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अनीता और भुवन के वक्त भर रहा है जख्म
Updated Tue, 24 Jul 2018 02:04 AM IST
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हल्द्वानी। बदमाशों ने कोचिंग संचालक भुवन भट्ट और आरके टेंट हाउस रोड की निवासी अनीता रौतेला को जो जख्म दिए हैं, उनकी भरपाई वक्त धीरे-धीरे कर रहा है। दोेनों को काफी कुछ याद आने लगा है। इनका इलाज कर रहे डॉक्टरों के अनुसार दोनों एमेजिया नामक बीमारी की गिरफ्त में हैं, इसमें सिर में सूजन कम होने, खून का थक्का (क्लॉटिंग) खत्म होने पर स्मृतियां पूरी तरह वापस आने की संभावना रहती है।
भुवन का इलाज करने वाले वरिष्ठ न्यूरो सर्जन डॉ. महेश शर्मा ने बताया कि चोटिल व्यक्ति को यह भी याद नहीं रहता है कि चोट कैसे लगी है। मेडिकल की भाषा में इसको एमेजिया कहते हैं। उन्होंने बताया कि चोट कितनी गहरी और व्यक्ति कितने देर तक बेहोश रहा है, इस पर भी बहुत कुछ निर्भर करता है। दिमाग में सूजन कम होने पर और क्लॉटिंग खत्म होने पर धीरे-धीरे सब याद आने लगता है। उन्होंने बताया कि सिर के बीच के हिस्से में दिमाग में रेक्टीकुलर एक्टीवेटिंग सिस्टम होता है, जिसमें मेमोरी का स्टोरेज रहता है। बहुत अधिक छोटे क्लॉट होने पर भी कुछ याद नहीं रहता है।
अनीता का इलाज कर रहे वरिष्ठ न्यूरो सर्जन डॉ. पुनीत गोयल का कहना है कि शरीर में क्लॉटिंग होने के कारण कई बार कुछ याद नहीं आता है। मत्था, कान के ऊपर का हिस्सा, सिर के बीच का हिस्सा काफी महत्वपूर्ण होता है। दिमाग में सूजन कम होने, क्लॉटिंग खत्म होने पर चोटिल व्यक्ति को धीरे-धीरे करके सब याद आने लगता है। संभावना रहती है कि दिमाग स्वस्थ होने पर स्मृतियां पूरी तरह से लौट आएं।
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भुवन का इलाज करने वाले वरिष्ठ न्यूरो सर्जन डॉ. महेश शर्मा ने बताया कि चोटिल व्यक्ति को यह भी याद नहीं रहता है कि चोट कैसे लगी है। मेडिकल की भाषा में इसको एमेजिया कहते हैं। उन्होंने बताया कि चोट कितनी गहरी और व्यक्ति कितने देर तक बेहोश रहा है, इस पर भी बहुत कुछ निर्भर करता है। दिमाग में सूजन कम होने पर और क्लॉटिंग खत्म होने पर धीरे-धीरे सब याद आने लगता है। उन्होंने बताया कि सिर के बीच के हिस्से में दिमाग में रेक्टीकुलर एक्टीवेटिंग सिस्टम होता है, जिसमें मेमोरी का स्टोरेज रहता है। बहुत अधिक छोटे क्लॉट होने पर भी कुछ याद नहीं रहता है।
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अनीता का इलाज कर रहे वरिष्ठ न्यूरो सर्जन डॉ. पुनीत गोयल का कहना है कि शरीर में क्लॉटिंग होने के कारण कई बार कुछ याद नहीं आता है। मत्था, कान के ऊपर का हिस्सा, सिर के बीच का हिस्सा काफी महत्वपूर्ण होता है। दिमाग में सूजन कम होने, क्लॉटिंग खत्म होने पर चोटिल व्यक्ति को धीरे-धीरे करके सब याद आने लगता है। संभावना रहती है कि दिमाग स्वस्थ होने पर स्मृतियां पूरी तरह से लौट आएं।
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