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ई रवन्ना पोर्टल धड़ाम, सैकड़ों वाहन गौला में फंसे
Updated Tue, 05 Dec 2017 02:06 AM IST
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हल्द्वानी। गौला नदी में उप खनिज निकासी को ई रवन्ना जारी करने की वेबसाइट सोमवार को धोखा दे गई। कनेक्टिविटी नहीं मिलने से रवन्ना जारी नहीं हो सके, नतीजा सैकड़ों वाहन नदी में फंस गए। वन निगम ने इसकी सूचना खान विभाग को दी। तब तकनीकी कमी दूर साढ़े तीन घंटे बाद कनेक्टिविटी मिली हालांकि तब तक सूर्यास्त हो चुका था। इधर नदी से सोमवार को 3,600 वाहनों से 2,94,501 क्विंटल उपखनिज निकासी हुई जबकि 621 वाहन नदी में ही फंसे रह गए।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की कांग्रेस सरकार ने पिछले साल ई रवन्ना सिस्टम लागू किया था। खान विभाग का एक साफ्टवेयर है जो रवन्ना जारी करता है। इस साल भी सभी गेटों से ई रवन्ना से ही निकासी की जा रही है। इधर सोमवार की दोपहर को तीन बजे ई रवन्ना की वेबसाइट को कनेक्टिविटी मिलना बंद हो गई और रवन्ना जारी होना भी बंद हो गया। गेटों पर लगे वन, वन निगम कर्मियों ने रवन्ना जारी करने की कोशिश की लेकिन फायदा नहीं हुआ। रवन्ना नहीं निकलने से सभी गेटों से वाहनों की निकासी भी ठप हो गई। तब वन निगम के आला अधिकारियों को इसकी सूचना दी। आला अधिकारियों ने तत्काल खान विभाग देहरादून में अधिकारियों से संपर्क किया। उन्होंने कनेक्टिविटी होने की बात कही। इस पर उन्होंने हल्द्वानी कार्यालय में संपर्क साधा। जब खान अधिकारियों को पता लगा तो उन्होंने वेबसाइट को खंगालना शुरू किया तो तकनीकी गड़बड़ी पाई। जिसे ठीक करने में करीब साढ़े तीन घंटे का समय लग गया। इसके बाद शाम को साढ़े छह बजे से ई रवन्ना जारी होना शुरू हो गया। हालांकि तब तक सूर्यास्त हो चुका था और नदी से उप खनिज निकासी नहीं हो सकती है। वन विभाग के मुताबिक नदी में सोमवार को 4221 वाहन नदी में खनन के लिए घुसे थे लेकिन सिर्फ 3600 की ही निकासी हुई जबकि 621 वाहन रवन्ना जारी नहीं होने से नहीं निकल सके। 220 वाहन ओवरलोड पकड़े गए।
राजपुरा गेट से खनन आरंभ
हल्द्वानी। वन निगम ने राजपुरा गेट से भी खनन आरंभ कर दिया है। सोमवार को ट्रायल के तौर कुछ गाड़िया निकाली भी गई। अब मंगलवार से नियमित तौर पर गेट से उपखनिज निकासी की जाएगी।
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खान विभाग के ई रवन्ना जारी करने वाली वेबसाइट तीन बजे से काम करना बंद कर दिया। जिसकी वजह से रवन्ना नहीं निकले और वाहन नदी में फंस गए। यहां वन निगम नहीं खान विभाग जिम्मेदार है। - एमपीएस रावत, क्षेत्रीय प्रबंधक वन विकास निगम
वेबसाइट में तकनीकी गड़बड़ी आ गई थी, सूचना मिलने पर इसे ठीक कराया गया। यह गड़बड़ी कैसे आई इसकी जांच कराई जा रही है ताकि भविष्य में ऐसा नहीं हो। - राजपाल लेघा, उपनिदेशक खनन
वन निगम की लापरवाही से नहीं चालू हुआ बुग्गियों का गेट
केंद्रीय वन्य एवं पर्यावरण मंत्रालय के नियमानुसार नदी से सिर्फ 1497 हेक्टेयर भूमि पर 54.25 लाख घनमीटर उप खनिज की निकासी की जाएगी। जिसको नदी में खनन शुरू होने पर खान विभाग ने 11 गेटों पर बांट दिया गया। इस दौरान बुग्गी गेट को ध्यान नहीं दिया गया। जब वन निगम वाले खान विभाग के पास पहुंचे बुग्गियों का कोड नंबर लेने पहुंचे तो खान विभाग ने केंद्र के नियमों को बताया। इस पर वन निगम ने दोबारा से तीन गेटों पर उप खनिज निकासी व हेक्टेयर भूमि कम की। जिसे अब देहरादून भेजा गया है। जल्द ही अनुमति मिल जाएगी तो गेट पर बुग्गियों के लिए कोड दिए जाएंगे
