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माओवादियों की तलाश में वकीलों के घरों में छापेमारी का विरोध
Updated Mon, 25 Sep 2017 10:48 PM IST
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अल्मोड़ा। कुछ संदिग्ध माओवादियों की तलाश के लिए पुलिस द्वारा अल्मोड़ा में कुछ अधिवक्ताओं के घर में छापेमारी करने पर बार एसोसिएशन ने कड़ा ऐतराज जताया है। बार एसोसिएशन ने जिलाधिकारी और एसएसपी को ज्ञापन देकर तलाशी वारंट के बगैर ही अधिवक्ता के घर में दर्जन भर पुलिस कर्मियों द्वारा तलाशी लिए जाने की निंदा की है। बार एसोसिएशन ने घटना की पुनरावत्ति होने पर कड़े कदम उठाने की चेतावनी दी है।
डीएम और एसएसपी को दिए ज्ञापन में बार एसोसिएशन सदस्यों ने आरोप लगाया कि रविवार सुबह दर्जन भर पुलिस कर्मी बगैर वारंट के डुबकिया निवासी अधिवक्ता जीवन चंद्र के घर में घुस आए और मकान के चारों ओर फैल गए। अधिवक्ता के पूछने पर किसी व्यक्ति को तलाश करने की बात कही गई। उन्होंने आरोप लगाया कि सुनियोजित षड्यंत्र के चलते अधिवक्ता जीवन चंद्र जेसी की छवि को खराब किया गया। इसके बाद पुलिस हुक्का क्लब में अधिवक्ता विमला के घर भी गई। उन्होंने इसे पुलिस की गैर कानूनी कार्रवाई बताते हुए रोष जताया।
वक्ताओं ने कहा कि दोनों अधिवक्ता बार एसोसिएशन के सदस्य हैं और इन पर किसी न्यायालय में वाद भी लंबित नहीं है। उन्होंने पुलिस और गुप्तचर विभाग पर दुर्भावना से साजिश रचने का आरोप लगाया। बार एसोसिएशन ने मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने, घटना की पुनरावृत्ति होने पर कड़े कदम उठाने की चेतावनी देते हुए पुलिस द्वारा की गई कथित जांच को सार्वजनिक करने की मांग की है, ताकि जनता का भ्रम दूर हो सके। ज्ञापन देने वालों में बार एसोसिएशन अध्यक्ष भानु प्रकाश तिलारा, केवल सती, पीसी तिवारी, महेश परिहार, भगवती प्रसाद पंत, कमलेश कुमार, डीडी शर्मा, गोविंद लाल वर्मा, केएन पांडे, भगवान वर्मा आदि शामिल हैं।
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डीएम और एसएसपी को दिए ज्ञापन में बार एसोसिएशन सदस्यों ने आरोप लगाया कि रविवार सुबह दर्जन भर पुलिस कर्मी बगैर वारंट के डुबकिया निवासी अधिवक्ता जीवन चंद्र के घर में घुस आए और मकान के चारों ओर फैल गए। अधिवक्ता के पूछने पर किसी व्यक्ति को तलाश करने की बात कही गई। उन्होंने आरोप लगाया कि सुनियोजित षड्यंत्र के चलते अधिवक्ता जीवन चंद्र जेसी की छवि को खराब किया गया। इसके बाद पुलिस हुक्का क्लब में अधिवक्ता विमला के घर भी गई। उन्होंने इसे पुलिस की गैर कानूनी कार्रवाई बताते हुए रोष जताया।
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वक्ताओं ने कहा कि दोनों अधिवक्ता बार एसोसिएशन के सदस्य हैं और इन पर किसी न्यायालय में वाद भी लंबित नहीं है। उन्होंने पुलिस और गुप्तचर विभाग पर दुर्भावना से साजिश रचने का आरोप लगाया। बार एसोसिएशन ने मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने, घटना की पुनरावृत्ति होने पर कड़े कदम उठाने की चेतावनी देते हुए पुलिस द्वारा की गई कथित जांच को सार्वजनिक करने की मांग की है, ताकि जनता का भ्रम दूर हो सके। ज्ञापन देने वालों में बार एसोसिएशन अध्यक्ष भानु प्रकाश तिलारा, केवल सती, पीसी तिवारी, महेश परिहार, भगवती प्रसाद पंत, कमलेश कुमार, डीडी शर्मा, गोविंद लाल वर्मा, केएन पांडे, भगवान वर्मा आदि शामिल हैं।
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