{"_id":"5aecbb554f1c1b350a8b81e7","slug":"91525463893-nainital-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डाक विभाग की लापरवाही से छूटी काउंसलिंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डाक विभाग की लापरवाही से छूटी काउंसलिंग
Updated Sat, 05 May 2018 01:32 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हल्द्वानी। डाक विभाग की लापरवाही का खामियाजा एक बेरोजगार को उठाना पड़ा है। मंगलवार को लोसज्ञानी निवासी आनंद प्रसाद की पुत्री बबीता आर्य की डीएलएड प्रशिक्षण 2016 की प्रतीक्षा सूची की काउंसलिंग मंगलवार को देहरादून में होनी थी, लेकिन उसे निदेशक प्रारंभिक शिक्षा उत्तराखंड ननूरखेड़ा देहरादून से निर्गत पत्र मंगलवार को ही सुबह 11 बजे मिला। इस वजह से वह काउंसलिंग में उपस्थित नहीं हो सकी। इस बात को लेकर उसकी डाक कर्मियों से बहस भी हुई और उसने इस प्रकरण की मुख्यमंत्री समाधान पोर्टल में शिकायत दर्ज करवाई है।
बबीता ने कहा कि इससे पहले में भी उसके भाई पंकज की समूह ग की परीक्षा का प्रवेश पत्र परीक्षा के दो दिन बाद मिला था। वहीं बबीता ने मुख्यमंत्री समाधान पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाते हुए लिखा है कि निदेशक प्रारंभिक शिक्षा उत्तराखंड ननूरखेड़ा देहरादून से डीएलएड काउंसलिंग में उपस्थित होने का पत्र स्पीड पोस्ट से 26 अप्रैल को जारी किया गया, जिसमें 28 अप्रैल को हल्द्वानी डाकघर पहुंचने की मोहर लगी है। सरकारी अवकाश के चलते एक मई को प्राप्त हुआ। ऐसे में उसे एक मौका और दिया जाना चाहिए।
छात्रा की शिकायत मिलने पर जांच की जाएगी। यदि डाक विभाग के किसी कर्मचारी की गलती से ऐसा हुआ है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- जितेंद्र मर्तोलिया, विपणन प्रबंधक प्रधान डाकघर हल्द्वानी।
विज्ञापन
बबीता ने कहा कि इससे पहले में भी उसके भाई पंकज की समूह ग की परीक्षा का प्रवेश पत्र परीक्षा के दो दिन बाद मिला था। वहीं बबीता ने मुख्यमंत्री समाधान पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाते हुए लिखा है कि निदेशक प्रारंभिक शिक्षा उत्तराखंड ननूरखेड़ा देहरादून से डीएलएड काउंसलिंग में उपस्थित होने का पत्र स्पीड पोस्ट से 26 अप्रैल को जारी किया गया, जिसमें 28 अप्रैल को हल्द्वानी डाकघर पहुंचने की मोहर लगी है। सरकारी अवकाश के चलते एक मई को प्राप्त हुआ। ऐसे में उसे एक मौका और दिया जाना चाहिए।
विज्ञापन
छात्रा की शिकायत मिलने पर जांच की जाएगी। यदि डाक विभाग के किसी कर्मचारी की गलती से ऐसा हुआ है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- जितेंद्र मर्तोलिया, विपणन प्रबंधक प्रधान डाकघर हल्द्वानी।