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काश्तकारों के उत्पाद खरीदने में नाकाम सहकारी संघ
Updated Sat, 09 Dec 2017 02:33 AM IST
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हल्द्वानी। सहकारी संघ ने एक वर्ष पूर्व किसानों के उत्पाद खरीद योजना शुरू की थी। इसका उद्देश्य पर्वतीय क्षेत्र के लघु, मध्यम किसानों उत्पाद खरीदकर उन्हें बाजार दिलाना था। विधानसभा चुनाव से ठीक पूर्व शुरू की गई इस योजना को लेकर किसानों में काफी उत्साह था। जिला सहकारी संघ ने जिले की सभी 53 सहकारी समितियों में उत्पाद खरीद योजना के बैनर भी लगा दिए, लेकिन किसानों से किसी तरह के उत्पाद नहीं खरीदे गए हैं। सहकारी संघ द्वारा चुनाव पूर्व शुरू की गई इस योजना को लोगों को लुभाने के लिए किया गया चुनावी शिगूफा माना जा रहा है।
पर्वतीय क्षेत्र में अधिकतर किसान छोटी जोत के हैं। कम मात्रा में उपज होने से किसान उन्हें बाजार तक नहीं ला पाते हैं। जिला सहकारी संघ ने विधान सभा चुनाव पूर्व लघु, मध्यम किसानों के उत्पाद खरीद की योजना बनाई थी। सभी सहकारी समितियों को घर-घर जाकर किसानों के उत्पाद बाजार मूल्य पर खरीदने के निर्देश दिए गए थे। इन उत्पादों में मडुवा, झिंगोरा, दालें, सब्जियां, फल आदि शामिल हैं। छोटी जोत के किसान होने के कारण कम मात्रा के उत्पाद किसानों से खरीदकर सहकारी संघ ने स्वयं बेचने का निर्णय लिया था, लेकिन योजना को अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका है।
सालभर बाद भी उत्पाद खरीद योजना पर अमल नहीं हुआ
चुनावी शिगूफा साबित हुई लघु, मध्यम किसानों के उत्पाद खरीद योजना
लघु, मध्यम, छोटी जोत के किसानों के उत्पाद खरीद योजना सहकारी संघ ने बनाई है। फतेहपुर, बैलपड़ाव, कालाढूंगी, गरमपानी में खरीद केंद्र बनाए गए हैं लेकिन पर्वतीय इलाकों में अभी खरीद केंद्र नहीं बन पाए हैं। किसानों के उत्पाद खरीदने का काम जल्द शुरू किया जाएगा।
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- डीडी गुरुरानी, जिला सहायक निबंधक सहकारी समितियां।
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पर्वतीय क्षेत्र में अधिकतर किसान छोटी जोत के हैं। कम मात्रा में उपज होने से किसान उन्हें बाजार तक नहीं ला पाते हैं। जिला सहकारी संघ ने विधान सभा चुनाव पूर्व लघु, मध्यम किसानों के उत्पाद खरीद की योजना बनाई थी। सभी सहकारी समितियों को घर-घर जाकर किसानों के उत्पाद बाजार मूल्य पर खरीदने के निर्देश दिए गए थे। इन उत्पादों में मडुवा, झिंगोरा, दालें, सब्जियां, फल आदि शामिल हैं। छोटी जोत के किसान होने के कारण कम मात्रा के उत्पाद किसानों से खरीदकर सहकारी संघ ने स्वयं बेचने का निर्णय लिया था, लेकिन योजना को अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका है।
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सालभर बाद भी उत्पाद खरीद योजना पर अमल नहीं हुआ
चुनावी शिगूफा साबित हुई लघु, मध्यम किसानों के उत्पाद खरीद योजना
लघु, मध्यम, छोटी जोत के किसानों के उत्पाद खरीद योजना सहकारी संघ ने बनाई है। फतेहपुर, बैलपड़ाव, कालाढूंगी, गरमपानी में खरीद केंद्र बनाए गए हैं लेकिन पर्वतीय इलाकों में अभी खरीद केंद्र नहीं बन पाए हैं। किसानों के उत्पाद खरीदने का काम जल्द शुरू किया जाएगा।
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- डीडी गुरुरानी, जिला सहायक निबंधक सहकारी समितियां।