उत्तराखंड: इंफेक्शन से जीत के बाद निमोनिया से जंग हार गया भोला, रेस्क्यू सेंटर में तोड़ा दम
रामनगर कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के तराई फाटो पर्यटन जोन की शान रहे बाघ भोला की मौत हो गई। घायल अवस्था में रेस्क्यू किए गए इस बाघ ने रेस्क्यू सेंटर में एस्पिरेशन निमोनिया के कारण मंगलवार को दम तोड़ दिया।
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रामनगर कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से सटे तराई के फाटो पर्यटन जोन की शान माना जाने वाला बाघ भोला आखिरकार जिंदगी की जंग हार गया। घायल अवस्था में रेस्क्यू किए गए बाघ ने रेस्क्यू सेंटर में एस्पिरेशन निमोनिया के चलते मंगलवार को दम तोड़ दिया। वन्यजीव चिकित्सकों की टीम ने बाघ का पोस्टमार्टम कर शव को नष्ट कर दिया।
विगत माह फाटो पर्यटन जोन में पर्यटकों को बाघ के पिछले पैर में गंभीर चोट दिखाई दे रही थी। पर्यटकों ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। वन विभाग की टीम चिकित्सकों और विशेषज्ञों की सलाह पर घायल बाघ को उपचार के लिए 26 जून को रेस्क्यू सेंटर लाई। बाघ के पैर में नुकीली चीज से संक्रमण फैल गया था। इसके बाद करीब एक माह बाद बाघ स्वस्थ हो गया था लेकिन 26 अगस्त को अचानक एस्पिरेशन निमोनिया के चलते उसकी तबीयत बिगड़ गई। उपचार के दौरान बाघ ने दम तोड़ दिया।
फाटो जोन में पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय था भोला
फाटो जोन में लंबे समय से पर्यटकों को आसानी से दिखाई देने के कारण भोला बाघ सैलानियों के बीच खासा लोकप्रिय था। सफारी पर आने वाले पर्यटक अक्सर इस बाघ की एक झलक पाने के लिए उत्साहित रहते थे। उसकी पहचान फाटो जोन के प्रमुख आकर्षणों में होती थी। ऐसे में उसकी मौत से वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों में भी मायूसी है।
10 दिन पूर्व स्वस्थ पाया गया था बाघ
पार्क प्रशासन के अनुसार भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान की एक टीम ने 10 दिन पूर्व रेस्क्यू सेंटर पहुंचकर बाघ की जांच की थी। तब बाघ स्वस्थ पाया गया था। दांतों की स्थिति के अनुसार उसकी उम्र लगभग आठ से 10 वर्ष बताई गई। ऐसे में वह जंगल में लौटकर शिकार करने में असमर्थ था। लिहाजा उसे रेस्क्यू सेंटर में ही रखा गया था।
एकाएक मौत होती है एस्पिरेशन निमोनिया ने
जानकारी के अनुसार एस्पिरेशन निमोनिया फेफड़ों का एक संक्रमण है। इसमें भोजन या कोई तरल पदार्थ, लार या उल्टी के साथ गलती से सांस की नली के जरिए फेफड़ों में चला जाता है। बाहरी पदार्थ जाने के कारण फेफड़ों में बैक्टीरिया पनपने लगते हैं जिससे गंभीर सूजन और संक्रमण पैदा हो जाता है। ऐसी स्थिति में एकाएक मौत हो जाती है।
प्रथम दृष्टया बाघ की मौत एस्पिरेशन निमोनिया के चलते हुई है। बाघ का पोस्टमार्टम कर शव को नष्ट कर दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। - डॉ. दुष्यंत शर्मा, वरिष्ठ वन्यजीव चिकित्सक, सीटीआर