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बेवजह निकाय चुनाव न टाले सरकार: हाईकोर्ट
Updated Wed, 18 Apr 2018 02:16 AM IST
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नैनीताल। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को 23 अप्रैल तक निकायों के परिसीमन की अंतिम अधिसूचना जारी कर इसकी जानकारी राज्य निर्वाचन आयोग को उपलब्ध के आदेश दिए हैं। राज्य निर्वाचन आयोग की याचिका पर अगली सुनवाई 24 अप्रैल को होगी।
मंगलवार को न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया ने मामले की सुनवाई करते हुए सरकार से कहा कि बेवजह चुनाव न टाले जाएं। सरकार परिसीमन, आरक्षण निर्धारण, मतदाता सूची आदि की मौजूदा स्थिति को देखते हुए चुनाव कराए। इससे पहले सरकार ने न्यायालय में जवाब दाखिल कर 12 मई को चुनाव कार्यक्रम राज्य निर्वाचन आयोग को सौंप देने का इरादा जाहिर किया था।
अपने जवाब में सरकार ने कहा था कि 12 अप्रैल तक परिसीमन की अंतिम अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। मंगलवार को न्यायालय की ओर से जारी आदेश से सरकार के इस कार्यक्रम पर ही मुहर लगती दिख रही है। हालांकि, न्यायालय ने अगली सुनवाई 24 अप्रैल को तय कर यह भी जता दिया है कि उसकी इस मामले पर पूरी तरह से निगाह रहेगी।
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राज्य निर्वाचन आयोग के अधिवक्ता संजय अधिवक्ता संजय भट्ट के मुताबिक 24 अप्रैल को होने वाली सुनवाई से यह उम्मीद है कि निकाय चुनाव जल्द से जल्द हो जाएंगे। फिलहाल, न्यायालय के इस अंतरिम आदेश से सरकार कुछ हद तक राहत महसूस कर सकती है। यह बहुत हद तक सरकार की निकाय चुनाव की तैयारी से भी मेल खाता है।
प्रदेश के अपनी तरह के पहले मामले में निकाय चुनाव समय से न होने की शिकायत को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने कुछ समय पूर्व उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। आयोग का कहना था कि सरकार निकाय चुनाव समय से कराने के लिए तत्पर नहीं है। तीन मई तक निकायों में बोर्ड गठित हो जाने चाहिए थे।
राज्य निर्वाचन आयोग के बार-बार के आग्रह के बाद भी चुनाव कार्यक्रम जारी नहीं किया जा रहा है। 11 अप्रैल के बाद इसमें 16 अप्रैल को सुनवाई हुई। इस दिन न्यायालय ने 18 मई को सुनवाई करना तय किया था, लेकिन राज्य निर्वाचन आयोग के आग्रह के बाद सुनवाई 17 अप्रैल को तय कर दी थी।
23 अप्रैल तक निकाय परिसीमन की अंतिम अधिसूचना जारी करने के निर्देश
24 अप्रैल को अगली सुनवाई चुनाव पर न्यायालय की पैनी निगाह का संकेत
अगली सुनवाई में जल्द चुनाव के निर्देश हो जाने की उम्मीद: अधिवक्ता संजय भट्ट
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मंगलवार को न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया ने मामले की सुनवाई करते हुए सरकार से कहा कि बेवजह चुनाव न टाले जाएं। सरकार परिसीमन, आरक्षण निर्धारण, मतदाता सूची आदि की मौजूदा स्थिति को देखते हुए चुनाव कराए। इससे पहले सरकार ने न्यायालय में जवाब दाखिल कर 12 मई को चुनाव कार्यक्रम राज्य निर्वाचन आयोग को सौंप देने का इरादा जाहिर किया था।
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अपने जवाब में सरकार ने कहा था कि 12 अप्रैल तक परिसीमन की अंतिम अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। मंगलवार को न्यायालय की ओर से जारी आदेश से सरकार के इस कार्यक्रम पर ही मुहर लगती दिख रही है। हालांकि, न्यायालय ने अगली सुनवाई 24 अप्रैल को तय कर यह भी जता दिया है कि उसकी इस मामले पर पूरी तरह से निगाह रहेगी।
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राज्य निर्वाचन आयोग के अधिवक्ता संजय अधिवक्ता संजय भट्ट के मुताबिक 24 अप्रैल को होने वाली सुनवाई से यह उम्मीद है कि निकाय चुनाव जल्द से जल्द हो जाएंगे। फिलहाल, न्यायालय के इस अंतरिम आदेश से सरकार कुछ हद तक राहत महसूस कर सकती है। यह बहुत हद तक सरकार की निकाय चुनाव की तैयारी से भी मेल खाता है।
प्रदेश के अपनी तरह के पहले मामले में निकाय चुनाव समय से न होने की शिकायत को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने कुछ समय पूर्व उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। आयोग का कहना था कि सरकार निकाय चुनाव समय से कराने के लिए तत्पर नहीं है। तीन मई तक निकायों में बोर्ड गठित हो जाने चाहिए थे।
राज्य निर्वाचन आयोग के बार-बार के आग्रह के बाद भी चुनाव कार्यक्रम जारी नहीं किया जा रहा है। 11 अप्रैल के बाद इसमें 16 अप्रैल को सुनवाई हुई। इस दिन न्यायालय ने 18 मई को सुनवाई करना तय किया था, लेकिन राज्य निर्वाचन आयोग के आग्रह के बाद सुनवाई 17 अप्रैल को तय कर दी थी।
23 अप्रैल तक निकाय परिसीमन की अंतिम अधिसूचना जारी करने के निर्देश
24 अप्रैल को अगली सुनवाई चुनाव पर न्यायालय की पैनी निगाह का संकेत
अगली सुनवाई में जल्द चुनाव के निर्देश हो जाने की उम्मीद: अधिवक्ता संजय भट्ट