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आयकर विभाग करदताओं का करेगा ई-असेस्मेंट
Updated Fri, 23 Mar 2018 02:37 AM IST
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हल्द्वानी। आयकर विभाग यदि किसी जानकारी के लिए नोटिस भेज रहा है तो करदाताओं को बार-बार कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। अब करदाता को ऑनलाइन नोटिस मिलेगा और जवाब देने और साक्ष्य पेश करने की सुविधा भी दी जाएगी। आयकर विभाग ने ‘ई असिस्मेंट’ नाम से एक योजना शुरू की है। प्रदेश के छह लाख आठ हजार 706 करदाताओं को इस योजना का लाभ मिलेगा।
करदाता को स्क्रूटनी के लिए नोटिस भेजा जाता है। इस नोटिस का जवाब करदाता को आयकर दफ्तर में आकर देना होता है। फिर जांच होते-होते, आय-व्यय का ब्योरा देने के लिए करदाता को कई बार दफ्तर के चक्कर लगाने होते हैं। अब केंद्र ने जांच प्रक्रिया में सुधार के तहत यह नई व्यवस्था लागू की है।
इस तरह होता है ई असिस्मेंट
आयकर विभाग स्क्रूटनी करता है तो करदाता को ऑनलाइन ही उसके ई मेल पर नोटिस भेजेगा। करदाता इस नोटिस का जवाब विभागीय ई मेल पर ही देगा। विभाग यदि कोई साक्ष्य जैसे लेखा-जोखा आदि की मांग करता है तो करदाता ऑनलाइन ही दस्तावेज मुहैया करा सकता है। इस तरह आयकर दफ्तर के बार-बार चक्कर नहीं लगाने होंगे। हां यदि दस्तावेजों की संख्या किताब की तरह बन जाती है तो दफ्तर में जमा कराना होगा।
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आयकर ने ई असिस्मेंट शुरू किया है। इसमें करदाता को ऑनलाइन नोटिस दिया जाएगा। वह ऑनलाइन ही जवाब और साक्ष्य दे सकता है, इसके लिए दफ्तर आने की जरूरत नहीं है।
- गगन सूद, अपर आयकर आयुक्त, आयकर विभाग हल्द्वानी
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करदाता को स्क्रूटनी के लिए नोटिस भेजा जाता है। इस नोटिस का जवाब करदाता को आयकर दफ्तर में आकर देना होता है। फिर जांच होते-होते, आय-व्यय का ब्योरा देने के लिए करदाता को कई बार दफ्तर के चक्कर लगाने होते हैं। अब केंद्र ने जांच प्रक्रिया में सुधार के तहत यह नई व्यवस्था लागू की है।
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इस तरह होता है ई असिस्मेंट
आयकर विभाग स्क्रूटनी करता है तो करदाता को ऑनलाइन ही उसके ई मेल पर नोटिस भेजेगा। करदाता इस नोटिस का जवाब विभागीय ई मेल पर ही देगा। विभाग यदि कोई साक्ष्य जैसे लेखा-जोखा आदि की मांग करता है तो करदाता ऑनलाइन ही दस्तावेज मुहैया करा सकता है। इस तरह आयकर दफ्तर के बार-बार चक्कर नहीं लगाने होंगे। हां यदि दस्तावेजों की संख्या किताब की तरह बन जाती है तो दफ्तर में जमा कराना होगा।
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आयकर ने ई असिस्मेंट शुरू किया है। इसमें करदाता को ऑनलाइन नोटिस दिया जाएगा। वह ऑनलाइन ही जवाब और साक्ष्य दे सकता है, इसके लिए दफ्तर आने की जरूरत नहीं है।
- गगन सूद, अपर आयकर आयुक्त, आयकर विभाग हल्द्वानी