{"_id":"5c9e66c4bdec22141c6e6c05","slug":"81553884868-nainital-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पेड़ कभी भी गिर सकता है, इसे कटवा दो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पेड़ कभी भी गिर सकता है, इसे कटवा दो
विज्ञापन
बागेश्वर। ग्राम पंचायत शीशाखानी के छानाउपाध्याय गांव के 11 घरों के पीछे खड़ा चीड़ का एक विशालकाय चीड़ का जीर्णशीर्ण पेड़ कभी भी उखड़ सकता है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर पेड़ को जल्द कटवाने के लिए वन विभाग को निर्देश देने और आपदा से ध्वस्त रास्ते का जल्द पुनर्निर्माण करने की मांग की है।
जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में छानापानी गांव के ग्रामीणों ने कहा है गांव के पीछे चीड़ का एक बड़ा सा जीर्णशीर्ण पेड़ है। बरसात और हवा के दौरान पेड़ के उखड़ने की आशंका है। दुर्भाग्य से पेड़ ढह गया तो इससे 11 घरों के ऊपर खतरा मंडराएगा।
वर्ष 2010 की आपदा में शीशाखानी-छानापानी पैदल मार्ग बुरी तरह ध्वस्त हो गया था। तब से रास्ते का पुनर्निर्माण नहीं हो सका है। ग्रामीणों ने डीएम से दोनों समस्याओं का जल्द समाधान करने की गुहार लगाई है। ज्ञापन देने वालों में राम प्रसाद आदि शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में छानापानी गांव के ग्रामीणों ने कहा है गांव के पीछे चीड़ का एक बड़ा सा जीर्णशीर्ण पेड़ है। बरसात और हवा के दौरान पेड़ के उखड़ने की आशंका है। दुर्भाग्य से पेड़ ढह गया तो इससे 11 घरों के ऊपर खतरा मंडराएगा।
विज्ञापन
वर्ष 2010 की आपदा में शीशाखानी-छानापानी पैदल मार्ग बुरी तरह ध्वस्त हो गया था। तब से रास्ते का पुनर्निर्माण नहीं हो सका है। ग्रामीणों ने डीएम से दोनों समस्याओं का जल्द समाधान करने की गुहार लगाई है। ज्ञापन देने वालों में राम प्रसाद आदि शामिल हैं।
विज्ञापन