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मेरा सपना है चीफ जस्टिस बने मेरा बेटा
Updated Sat, 01 Dec 2018 01:56 AM IST
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हल्द्वानी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश नारायण सिंह धानिक के हाईकोर्ट में जस्टिस बनने पर उनके 94 वर्षीय पिता दौलत सिंह धानिक की खुशी का कोई ठिकाना नहीं है। नैनी विहार कालोनी निवासी दौलत सिंह धानिक से जब बेटे के इस मुकाम पर पहुंचने को लेकर बात की गई तो उन्होंने कहा कि उनकी अब यही इच्छा है मेरा बेटा जल्द चीफ जस्टिस बनकर समाज में नाम रोशन करे, न्याय की एक नई मिसाल कायम करने में कामयाबी हासिल करे।
शुक्रवार देर रात देहरादून से अपने आवास पर लौटे बुजुर्ग दौलत सिंह धानिक बेटे के हाइकोर्ट में जस्टिस बनने की खबर मिलने से बेहद खुश नजर आए। उन्हें याद कि उनके बेटे नारायण सिंह धानिक की पहली पोस्टिंग वर्ष 1984-85 में पीलीभीत में मुंसिफ मजिस्ट्रेट के पद पर हुई थी, इसके बाद वह कानपुर, बाराबंकी, काशीपुर, हरिद्वार, देहरादून समेत अनेक जिलों में तैनात रहने के उपरांत बागेश्वर, नैनीताल, रुद्रप्रयाग में जिला जज के पद पर रह चुके हैं। मूल रूप से अल्मोड़ा जिले के ब्लाक लमगड़ा के पट्टी तल्ला सालम की ग्राम सभा पुभाऊं के रहने वाले बुजुर्ग दौलत सिंह मानते हैं कि यह लोगों की दुआओं का ही असर है कि उनके दुलारे को यह मंजिल मिली।
‘मेरा सपना है चीफ जस्टिस बनकर नाम रोशन करे मेरा दुलारा’
बोले, हाईकोर्ट में जस्टिस बने नारायण सिंह धानिक के पिता दौलत सिंह धानिक
बेटे के बुलंदियां छूने पर बहुत खुश हैं 94 वर्षीय पिता
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शुक्रवार देर रात देहरादून से अपने आवास पर लौटे बुजुर्ग दौलत सिंह धानिक बेटे के हाइकोर्ट में जस्टिस बनने की खबर मिलने से बेहद खुश नजर आए। उन्हें याद कि उनके बेटे नारायण सिंह धानिक की पहली पोस्टिंग वर्ष 1984-85 में पीलीभीत में मुंसिफ मजिस्ट्रेट के पद पर हुई थी, इसके बाद वह कानपुर, बाराबंकी, काशीपुर, हरिद्वार, देहरादून समेत अनेक जिलों में तैनात रहने के उपरांत बागेश्वर, नैनीताल, रुद्रप्रयाग में जिला जज के पद पर रह चुके हैं। मूल रूप से अल्मोड़ा जिले के ब्लाक लमगड़ा के पट्टी तल्ला सालम की ग्राम सभा पुभाऊं के रहने वाले बुजुर्ग दौलत सिंह मानते हैं कि यह लोगों की दुआओं का ही असर है कि उनके दुलारे को यह मंजिल मिली।
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