{"_id":"577d68bb4f1c1b6e697fc076","slug":"81st-birthday-wish-longevity","type":"story","status":"publish","title_hn":"81वें जन्मदिन पर दीर्घायु की कामना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
81वें जन्मदिन पर दीर्घायु की कामना
अमर उजाला ब्यूरो, नैनीताल
Updated Thu, 07 Jul 2016 01:53 AM IST
विज्ञापन
दलाई लामा का 81 वां जन्मिदिन मनया
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नैनीताल। तिब्बती समुदाय ने नैनीताल में धार्मिक गुरु दलाईलामा का 81वां जन्मदिन धूमधाम से मनाया। इस मौके पर सुख निवास स्थित बौद्ध मठ में विविध धार्मिक अनुष्ठान हुए। इसके अलावा दिनभर तिब्बतियों ने कई रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया। जन्मदिन की वजह से तिब्बतियों के साथ ही भोटिया, खंपा बाजार भी पूरी तरह से बंद रहा। लोगों ने दलाईलामा की दीर्घायु की कामना के साथ ही नगर, प्रदेश व विश्वशांति के लिए विशेष प्रार्थना सभा की।
इससे पूर्व सुबह आठ बजे तिब्बती व भोटिया समुदाय के लोग सुख निवास स्थित बौद्ध मठ में जमा हुए। उसके बाद मठ के मुख्य पुजारी कुनछुक के नेतृत्व में दलाईलामा की दीर्घायु के लिए प्रार्थना की गई। इस दौरान उन्होंने मुख्यालय धर्मशाला से आए धार्मिक गुरु दलाईलामा के संदेश को सभी को पढ़कर सुनाया।
तिब्बती समुदाय की दुकानें बृहस्पतिवार को भी बंद रहेंगीं। जबकि भोटिया समुदाय की दुकानें खुली रहेंगी। इस मौके पर लोपसंग, प्रेमा जी सिथार, सागमो, सुलट्रिम, तेनजिंग छिम्पे, सेरिंग तोपगिल, येसी थुपतेन, आनंद सिंह खंपा, खड़क सिंह, श्याम सिंह, शेर सिंह, लोबो, पी. सागमो, जानकी देवी, गौनजेन, छीमी समेत तिब्बती व भोटिया समुदाय के दर्जनों लोग मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
इससे पूर्व सुबह आठ बजे तिब्बती व भोटिया समुदाय के लोग सुख निवास स्थित बौद्ध मठ में जमा हुए। उसके बाद मठ के मुख्य पुजारी कुनछुक के नेतृत्व में दलाईलामा की दीर्घायु के लिए प्रार्थना की गई। इस दौरान उन्होंने मुख्यालय धर्मशाला से आए धार्मिक गुरु दलाईलामा के संदेश को सभी को पढ़कर सुनाया।
विज्ञापन
तिब्बती समुदाय की दुकानें बृहस्पतिवार को भी बंद रहेंगीं। जबकि भोटिया समुदाय की दुकानें खुली रहेंगी। इस मौके पर लोपसंग, प्रेमा जी सिथार, सागमो, सुलट्रिम, तेनजिंग छिम्पे, सेरिंग तोपगिल, येसी थुपतेन, आनंद सिंह खंपा, खड़क सिंह, श्याम सिंह, शेर सिंह, लोबो, पी. सागमो, जानकी देवी, गौनजेन, छीमी समेत तिब्बती व भोटिया समुदाय के दर्जनों लोग मौजूद थे।
विज्ञापन