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छोड़ना पड़ा रिवर ट्रेनिंग का मोह, कैलाश में होगी बाढ़ सुरक्षा
Updated Sun, 18 Jun 2017 01:05 AM IST
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छोड़ना पड़ा रिवर ट्रेनिंग का मोह, कैलाश में होगी बाढ़ सुरक्षा
हल्द्वानी।
आखिरकार प्रशासन को रिवर ट्रेनिंग का मोह छोड़ बाढ़ सुरक्षा की सुध आ गई। डीएम ने सिंचाई विभाग को कैलाश नदी का मुहाना खोल कर बाढ़ प्रबंधन के निर्देश दिए हैं। इधर सिंचाई विभाग ने योजना की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
सिंचाई विभाग के कैलाश नदी में मुहाना खोलने के 28 लाख के बाढ़ सुरक्षा के प्रस्ताव को शासन ने मंजूरी नहीं दी थी इस खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर में कैलाश नदी का मुहाना नहीं खोलने पर नंधौर का पानी डायवर्ट नहीं होने से चोरगलिया और आसपास के गांवों में बाढ़ से तबाही की आशंका जताई थी। खबर से चेते चोरगलिया के बाशिंदों ने शनिवार को डीएम को ज्ञापन सौंप कर कैलाश नदी का मुहाना नहीं खुलने पर दुबेलबेरा, आमखेड़ा, सुनारधड़ा, कुटलिया और बिहारी नगर में बाढ़ का हवाला देते हुए बाढ़ सुरक्षा की मांग की।
ज्ञापन देने वालों में पान सिंह मेवाड़ी, भुवन कोटलिया, प्रेम बिष्ट शंकट टम्टा आदि शामिल थे। इधर डीएम ने मामले का संज्ञान लेते हुए सिंचाई विभाग ईई टीडी कांडपाल को तत्काल बाढ़ सुरक्षा के लिए कैलाश नदी का मुहाना खोलने के निर्देश दिए हैं। ईई कांडपाल ने भी इसकी पुष्टि की है। फिलहाल सिंचाई विभाग ने प्रस्ताव को रिव्यू कर रहा है, साथ ही वन विभाग से भी अनुमति के लिए आवेदन किया जा रहा है। वन से अनुमति मिलते ही नदी के मुहाना खोलने का काम शुरू किया जाएगा।
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हल्द्वानी।
आखिरकार प्रशासन को रिवर ट्रेनिंग का मोह छोड़ बाढ़ सुरक्षा की सुध आ गई। डीएम ने सिंचाई विभाग को कैलाश नदी का मुहाना खोल कर बाढ़ प्रबंधन के निर्देश दिए हैं। इधर सिंचाई विभाग ने योजना की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
सिंचाई विभाग के कैलाश नदी में मुहाना खोलने के 28 लाख के बाढ़ सुरक्षा के प्रस्ताव को शासन ने मंजूरी नहीं दी थी इस खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर में कैलाश नदी का मुहाना नहीं खोलने पर नंधौर का पानी डायवर्ट नहीं होने से चोरगलिया और आसपास के गांवों में बाढ़ से तबाही की आशंका जताई थी। खबर से चेते चोरगलिया के बाशिंदों ने शनिवार को डीएम को ज्ञापन सौंप कर कैलाश नदी का मुहाना नहीं खुलने पर दुबेलबेरा, आमखेड़ा, सुनारधड़ा, कुटलिया और बिहारी नगर में बाढ़ का हवाला देते हुए बाढ़ सुरक्षा की मांग की।
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ज्ञापन देने वालों में पान सिंह मेवाड़ी, भुवन कोटलिया, प्रेम बिष्ट शंकट टम्टा आदि शामिल थे। इधर डीएम ने मामले का संज्ञान लेते हुए सिंचाई विभाग ईई टीडी कांडपाल को तत्काल बाढ़ सुरक्षा के लिए कैलाश नदी का मुहाना खोलने के निर्देश दिए हैं। ईई कांडपाल ने भी इसकी पुष्टि की है। फिलहाल सिंचाई विभाग ने प्रस्ताव को रिव्यू कर रहा है, साथ ही वन विभाग से भी अनुमति के लिए आवेदन किया जा रहा है। वन से अनुमति मिलते ही नदी के मुहाना खोलने का काम शुरू किया जाएगा।
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