{"_id":"5be1f640bdec22698671f9b9","slug":"41541535296-nainital-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कबड्डी में राज्य को पदक देने वाली बेटी फैक्ट्री में कर रही काम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कबड्डी में राज्य को पदक देने वाली बेटी फैक्ट्री में कर रही काम
Updated Wed, 07 Nov 2018 01:44 AM IST
विज्ञापन
sports shimla
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भीमताल (नैनीताल)। बचपन से जिन दो बेटियों ने कबड्डी प्रतियोगिता में दमखम दिखा देश भर में प्रदेश और जिले का नाम रोशन करने की सोची थी। आज वही बेटियां सरकार की अनदेखी के चलते और घर की आर्थिक स्थिति कमजोर होने से प्राइवेट नौकरी कर अपना दुख बयां करती नजर आ रही हैं। ये बेटियां कबड्डी प्रतियोगिताओं में स्टेट में चार बार स्वर्ण जीत चुकी हैं।
बिनायक क्षेत्र निवासी अंजलि राणा ने स्टेट कबड्डी प्रतियोगिता में नैनीताल जिले की टीम से खेलते हुए तीन बार स्वर्ण और दो बार नेशनल में प्रतिभाग कर प्रदेश का नाम बढ़ाया है। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के चलते अंजलि को भीमताल की एक फैक्ट्री में सुरक्षा गार्ड की नौकरी करनी पड़ रही है। उन्होंने बताया कि सरकार और प्रशासन की अनदेखी के कारण उन्हें कबड्डी छोड़ फैक्ट्री में नौकरी करनी पड़ी। अंजलि के पिता प्रताप सिंह बिष्ट घर-घर जाकर समाचार पत्रों को पहुंचाकर परिवार का गुजारा करते हैं। उधर, पांडेगांव निवासी मोनिका नयाल पुत्री स्व. उत्तम सिंह नयाल भी गरीब परिवार से होने के चलते मेहरागांव के इंडियन मॉडल स्कूल में खेल शिक्षक की नौकरी करनी पड़ रही है। मोनिका का उत्तराखंड ओलंपिक कबड्डी प्रतियोगिता के लिए चयन हो चुका है। इसके लिए वह स्कूल की छुट्टी के बाद तैयारी कर रही हैं। वहीं क्षेत्र की मीनाक्षी पांडे, आशा बिष्ट का भी उत्तराखंड ओलंपिक के लिए चयन हुआ है। खेल शिक्षक मंगल खिमाल ने सरकार और प्रशासन से बेटियों को सुविधाएं देने की मांग की है।
कबड्डी में राज्य को पदक देने वाली बेटी फैक्ट्री में कर रही काम
वहीं पदक की लालसा के लिए मोनिका उठा रही परिवार का खर्च
सरकार और प्रशासन की अनदेखी दो बेटियों को पड़ी भारी
कबड्डी में स्टेट और नेशनल में बेटियां कर चुकी है प्रतिभाग
विज्ञापन
बिनायक क्षेत्र निवासी अंजलि राणा ने स्टेट कबड्डी प्रतियोगिता में नैनीताल जिले की टीम से खेलते हुए तीन बार स्वर्ण और दो बार नेशनल में प्रतिभाग कर प्रदेश का नाम बढ़ाया है। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के चलते अंजलि को भीमताल की एक फैक्ट्री में सुरक्षा गार्ड की नौकरी करनी पड़ रही है। उन्होंने बताया कि सरकार और प्रशासन की अनदेखी के कारण उन्हें कबड्डी छोड़ फैक्ट्री में नौकरी करनी पड़ी। अंजलि के पिता प्रताप सिंह बिष्ट घर-घर जाकर समाचार पत्रों को पहुंचाकर परिवार का गुजारा करते हैं। उधर, पांडेगांव निवासी मोनिका नयाल पुत्री स्व. उत्तम सिंह नयाल भी गरीब परिवार से होने के चलते मेहरागांव के इंडियन मॉडल स्कूल में खेल शिक्षक की नौकरी करनी पड़ रही है। मोनिका का उत्तराखंड ओलंपिक कबड्डी प्रतियोगिता के लिए चयन हो चुका है। इसके लिए वह स्कूल की छुट्टी के बाद तैयारी कर रही हैं। वहीं क्षेत्र की मीनाक्षी पांडे, आशा बिष्ट का भी उत्तराखंड ओलंपिक के लिए चयन हुआ है। खेल शिक्षक मंगल खिमाल ने सरकार और प्रशासन से बेटियों को सुविधाएं देने की मांग की है।
विज्ञापन
कबड्डी में राज्य को पदक देने वाली बेटी फैक्ट्री में कर रही काम
वहीं पदक की लालसा के लिए मोनिका उठा रही परिवार का खर्च
सरकार और प्रशासन की अनदेखी दो बेटियों को पड़ी भारी
कबड्डी में स्टेट और नेशनल में बेटियां कर चुकी है प्रतिभाग