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हल्द्वानी की 90 प्रतिशत कॉलोनियां अवैध
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हल्द्वानी रामपुर रोड नैनी विहार में हो रही कालोनी बनने की तैयारी। अमर उजाला
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हल्द्वानी। हल्द्वानी क्षेत्र में मानकों का उल्लंघन कर कॉलोनियां काटी जा रही हैं। न सड़क मानकों के अनुसार रखी जा रही है और न ही ड्रेनेज सिस्टम का ध्यान रखा जा रहा है। जिला विकास प्राधिकरण और रेरा से भी कॉलानियों को पास नहीं कराया जा रहा है।
जिला विकास प्राधिकरण की ओर से बीते मंगलवार को भगवानपुर क्षेत्र मे सीज की गईं कॉलोनियों में ये तथ्य सामने आए। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक 90 प्रतिशत कॉलोनियों अवैध रूप से काटकर बेची जा रही हैं। हल्द्वानी, लालकुआं, कालाढूंगी और रामनगर विधानसभा क्षेत्रों में करीब 35 कॉलोनियां अवैध रूप से काटी गई हैं। अधिकांश कॉलोनियों की सड़कें 10 से 14 फीट चौड़ाई की हैं जबकि न्यूनतम 20 फीट होनी चाहिए। कॉलोनाइजर कॉलोनी में पेयजल, सड़क, पार्क, जल निकासी और बिजली की व्यवस्था भी नहीं कर रहे हैं। कॉलोनी का नक्शा तक पास नहीं कराया जा रहा है। कई जगह कॉलोनाइजर कॉलोनी काटने के दौरान दिखाई गई सड़क और पार्क तक बेच दे रहे हैं। इससे लोग खुलेआम ठगे जा रहे हैं। जिला विकास प्राधिकरण भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
कॉलोनाइजर कमा रहे हैं मोटा फायदा
हल्द्वानी। कॉलोनाइजर कॉलोनी काटकर मोटा फायदा ले रहे हैं। कॉलोनी में महंगे दामों में प्लाट लेने के बावजूद लोग सड़क, बिजली, पानी के लिए प्रशासन, विधायक के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
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ऐसे खेला जाता है खेल
हल्द्वानी। कॉलोनाइजर एक स्टांप पर किसान की जमीन क्रय करता है। जमीन स्वामी को कुल राशि का मात्र 25 प्रतिशत तक पहले दिया जाता है। साथ ही पूरी रकम देने के लिए छह महीने से दो वर्ष का समय लिया जाता है। जैसे-जैसे कॉलोनाइजर प्लाट बेचता है। जमीन स्वामी ही उसकी रजिस्ट्री करवाता है। इससे कॉलोनाइजर छुपकर पीछे से काम करता है। भगवानपुर में सील की गई कॉलोनी में ये बात निकलकर सामने आई है। बताया जाता है कि यह जमीन भू-स्वामी की है और इस कॉलोनी को काटने वाला एक सत्ताधारी पार्टी का नेता है।
ये हैं कॉलोनियों के मानक -
- कॉलोनियों को काटने से पूर्व उसका नक्शा जिला विकास प्राधिकरण और रेरा से पास कराना होता है।
- 2000 से 4000 वर्गमीटर तक के भूखंड पर मुख्य मार्ग की चौड़ाई नौ मीटर होनी चाहिए। आंतरिक मार्गों की चौड़ाई 7.5 मीटर होनी चाहिए।
- कॉलोनी की कुल भूमि का 10 प्रतिशत क्षेत्रफल का पार्क होना चाहिए।
- हाउसिंग प्रोजेक्ट शुरू करने पर सीवर, पेयजल, विद्युत, ड्रेनेज के भी इंतजाम करने होंगे।
- 500 वर्गमीटर से 2000 वर्ग मीटर भूखंड पर हाउसिंग के लिए आंतरिक मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई 7.5 मीटर होनी चाहिए।
- कॉलोनी काटने से पहले पानी, सड़क, पार्क, बिजली की व्यवस्था करनी है। इसके बाद ही कॉलोनाइजर प्लाट बेच सकता है।
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जिला विकास प्राधिकरण की ओर से बीते मंगलवार को भगवानपुर क्षेत्र मे सीज की गईं कॉलोनियों में ये तथ्य सामने आए। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक 90 प्रतिशत कॉलोनियों अवैध रूप से काटकर बेची जा रही हैं। हल्द्वानी, लालकुआं, कालाढूंगी और रामनगर विधानसभा क्षेत्रों में करीब 35 कॉलोनियां अवैध रूप से काटी गई हैं। अधिकांश कॉलोनियों की सड़कें 10 से 14 फीट चौड़ाई की हैं जबकि न्यूनतम 20 फीट होनी चाहिए। कॉलोनाइजर कॉलोनी में पेयजल, सड़क, पार्क, जल निकासी और बिजली की व्यवस्था भी नहीं कर रहे हैं। कॉलोनी का नक्शा तक पास नहीं कराया जा रहा है। कई जगह कॉलोनाइजर कॉलोनी काटने के दौरान दिखाई गई सड़क और पार्क तक बेच दे रहे हैं। इससे लोग खुलेआम ठगे जा रहे हैं। जिला विकास प्राधिकरण भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
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कॉलोनाइजर कमा रहे हैं मोटा फायदा
हल्द्वानी। कॉलोनाइजर कॉलोनी काटकर मोटा फायदा ले रहे हैं। कॉलोनी में महंगे दामों में प्लाट लेने के बावजूद लोग सड़क, बिजली, पानी के लिए प्रशासन, विधायक के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
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ऐसे खेला जाता है खेल
हल्द्वानी। कॉलोनाइजर एक स्टांप पर किसान की जमीन क्रय करता है। जमीन स्वामी को कुल राशि का मात्र 25 प्रतिशत तक पहले दिया जाता है। साथ ही पूरी रकम देने के लिए छह महीने से दो वर्ष का समय लिया जाता है। जैसे-जैसे कॉलोनाइजर प्लाट बेचता है। जमीन स्वामी ही उसकी रजिस्ट्री करवाता है। इससे कॉलोनाइजर छुपकर पीछे से काम करता है। भगवानपुर में सील की गई कॉलोनी में ये बात निकलकर सामने आई है। बताया जाता है कि यह जमीन भू-स्वामी की है और इस कॉलोनी को काटने वाला एक सत्ताधारी पार्टी का नेता है।
ये हैं कॉलोनियों के मानक -
- कॉलोनियों को काटने से पूर्व उसका नक्शा जिला विकास प्राधिकरण और रेरा से पास कराना होता है।
- 2000 से 4000 वर्गमीटर तक के भूखंड पर मुख्य मार्ग की चौड़ाई नौ मीटर होनी चाहिए। आंतरिक मार्गों की चौड़ाई 7.5 मीटर होनी चाहिए।
- कॉलोनी की कुल भूमि का 10 प्रतिशत क्षेत्रफल का पार्क होना चाहिए।
- हाउसिंग प्रोजेक्ट शुरू करने पर सीवर, पेयजल, विद्युत, ड्रेनेज के भी इंतजाम करने होंगे।
- 500 वर्गमीटर से 2000 वर्ग मीटर भूखंड पर हाउसिंग के लिए आंतरिक मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई 7.5 मीटर होनी चाहिए।
- कॉलोनी काटने से पहले पानी, सड़क, पार्क, बिजली की व्यवस्था करनी है। इसके बाद ही कॉलोनाइजर प्लाट बेच सकता है।