल की लाइन शिफ्ट करने का मामला सवालों में है। आरोप है कि ऊर्जा निगम ने बिना इस्टीमेट जमा कराए ही ‘उदारता’ दिखाते हुए मिल की लाइन शिफ्ट कर दी है। अब मामले को लेकर शिकायत और जांच की बात भी उठी है। उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की पूर्व उपाध्यक्ष ने अधीक्षण अभियंता राजकुमार की जांच कराने और कठोर कार्रवाई करने को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है।
विज्ञापन

काशीपुर के एसई पर आरोप लगाया गया है कि ऊर्जा निगम के प्रबंध निदेशक ने 33केवी लाइन को 33केवी एक्सएलपीई में बदलने के लिए 1.65 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी थी। उसे बढ़ाकर 2.02 करोड़ रुपये कर दिया गया। जसपुर में एक मिल को फायदा पहुंचाने के लिए 33केवी की एक किमी विद्युत लाइन को दोनों सिरे से काटकर मृत कर दिया गया। इसके एवज में तीन किमी की 33केवी की नई लाइन बना दी गई।
विज्ञापन

जसपुर में हुए 48 लाख रुपये के राजस्व वसूली घोटाले के अन्य मामले में लेखाकार अरविंद सिंह रावत को अधीक्षण अभियंता ने दोषी ठहराया था और मुख्यालय से निलंबित करा दिया था। हालांकि कुछ दिनों बाद रावत को बहाल करवा दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


बिना इस्टीमेट जमा कराए मिल की लाइन कर दी शिफ्ट
33केवी की एक किलोमीटर विद्युत लाइन को दोनों सिरों से काटकर मृत कर दिया
तीन किलोमीटर की नई लाइन बनवा दी
राज्य महिला आयोग की पूर्व उपाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से शिकायत की

निविदा में किसी तरह की अनियमितता नहीं बरती गई है। निविदा संबंधी फाइल डायरेक्टर ऑपरेशन की टेबल से आगे नहीं बढ़ी और कोई काम नहीं हुआ। लाइन शिफ्ट करने के संबंध में एसई से पूछा गया था और उन्होंने लगभग पौने तीन लाख रुपये की रसीद भेजी थी। यूनियन बाजी के चलते आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है।
- बीसीके मिश्रा, प्रबंध निदेशक, यूपीसीएल।

उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की पूर्व उपाध्यक्ष की शिकायत पर एसई से जवाब-तलब किया था। अभी उनकी ओर से जवाब नहीं भेजा गया है। साथ ही निविदा की राशि बढ़ाने के संबंध में भी जवाब मांगा गया है।

- एचके गुरुरानी, मुख्य अभियंता कुमाऊं।

लाइन शिफ्टिंग का मामला एनएच का है। एनएच ने पर्यवेक्षण शुल्क देकर लाइन शिफ्ट कराई है। बिजलीघर बन चुका था इसलिए टेंडर की आवश्यकता नहीं थी और टेंडर कैंसिल हो गया। राजस्व घोटाले के मामले में मुख्यालय स्तर से लेखाकार को निलंबित किया गया था और वहीं से बहाल किया गया। निलंबित करने का अधिकार मेरे पास नहीं है।
- राजकुमार, अधीक्षण अभियंता काशीपुर।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed