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प्रबंधन ने रात में चस्पा किया 146 कार्मिकों की बर्खास्तगी व बंदी का नोटिस
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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हल्द्वानी। एचएमटी फैक्ट्री प्रबंधन ने शुक्रवार की देर रात गुपचुप रूप से रानीबाग स्थित एचएमटी फैक्ट्री के मुख्य गेट में कंपनी में कार्यरत 146 कार्मिकों को बर्खास्त कर फैक्ट्री बंद करने संबंधी नोटिस चस्पा कर दिया। शनिवार को जैसे ही फैक्ट्री कर्मियों को इसकी भनक लगी तो वे भड़क गए। उन्होंने फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। डीआईजी को पत्र सौंपकर फैक्ट्री खुलवाने की मांग की।
वर्ष 2016 में प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली आर्थिक समिति ने रानीबाग स्थित एचएमटी घड़ी कारखाने को बंद करने का निर्णय लिया था। बाद में श्रम मंत्रालय के उपसचिव की ओर से एचएमटी वाच कंपनी के प्रबंध निदेशक को फैक्ट्री की बंदी के संबंध में पत्र भेजा। इसके बाद फैक्ट्री प्रबंधन ने कई कर्मचारियों को वीआरएस देकर विदा कर दिया लेकिन 146 कर्मचारियों ने वीआरएस नहीं लिया और मामला न्यायालय में चलता रहा। इसी बीच वर्ष 2016 में भी फैक्ट्री प्रबंधन ने 146 कर्मचारियों को बर्खास्त करते हुए फैक्ट्री में बंदी का नोटिस चस्पा किया था जिसे बाद में वापस ले लिया गया। तभी से ये 146 कर्मचारी रोज फैक्ट्री में उपस्थिति दर्ज कराते हैं।
एचएमटी कामगार संघ के अध्यक्ष भगवान सिंह ने बताया कि फैक्ट्री प्रबंधन ने शुक्रवार की देर रात मुख्य गेट में ताला लगाकर गेट पर ही फैक्ट्री बंद करने का नोटिस चस्पा कर दिया। नोटिस में नवंबर 2016 के आदेश को फैक्ट्री बंदी का आधार बताया गया है। नोटिस में कहा गया है कि इन कार्मिकों को वर्ष 2016 के आदेश की तिथि तक का ही भुगतान किया जाएगा।
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संघ अध्यक्ष का कहना है कि कर्मचारी रोजाना बायोमैट्रिक मशीन से उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं और फैक्ट्री प्रबंधन हर महीने उन्हें वेतन पर्ची उपलब्ध करा रहा है। कर्मचारियों को पिछले आदेश के अनुसार अब तक के अधिकतम एरियर और अन्य भुगतान करने की स्थिति में ही कर्मचारी वीआरएस लेने को तैयार होंगे अन्यथा अपने हक हकूक के लिए आंदोलन करेंगे। उन्होंने बायोमैट्रिक उपस्थिति के अनुसार बंद किए जाने की तिथि तक का समस्त भुगतान कराने की भी मांग की है।
रात में चस्पा किया 146 कार्मिकों की बर्खास्तगी और बंदी का नोटिस
गुस्साए कर्मियों ने फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ किया प्रदर्शन
एचएमटी रानीबाग फैक्ट्री का मामला
तीन कर्मियों की हो चुकी है मौत
हल्द्वानी। एचएमटी में जिन 146 कर्मियों को बर्खास्त करने का नोटिस चस्पा किया गया है उनमें से तीन कर्मचारियों की पूर्व में ही मौत हो चुकी है। एचएमटी कामगार संघ के अध्यक्ष भगवान सिंह ने बताया कि फैक्ट्री के तीनों कर्मी बीमार थे। उन्होंने इलाज के लिए फैक्ट्री प्रबंधन से धनराशि उपलब्ध कराने की मांग की थी लेकिन फैक्ट्री की ओर से किसी तरह की आर्थिक मदद नहीं दी गई। धनाभाव के चलते इलाज न होने से तीनों कर्मचारियों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि इस संबंध में भी पूर्व में संघ की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
39 माह से नहीं मिला है वेतन
