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पूल को लेकर संजय नारंग को फिर से सुनवाई का मौका दे कैंट
Updated Wed, 06 Sep 2017 02:23 AM IST
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नैनीताल। उच्च न्यायालय ने क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के नजदीकी मित्र संजय नारंग के मसूरी स्थित भवन में निर्मित पूल और तालाब को लेकर कैंट बोर्ड के नोटिस को निरस्त कर दिया है। न्यायालय ने कैंट से संजय नारंग को सुनवाई का मौका देकर मामले को निस्तारित करने को कहा है। अन्य निर्माण मामले में नारंग की अपील को न्यायालय ने खारिज किया है।
मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ एव न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। संजय नारंग ने याचिका दायर कर छह नवंबर 2014 के कैंट बोर्ड के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें याचिकाकर्ता की ओर से किये गए लगभग 28 हजार स्क्वायर फीट निर्माण को ध्वस्त करने के आदेश दिए गए थे। याची का यह भी कहना था की ध्वस्तीकरण के आदेश के पहले याची को कोई नोटिस नहीं दिया गया। एकल पीठ ने याचिका को खारिज कर दिया था। उक्त आदेश के विरुद्ध याची ने विशेष अपील दायर की। मुख्य न्यायाधीश केएम जोसफ और न्यायाधीश वीके बिष्ट की खंडपीठ ने पूल को छोड़कर अन्य निर्माण के संबंध में दिए गए ध्वस्तीकरण के आदेश सही मानते हुए विशेष अपील को खारिज कर दिया। पूल एवं तालाब के संबंध में फिर से सुनवाई करने के आदेश कैंट बोर्ड को दिए।
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मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ एव न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। संजय नारंग ने याचिका दायर कर छह नवंबर 2014 के कैंट बोर्ड के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें याचिकाकर्ता की ओर से किये गए लगभग 28 हजार स्क्वायर फीट निर्माण को ध्वस्त करने के आदेश दिए गए थे। याची का यह भी कहना था की ध्वस्तीकरण के आदेश के पहले याची को कोई नोटिस नहीं दिया गया। एकल पीठ ने याचिका को खारिज कर दिया था। उक्त आदेश के विरुद्ध याची ने विशेष अपील दायर की। मुख्य न्यायाधीश केएम जोसफ और न्यायाधीश वीके बिष्ट की खंडपीठ ने पूल को छोड़कर अन्य निर्माण के संबंध में दिए गए ध्वस्तीकरण के आदेश सही मानते हुए विशेष अपील को खारिज कर दिया। पूल एवं तालाब के संबंध में फिर से सुनवाई करने के आदेश कैंट बोर्ड को दिए।
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