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तीन बार में छह बच्चे जने फिर भी पारो नि:संतान
Updated Fri, 01 Jun 2018 02:48 AM IST
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रामनगर (नैनीताल)। कार्बेट पार्क के ढिकाला जोन में आपसी संघर्ष में मारे गए बाघ शावक की मां को नहीं पता कि उसका बच्चा नहीं रहा। वह उसे वन में ढूंढ रही है तो वन्यजीव प्रेमी, फोटोग्राफर और पार्क का स्टाफ भी उसकी मौत से गमजदा है। दु:ख का आलम यह कि गुरुवार को बाघ शावक की मौत की खबर सुनने के बाद कई सैलानियों ने तो पार्क की सैर का कार्यक्रम ही निरस्त कर दिया। कई वन्यजीव फोटोग्राफरों ने कैमरे में कैद किए गए बाघ-शावक के फोटोग्राफ सैलानियों से साझा किए।
कार्बेट पार्क में 28 मई की रात को ढिकाला चौड़ में बाघों में संघर्ष हो गया था। इसमें एक साल का एक शावक घायल हुआ। लोग इसको मनियां के नाम से पुकारते थे। पैरों और सिर में गंभीर चोटें आने पर उसे रानीबाग रेस्क्यू सेंटर में भर्ती किया गया लेकिन गुरुवार को उसने दम तोड़ दिया।
इसकी मां बाघिन पारो ने ढिकाला चौड़ से फुलई और सांभर चौड़ तक अपना इलाका बना रखा था। करीब दस वर्षीय पारो ने तीन बार 2-2 कर छह बच्चों को जन्म दिया था। यह तीसरी बार हुआ है कि पारो का बच्चा वयस्क होने की दहलीज से पहले ही मारा गया। छह बच्चों के जनने के बाद भी पारो अब भी संतान हीन ही रह गई है।
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लोग मां-बेटे को इतना चाहते थे कि इनकी उम्र तक का लोगों को पता था। मनियां 13 माह का हो गया था जिसका 17 मई को जन्मदिन भी मनाया गया था। ये पर्यटकों और फोटोग्राफरों से घुलमिल से गए थे और इनके तरह-तरह के पोज लेने आसान हो गए थे।
दिल्ली करोल बाग के व्यवसायी व वन्यजीव प्रेमी देवेंद्र कुमार को जब यह पता चला कि मनियां की मौत हो गई है तो उनकी पत्नी सोनिया गुप्ता सहित तीन बच्चों को बहुत दुख पहुंचा। यह परिवार मनियां व पारो को देखने जनवरी से लगातार आ रहा था और तीन जून को भी उनका पार्क भ्रमण का प्रोग्राम था। अब उन्होंने पार्क सैर का कार्यक्रम निरस्त कर दिया है।
बनबसा के वन्यजीव प्रेमी, फोटोग्राफर कैलाश थपरियाल ने पारो व उसके बेटे मनियां की फोटो अपने कैमरे में कैद की हुई है। ये कुछ समय पूर्व ही नहाते हुए की तस्वीरें हैं। मनियां और उसकी मां की कहानी सुनाते हुए वह भावुक हो गए। उन्होंने भी अपने कैमरे में कैद ये फोटो अमर उजाला को भेजेहैं।
रामनगर के वन्यजीव फोटोग्राफर दीप रजवार के अनुसार मनियां बड़ा ही दबंग था। कुछ दिन पहले ही एक बाघ ने हिरन मारा था लेकिन उसे मनियां छीन लाया था। आमतौर पर शावक नर बाघ से दूर ही रहते हैं पर यह सबसे हट के था। ऐसी ही दास्तां दिल्ली के विकासपुरी के मुकेश यादव और सरिता विहार दिल्ली निवासी रोहित मनुजा ने भी बताई।
कार्बेट पार्क के उपनिदेशक अमित वर्मा के अनुसार यह बड़ी दुखद घटना है, बाघिन के सभी बच्चे वयस्क होने से पहले ही बाघ ने मार दिए। अभी बाघिन अपने बेटे को ढूंढ रही है सुरक्षा की दृष्टि से सांभर रोड को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है क्योंकि ये उसका इलाका है।
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कार्बेट पार्क में 28 मई की रात को ढिकाला चौड़ में बाघों में संघर्ष हो गया था। इसमें एक साल का एक शावक घायल हुआ। लोग इसको मनियां के नाम से पुकारते थे। पैरों और सिर में गंभीर चोटें आने पर उसे रानीबाग रेस्क्यू सेंटर में भर्ती किया गया लेकिन गुरुवार को उसने दम तोड़ दिया।
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इसकी मां बाघिन पारो ने ढिकाला चौड़ से फुलई और सांभर चौड़ तक अपना इलाका बना रखा था। करीब दस वर्षीय पारो ने तीन बार 2-2 कर छह बच्चों को जन्म दिया था। यह तीसरी बार हुआ है कि पारो का बच्चा वयस्क होने की दहलीज से पहले ही मारा गया। छह बच्चों के जनने के बाद भी पारो अब भी संतान हीन ही रह गई है।
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लोग मां-बेटे को इतना चाहते थे कि इनकी उम्र तक का लोगों को पता था। मनियां 13 माह का हो गया था जिसका 17 मई को जन्मदिन भी मनाया गया था। ये पर्यटकों और फोटोग्राफरों से घुलमिल से गए थे और इनके तरह-तरह के पोज लेने आसान हो गए थे।
दिल्ली करोल बाग के व्यवसायी व वन्यजीव प्रेमी देवेंद्र कुमार को जब यह पता चला कि मनियां की मौत हो गई है तो उनकी पत्नी सोनिया गुप्ता सहित तीन बच्चों को बहुत दुख पहुंचा। यह परिवार मनियां व पारो को देखने जनवरी से लगातार आ रहा था और तीन जून को भी उनका पार्क भ्रमण का प्रोग्राम था। अब उन्होंने पार्क सैर का कार्यक्रम निरस्त कर दिया है।
बनबसा के वन्यजीव प्रेमी, फोटोग्राफर कैलाश थपरियाल ने पारो व उसके बेटे मनियां की फोटो अपने कैमरे में कैद की हुई है। ये कुछ समय पूर्व ही नहाते हुए की तस्वीरें हैं। मनियां और उसकी मां की कहानी सुनाते हुए वह भावुक हो गए। उन्होंने भी अपने कैमरे में कैद ये फोटो अमर उजाला को भेजेहैं।
रामनगर के वन्यजीव फोटोग्राफर दीप रजवार के अनुसार मनियां बड़ा ही दबंग था। कुछ दिन पहले ही एक बाघ ने हिरन मारा था लेकिन उसे मनियां छीन लाया था। आमतौर पर शावक नर बाघ से दूर ही रहते हैं पर यह सबसे हट के था। ऐसी ही दास्तां दिल्ली के विकासपुरी के मुकेश यादव और सरिता विहार दिल्ली निवासी रोहित मनुजा ने भी बताई।
कार्बेट पार्क के उपनिदेशक अमित वर्मा के अनुसार यह बड़ी दुखद घटना है, बाघिन के सभी बच्चे वयस्क होने से पहले ही बाघ ने मार दिए। अभी बाघिन अपने बेटे को ढूंढ रही है सुरक्षा की दृष्टि से सांभर रोड को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है क्योंकि ये उसका इलाका है।