हल्द्वानी। एचएमटी घड़ी कारखाने में तैनात 146 कर्मचारियों को फैक्ट्री प्रबंधन हर महीने वेतन पर्ची तो उपलब्ध करा रहा है लेकिन 39 माह से इन कर्मियों को वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। वेतन भुगतान न होने के कारण कर्मचारियों की आर्थिक हालत बेहद खराब हो चुकी है।
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वर्ष 2016 में प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली आर्थिक समिति ने रानीबाग स्थित एचएमटी घड़ी कारखाने को बंद करने का निर्णय लिया था। बाद में श्रम मंत्रालय के उपसचिव की ओर से एचएमटी वाच कंपनी के प्रबंध निदेशक को फैक्ट्री की बंदी के संबंध में पत्र भेजा। इसके बाद फैक्ट्री प्रबंधन ने कई कर्मचारियों को वीआरएस देकर विदा कर दिया लेकिन 146 कर्मचारियों ने वीआरएस नहीं लिया और मामला न्यायालय में चलता रहा। इसी बीच वर्ष 2016 में भी फैक्ट्री प्रबंधन ने 146 कर्मचारियों को बर्खास्त करते हुए फैक्ट्री में बंदी का नोटिस चस्पा किया था जिसे बाद में वापस ले लिया गया। तभी से ये 146 कर्मचारी रोज फैक्ट्री में उपस्थिति दर्ज कराते हैं।
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एचएमटी कामगार संघ के अध्यक्ष भगवान सिंह ने बताया कि फैक्ट्री प्रबंधन ने शुक्रवार की देर रात मुख्य गेट में ताला लगाकर गेट पर ही फैक्ट्री बंद करने का नोटिस चस्पा कर दिया। नोटिस में नवंबर 2016 के आदेश को फैक्ट्री बंदी का आधार बताया गया है। नोटिस में कहा गया है कि इन कार्मिकों को वर्ष 2016 के आदेश की तिथि तक का ही भुगतान किया जाएगा।
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संघ अध्यक्ष का कहना है कि कर्मचारी रोजाना बायोमैट्रिक मशीन से उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं और फैक्ट्री प्रबंधन हर महीने उन्हें वेतन पर्ची उपलब्ध करा रहा है। कर्मचारियों को पिछले आदेश के अनुसार अब तक के अधिकतम एरियर और अन्य भुगतान करने की स्थिति में ही कर्मचारी वीआरएस लेने को तैयार होंगे अन्यथा अपने हक हकूक के लिए आंदोलन करेंगे। उन्होंने बायोमैट्रिक उपस्थिति के अनुसार बंद किए जाने की तिथि तक का समस्त भुगतान कराने की भी मांग की है।
रात में चस्पा किया 146 कार्मिकों की बर्खास्तगी और बंदी का नोटिस
गुस्साए कर्मियों ने फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ किया प्रदर्शन
एचएमटी रानीबाग फैक्ट्री का मामला
तीन कर्मियों की हो चुकी है मौत
हल्द्वानी। एचएमटी में जिन 146 कर्मियों को बर्खास्त करने का नोटिस चस्पा किया गया है उनमें से तीन कर्मचारियों की पूर्व में ही मौत हो चुकी है। एचएमटी कामगार संघ के अध्यक्ष भगवान सिंह ने बताया कि फैक्ट्री के तीनों कर्मी बीमार थे। उन्होंने इलाज के लिए फैक्ट्री प्रबंधन से धनराशि उपलब्ध कराने की मांग की थी लेकिन फैक्ट्री की ओर से किसी तरह की आर्थिक मदद नहीं दी गई। धनाभाव के चलते इलाज न होने से तीनों कर्मचारियों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि इस संबंध में भी पूर्व में संघ की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
39 माह से नहीं मिला है वेतन
हल्द्वानी। एचएमटी घड़ी कारखाने में तैनात 146 कर्मचारियों को फैक्ट्री प्रबंधन हर महीने वेतन पर्ची तो उपलब्ध करा रहा है लेकिन 39 माह से इन कर्मियों को वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। वेतन भुगतान न होने के कारण कर्मचारियों की आर्थिक हालत बेहद खराब हो चुकी है।