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मृदा परीक्षण में डूंगरी गांव की मिट्टी के 31 नमूने पास
Updated Sat, 17 Mar 2018 02:08 AM IST
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हल्द्वानी। सुदूरवर्ती ओखलकांडा ब्लाक के डूंगरी गांव में चाय बागान की स्थापना का रास्ता धीरे-धीरे साफ होता जा रहा है। चाय विकास बोर्ड की ओर से कराए गए मृदा परीक्षण में अब तक गांव की मिट्टी के 31 नमूने पास हो चुके हैं। दूसरी ओर अब प्रस्तावित भूमि में सिंचाई सुविधा की उपलब्धता जांचने के लिए शीघ्र ही अधिकारियों की टीम गांव का दौरा करेगी।
चाय विकास बोर्ड पहली बार ओखलकांडा ब्लाक में चाय बागान की स्थापना के प्रयास कर रहा है। इसके लिए डूंगरी गांव में 495 हेक्टेयर भूमि का चयन किया गया है। श्यामखेत (भवाली) स्थित चाय बागान के प्रभारी नवीन चंद्र पांडे को डूंगरी गांव में चाय बागान की स्थापना का जिम्मा सौंपा गया है। पांडे के मुताबिक डूंगरी गांव से मिट्टी के सौ नमूने मृदा परीक्षण प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे गए थे। जांच में 31 नमूने पास हो गए हैं यानी उक्त क्षेत्र की मिट्टी चाय उत्पादन के लिए मुफीद है।
पांडे के मुताबिक मिट्टी के शेष नमूनों की जांच रिपोर्ट अभी आनी है। उन्होंने बताया कि बागान की स्थापना के लिए सिंचाई सुविधा जरूरी है क्योंकि चाय की पौध लगाने के बाद तीन साल तक उसे सिंचाई की जरूरत पड़ती है। उन्होंने बताया कि डूंगरी गांव के प्रस्तावित बागान में सिंचाई सुविधा कैसे उपलब्ध होगी इसकी जांच के लिए शीघ्र ही अधिकारियों और भू वैज्ञानिकों की टीम गांव का भ्रमण करेगी।
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सिंचाई सुविधा को देखने के लिए अधिकारी करेंगे गांव का निरीक्षण
ओखलकांडा के डूंगरी गांव में चाय बागान की स्थापना का मामला
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चाय विकास बोर्ड पहली बार ओखलकांडा ब्लाक में चाय बागान की स्थापना के प्रयास कर रहा है। इसके लिए डूंगरी गांव में 495 हेक्टेयर भूमि का चयन किया गया है। श्यामखेत (भवाली) स्थित चाय बागान के प्रभारी नवीन चंद्र पांडे को डूंगरी गांव में चाय बागान की स्थापना का जिम्मा सौंपा गया है। पांडे के मुताबिक डूंगरी गांव से मिट्टी के सौ नमूने मृदा परीक्षण प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे गए थे। जांच में 31 नमूने पास हो गए हैं यानी उक्त क्षेत्र की मिट्टी चाय उत्पादन के लिए मुफीद है।
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पांडे के मुताबिक मिट्टी के शेष नमूनों की जांच रिपोर्ट अभी आनी है। उन्होंने बताया कि बागान की स्थापना के लिए सिंचाई सुविधा जरूरी है क्योंकि चाय की पौध लगाने के बाद तीन साल तक उसे सिंचाई की जरूरत पड़ती है। उन्होंने बताया कि डूंगरी गांव के प्रस्तावित बागान में सिंचाई सुविधा कैसे उपलब्ध होगी इसकी जांच के लिए शीघ्र ही अधिकारियों और भू वैज्ञानिकों की टीम गांव का भ्रमण करेगी।
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सिंचाई सुविधा को देखने के लिए अधिकारी करेंगे गांव का निरीक्षण
ओखलकांडा के डूंगरी गांव में चाय बागान की स्थापना का मामला