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शासन में अटकी पदोन्नति की फाइल
Updated Sat, 17 Mar 2018 02:31 AM IST
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- फोटो : amar ujala
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हल्द्वानी। राजकीय मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में अपनों को फायदा पहुंचाने के लिए हर नियम-कानून का तोड़ निकल आता है। वार्षिक चरित्र पंजिका (एसीआर) खराब होने के कारण पदोन्नति से वंचित रहे एसोसिएट और असिस्टेंट प्रोफेसरों की एसीआर अब ठीक हो गई है। डीपीसी के लिए भेजी गई 23 लोगों की फाइल हालांकि शासन स्तर पर अटक गई है।
नवंबर में जीएमसी में 11 एसोसिएट प्रोफेसर और 23 असिस्टेंट प्रोफेसरों को नियमित पदोन्नति का लाभ मिला था। इन सभी डॅाक्टरों को 2012-13 से स्थापन्न पदोन्नति दी गई थी। सूची में शामिल 10 एसोसिएट प्रोफेसर और लगभग 14 असिस्टेंट प्रोफेसरों की खराब एसीआर का हवाला देते हुए उन्हें पदोन्नति नहीं दी गई। पदोन्नति न होने के बाद से ही जीएमसी में डॉक्टरों ने खेमेबंदी शुरू कर दी थी। सूत्रों की मानें तो सभी को साधने के लिए निदेशालय स्तर पर अंदरखाने 23 लोगों की डीपीसी की फाइल तैयार की गई। पदोन्नति की राह में रोड़ा बन रहे सभी नियमों का तोड़ निकाला गया। डीपीसी के लिए फाइन शासन में भेजी गई थी मगर शासन ने कुछ आपत्तियां लगाते हुए फाइल को अटका दिया है।
कर्मियों की कमी का विवरण मांगा
हल्द्वानी। जीएमसी में स्टाफ की कमी को लेकर बृहस्पतिवार को प्रभारी प्राचार्य डॉ. एसआर सक्सेना की अगुवाई में बैठक हुई। सभी विभागाध्यक्षों से कहा गया कि वार्ड ब्वॉय, वार्ड आया, सफाई कर्मचारी समेत अन्य कर्मियों की जो कमी को उसका विवरण जल्द उपलब्ध करा दें। विभागाध्यक्षों से प्रस्ताव मिलने के बाद चिकित्सा-शिक्षा निदेशालय को भेजा जाएगा।
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डीपीसी के लिए फाइल शासन को भेजी गई थी मगर शासन स्तर पर रुक गई है। फाइल में कुछ कागजों की कमी है और उसे जल्द ही दूर कर लिया जाएगा। कागजों की कमी को दूर कर फाइल पुन: भेजी जाएगी। एसीआर में कुछ कमियों की चलते पूर्व में पदोन्नति रुकी थी और अब कमियों को दूर कर लिया गया है।
डॉ. आशुतोष सयाना, निदेशक, चिकित्सा-शिक्षा
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नवंबर में जीएमसी में 11 एसोसिएट प्रोफेसर और 23 असिस्टेंट प्रोफेसरों को नियमित पदोन्नति का लाभ मिला था। इन सभी डॅाक्टरों को 2012-13 से स्थापन्न पदोन्नति दी गई थी। सूची में शामिल 10 एसोसिएट प्रोफेसर और लगभग 14 असिस्टेंट प्रोफेसरों की खराब एसीआर का हवाला देते हुए उन्हें पदोन्नति नहीं दी गई। पदोन्नति न होने के बाद से ही जीएमसी में डॉक्टरों ने खेमेबंदी शुरू कर दी थी। सूत्रों की मानें तो सभी को साधने के लिए निदेशालय स्तर पर अंदरखाने 23 लोगों की डीपीसी की फाइल तैयार की गई। पदोन्नति की राह में रोड़ा बन रहे सभी नियमों का तोड़ निकाला गया। डीपीसी के लिए फाइन शासन में भेजी गई थी मगर शासन ने कुछ आपत्तियां लगाते हुए फाइल को अटका दिया है।
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कर्मियों की कमी का विवरण मांगा
हल्द्वानी। जीएमसी में स्टाफ की कमी को लेकर बृहस्पतिवार को प्रभारी प्राचार्य डॉ. एसआर सक्सेना की अगुवाई में बैठक हुई। सभी विभागाध्यक्षों से कहा गया कि वार्ड ब्वॉय, वार्ड आया, सफाई कर्मचारी समेत अन्य कर्मियों की जो कमी को उसका विवरण जल्द उपलब्ध करा दें। विभागाध्यक्षों से प्रस्ताव मिलने के बाद चिकित्सा-शिक्षा निदेशालय को भेजा जाएगा।
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डीपीसी के लिए फाइल शासन को भेजी गई थी मगर शासन स्तर पर रुक गई है। फाइल में कुछ कागजों की कमी है और उसे जल्द ही दूर कर लिया जाएगा। कागजों की कमी को दूर कर फाइल पुन: भेजी जाएगी। एसीआर में कुछ कमियों की चलते पूर्व में पदोन्नति रुकी थी और अब कमियों को दूर कर लिया गया है।
डॉ. आशुतोष सयाना, निदेशक, चिकित्सा-शिक्षा