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डिग्री कालेजों में पठन-पाठन सुधारने के होंगे प्रयास: डा. घिल्डियाल
Updated Thu, 19 Jul 2018 02:28 AM IST
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हल्द्वानी। उच्चशिक्षा निदेशालय में नवनियुक्त प्रभारी निदेशक डॉ. जगदीश चंद्र घिल्डियाल ने विधिवत कामकाज शुरू कर दिया है। बुधवार को उन्होंने लंबित फाइलें निबटाई। उन्होंने कहा कि डिग्री कालेजों में पठन-पाठन में सुधार करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कोई भी महाविद्यालय निर्धारित सीटों से अधिक दाखिले किसी भी सूरत में नहीं करेगा। इस संबंध में सभी महाविद्यालयों के प्राचार्यों को निर्देशित किया गया है।
हल्द्वानी राजकीय महिला महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा पीजी में नये विषय खोले जाने की मांग को लेकर क्रमिक अनशन करने के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि पीजी में नये विषय शासन की अनुमति पर ही खोले जा सकते हैं, निदेशालय इस संबंध में शासन को केवल प्रस्ताव बनाकर भेज सकता है। निदेशालय से पूर्व में भेजे गए प्रस्ताव की स्थिति के बारे में जानकारी की जा रही है। उनका कहना था कि प्राध्यापकों के तबादले शासन स्तर से ही होने हैं, शासन में ही तबादले को लेकर प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि महाविद्यालयों में प्राध्यापकों की कमी की वजह से शिक्षण कार्य प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा तथा सांध्यकालीन संविदा शिक्षकों की पुन: तैनाती का फैसला जल्द होगा, शासन स्तर पर यह प्रकरण विचाराधीन है। उन्होंने बताया कि राजकीय महाविद्यालयों में प्राचार्यों के रिक्त पदों पर तैनाती के लिएडीपीसी के लिए शासन को प्रस्ताव पूर्व में जा चुका है, अब डीपीसी कब होती है यह शासन तय करेगा।
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हल्द्वानी राजकीय महिला महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा पीजी में नये विषय खोले जाने की मांग को लेकर क्रमिक अनशन करने के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि पीजी में नये विषय शासन की अनुमति पर ही खोले जा सकते हैं, निदेशालय इस संबंध में शासन को केवल प्रस्ताव बनाकर भेज सकता है। निदेशालय से पूर्व में भेजे गए प्रस्ताव की स्थिति के बारे में जानकारी की जा रही है। उनका कहना था कि प्राध्यापकों के तबादले शासन स्तर से ही होने हैं, शासन में ही तबादले को लेकर प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि महाविद्यालयों में प्राध्यापकों की कमी की वजह से शिक्षण कार्य प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा तथा सांध्यकालीन संविदा शिक्षकों की पुन: तैनाती का फैसला जल्द होगा, शासन स्तर पर यह प्रकरण विचाराधीन है। उन्होंने बताया कि राजकीय महाविद्यालयों में प्राचार्यों के रिक्त पदों पर तैनाती के लिएडीपीसी के लिए शासन को प्रस्ताव पूर्व में जा चुका है, अब डीपीसी कब होती है यह शासन तय करेगा।
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