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कोहरे में रोडवेज बसों में 2600 सवारियां, 150 स्टाफ कर रहा खतरे का सफर
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हल्द्वानी। मैदानी जिलों में कोहरा छाने लगा है। रोडवेज बसों में फॉग लाइट नहीं लगाई गई हैं। रोडवेज प्रबंधन की लापरवाही से सड़क हादसों का भी खतरा है।
हल्द्वानी, काठगोदाम से 90 से ज्यादा बसें संचालित होती हैं। इनमें 70-75 बसें दिल्ली, हिसार, जयपुर, लुधियाना, चंडीगढ़, गुरुग्राम आदि लंबे रूटों पर संचालित होती हैं। एक बस में आम तौर पर 30-35 सवारियां होती हैं, जोकि मैदानी जिलों से होकर गुजरती है। इन दिनों मैदानी जिलों में जबरदस्त कोहरा हो रहा है। वहीं रोडवेज प्रबंधन ने बसों में फॉग लाइटों का इंतजाम नहीं किया है। यह लाइटें रोडवेज के चालक-परिचालकों को स्वयं लगानी होती है। एक फॉग लाइट 300-400 रुपये की होती है। इसलिए रोडवेज स्टाफ भी परहेज करता है। इससे बसों की हादसे की आशंका बनी रहती है। जिले से रोजाना 2625 से अधिक सवारियां और 150 से अधिक स्टाफ सफर करता है।
कोहरे के बीच बसों में खतरे का सफर
फॉग लाइट नहीं होने से हरदम रहता है खतरा
- कोहरे में फायदेमंद है फॉग लाइट -
कोहरे में पीले रंग की फॉग लाइट उपयोगी मानी जाती है। पीले रंग की रोशनी कोहरे में दिखाई देती है। रेडियम चमकते हैं। सामान्य लाइटों की सफेद रोशनी कोहरे में दिखाई नहीं देती है।
बसों से लेकर प्राइवेट वाहनों में रिफ्लेक्टर तक नहीं
हल्द्वानी। रोडवेज की बसों से लेकर प्राइवेट, कॉमर्शियल वाहनों में रिफ्लेक्टर तक नहीं लगे हैं। रिफ्लेक्टर न होने के कारण कोहरे में वाहन पीछे से दिखाई नहीं दे रहे हैं। जो दुर्घटना के कारण बने हैं। परिवहन विभाग के अधिकारी आंख मूंदे हैं।
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हल्द्वानी, काठगोदाम से 90 से ज्यादा बसें संचालित होती हैं। इनमें 70-75 बसें दिल्ली, हिसार, जयपुर, लुधियाना, चंडीगढ़, गुरुग्राम आदि लंबे रूटों पर संचालित होती हैं। एक बस में आम तौर पर 30-35 सवारियां होती हैं, जोकि मैदानी जिलों से होकर गुजरती है। इन दिनों मैदानी जिलों में जबरदस्त कोहरा हो रहा है। वहीं रोडवेज प्रबंधन ने बसों में फॉग लाइटों का इंतजाम नहीं किया है। यह लाइटें रोडवेज के चालक-परिचालकों को स्वयं लगानी होती है। एक फॉग लाइट 300-400 रुपये की होती है। इसलिए रोडवेज स्टाफ भी परहेज करता है। इससे बसों की हादसे की आशंका बनी रहती है। जिले से रोजाना 2625 से अधिक सवारियां और 150 से अधिक स्टाफ सफर करता है।
कोहरे के बीच बसों में खतरे का सफर
फॉग लाइट नहीं होने से हरदम रहता है खतरा
- कोहरे में फायदेमंद है फॉग लाइट -
कोहरे में पीले रंग की फॉग लाइट उपयोगी मानी जाती है। पीले रंग की रोशनी कोहरे में दिखाई देती है। रेडियम चमकते हैं। सामान्य लाइटों की सफेद रोशनी कोहरे में दिखाई नहीं देती है।
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बसों से लेकर प्राइवेट वाहनों में रिफ्लेक्टर तक नहीं
हल्द्वानी। रोडवेज की बसों से लेकर प्राइवेट, कॉमर्शियल वाहनों में रिफ्लेक्टर तक नहीं लगे हैं। रिफ्लेक्टर न होने के कारण कोहरे में वाहन पीछे से दिखाई नहीं दे रहे हैं। जो दुर्घटना के कारण बने हैं। परिवहन विभाग के अधिकारी आंख मूंदे हैं।
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