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नैनीताल में प्लास्टिक प्रदूषण के 41 हॉट स्पॉट : सौरभ
Mon, 23 Dec 2024 01:09 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
Updated Mon, 23 Dec 2024 01:09 AM IST
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नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय के इनोवेशन एवं इनक्यूबेशन सेल और विजिटिंग प्रोफेसर निदेशालय की ओर से इन रिप्लेस प्रोग्राम के तहत सॉलिड एंड प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट और उसकी चुनौतियों पर ऑनलाइन व्याख्यान हुआ। आईपीई ग्लोबल लिमिटेड में कार्यरत और सॉलिड एंड प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट के विषय विशेषज्ञ सौरभ मनुजा ने कहा प्लास्टिक उत्पादन 30 फीसदी की दर से बढ़ रहा है। जन सहयोग से ही प्लास्टिक की चुनौतियों को दूर किया जा सकता है।
रविवार को हुए कार्यक्रम में सौरभ ने कहा 9.7 मिलियन टन माइक्रो एंड माइक्रोप्लास्टिक समुंद्र में प्रतिवर्ष जा रहा है। एशिया पैसिफिक रीजन प्लास्टिक प्रदूषण का हॉट स्पॉट है। कहा, नैनीताल में प्लास्टिक प्रदूषण के 41 हॉट स्पॉट हैं। इसे लेकर जागरूकता अभियान की शुरुआत कर इंटर्नशिप प्रोग्राम भी चलाए जाएंगे।
विजिटिंग प्रोफेसर के निदेशक डॉ. ललित तिवारी ने कहा कि प्लास्टिक जीवों के नकारात्मक स्वास्थ्य तथा जलवायु परिवर्तन का कारण बन चुका है। इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन सेल के निदेशक प्रो. आशीष तिवारी ने कहा विश्व में 414 मिलियन टन प्लास्टिक का उत्पादन हो रहा है। उच्च शिक्षा पूर्व निदेशक प्रो. सीडी सूठा, दिल्ली विवि के प्रो. पी. उनियाल, डॉ.रूबी सिंह, यूओयू के डॉ. कृष्ण टम्टा ने भी विचार रखे। संवाद
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रविवार को हुए कार्यक्रम में सौरभ ने कहा 9.7 मिलियन टन माइक्रो एंड माइक्रोप्लास्टिक समुंद्र में प्रतिवर्ष जा रहा है। एशिया पैसिफिक रीजन प्लास्टिक प्रदूषण का हॉट स्पॉट है। कहा, नैनीताल में प्लास्टिक प्रदूषण के 41 हॉट स्पॉट हैं। इसे लेकर जागरूकता अभियान की शुरुआत कर इंटर्नशिप प्रोग्राम भी चलाए जाएंगे।
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विजिटिंग प्रोफेसर के निदेशक डॉ. ललित तिवारी ने कहा कि प्लास्टिक जीवों के नकारात्मक स्वास्थ्य तथा जलवायु परिवर्तन का कारण बन चुका है। इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन सेल के निदेशक प्रो. आशीष तिवारी ने कहा विश्व में 414 मिलियन टन प्लास्टिक का उत्पादन हो रहा है। उच्च शिक्षा पूर्व निदेशक प्रो. सीडी सूठा, दिल्ली विवि के प्रो. पी. उनियाल, डॉ.रूबी सिंह, यूओयू के डॉ. कृष्ण टम्टा ने भी विचार रखे। संवाद
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