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भवाली डिपो को तो लावारिस छोड़ दिया
Updated Sun, 05 Nov 2017 02:07 AM IST
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भवाली (नैनीताल)। परिवहन निगम के अधिकारियों की लापरवाही के चलते भवाली डिपो बदहाल है। कई बार की मांग के बाद भी उन सड़कों पर बसें नहीं चलाई जा रही हैं जहां पूर्व में बसें चलती थीं। डिपो के भीतर यात्रियों के लिए शौचालय, यात्री प्रतीक्षालय और पेयजल तक की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में यात्रियों को तो दिक्कतों का सामना करना ही पड़ रहा है साथ ही डिपो की आय भी प्रभावित हो रही है।
पूर्व में भवाली डिपो से सौंग मुनार, नथुवाखान, मोतियापाथार, लैंसडाउन, गोपेश्वर, पौड़ी, कानपुर शामा और दिल्ली को बसें चलाई जाती थीं जो काफी समय से बंद हैं। यूनियन नेताओं की मानें तो कुछ समय पहले तक भवाली डिपो के पास सभी सेवाओं का संचालन करने के बाद भी 15 बसे अतिरिक्त थी, पर विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते किसी भी नए मार्ग पर बसें नहीं चलाई गई हैं। कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष एलडी पालीवाल का आरोप है कि शासन द्वारा भवाली डिपो में भेजी गई नई बसों को लंबे समय तक सड़क किनारे खड़ा रखा गया और उसके बाद इन बसों को दूसरे डिपो में भेज दिया गया और अल्मोड़ा डिपो की खराब बस को भवाली डिपो में कड़ा कर दिया गया। यूनियन पदाधिकारियों का आरोप है कि विभागीय अधिकारी पहाड़ में बसों का संचालन करने के बजाए डिपो की अधिकतर बसों को तराई में दौड़ा रहे हैं जबकि भवाली डिपो की स्थापना का उद्देश्य पहाड़ के यात्रियों को सुविधाएं देना था।
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पूर्व में भवाली डिपो से सौंग मुनार, नथुवाखान, मोतियापाथार, लैंसडाउन, गोपेश्वर, पौड़ी, कानपुर शामा और दिल्ली को बसें चलाई जाती थीं जो काफी समय से बंद हैं। यूनियन नेताओं की मानें तो कुछ समय पहले तक भवाली डिपो के पास सभी सेवाओं का संचालन करने के बाद भी 15 बसे अतिरिक्त थी, पर विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते किसी भी नए मार्ग पर बसें नहीं चलाई गई हैं। कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष एलडी पालीवाल का आरोप है कि शासन द्वारा भवाली डिपो में भेजी गई नई बसों को लंबे समय तक सड़क किनारे खड़ा रखा गया और उसके बाद इन बसों को दूसरे डिपो में भेज दिया गया और अल्मोड़ा डिपो की खराब बस को भवाली डिपो में कड़ा कर दिया गया। यूनियन पदाधिकारियों का आरोप है कि विभागीय अधिकारी पहाड़ में बसों का संचालन करने के बजाए डिपो की अधिकतर बसों को तराई में दौड़ा रहे हैं जबकि भवाली डिपो की स्थापना का उद्देश्य पहाड़ के यात्रियों को सुविधाएं देना था।
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