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पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की कांग्रेस सरकार ने पिछले साल ई रवन्ना सिस्टम लागू किया था। खान विभाग का एक साफ्टवेयर है जो रवन्ना जारी करता है। इस साल भी सभी गेटों से ई रवन्ना से ही निकासी की जा रही है। इधर सोमवार की दोपहर को तीन बजे ई रवन्ना की वेबसाइट को कनेक्टिविटी मिलना बंद हो गई और रवन्ना जारी होना भी बंद हो गया। गेटों पर लगे वन, वन निगम कर्मियों ने रवन्ना जारी करने की कोशिश की लेकिन फायदा नहीं हुआ। रवन्ना नहीं निकलने से सभी गेटों से वाहनों की निकासी भी ठप हो गई। तब वन निगम के आला अधिकारियों को इसकी सूचना दी। आला अधिकारियों ने तत्काल खान विभाग देहरादून में अधिकारियों से संपर्क किया। उन्होंने कनेक्टिविटी होने की बात कही। इस पर उन्होंने हल्द्वानी कार्यालय में संपर्क साधा। जब खान अधिकारियों को पता लगा तो उन्होंने वेबसाइट को खंगालना शुरू किया तो तकनीकी गड़बड़ी पाई। जिसे ठीक करने में करीब साढ़े तीन घंटे का समय लग गया। इसके बाद शाम को साढ़े छह बजे से ई रवन्ना जारी होना शुरू हो गया। हालांकि तब तक सूर्यास्त हो चुका था और नदी से उप खनिज निकासी नहीं हो सकती है। वन विभाग के मुताबिक नदी में सोमवार को 4221 वाहन नदी में खनन के लिए घुसे थे लेकिन सिर्फ 3600 की ही निकासी हुई जबकि 621 वाहन रवन्ना जारी नहीं होने से नहीं निकल सके। 220 वाहन ओवरलोड पकड़े गए।
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राजपुरा गेट से खनन आरंभ
हल्द्वानी। वन निगम ने राजपुरा गेट से भी खनन आरंभ कर दिया है। सोमवार को ट्रायल के तौर कुछ गाड़िया निकाली भी गई। अब मंगलवार से नियमित तौर पर गेट से उपखनिज निकासी की जाएगी।
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खान विभाग के ई रवन्ना जारी करने वाली वेबसाइट तीन बजे से काम करना बंद कर दिया। जिसकी वजह से रवन्ना नहीं निकले और वाहन नदी में फंस गए। यहां वन निगम नहीं खान विभाग जिम्मेदार है। - एमपीएस रावत, क्षेत्रीय प्रबंधक वन विकास निगम
वेबसाइट में तकनीकी गड़बड़ी आ गई थी, सूचना मिलने पर इसे ठीक कराया गया। यह गड़बड़ी कैसे आई इसकी जांच कराई जा रही है ताकि भविष्य में ऐसा नहीं हो। - राजपाल लेघा, उपनिदेशक खनन
वन निगम की लापरवाही से नहीं चालू हुआ बुग्गियों का गेट
केंद्रीय वन्य एवं पर्यावरण मंत्रालय के नियमानुसार नदी से सिर्फ 1497 हेक्टेयर भूमि पर 54.25 लाख घनमीटर उप खनिज की निकासी की जाएगी। जिसको नदी में खनन शुरू होने पर खान विभाग ने 11 गेटों पर बांट दिया गया। इस दौरान बुग्गी गेट को ध्यान नहीं दिया गया। जब वन निगम वाले खान विभाग के पास पहुंचे बुग्गियों का कोड नंबर लेने पहुंचे तो खान विभाग ने केंद्र के नियमों को बताया। इस पर वन निगम ने दोबारा से तीन गेटों पर उप खनिज निकासी व हेक्टेयर भूमि कम की। जिसे अब देहरादून भेजा गया है। जल्द ही अनुमति मिल जाएगी तो गेट पर बुग्गियों के लिए कोड दिए जाएंगे