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22 करोड़ पर ‘फिरेगा पानी’
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, हल्द्वानी।
Updated Wed, 06 Jul 2016 12:24 AM IST
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हल्द्वानी। 22 करोड़ की लागत से नैनीताल रोड को करीब नया बनाया गया है। अब करोड़ों की लागत से बनी सड़क पर पानी फिरने का आसार है। शहर की इस मुख्य सड़क पर चार से पांच जगह पानी की लाइन में लीकेज कुछ ही दूरी पर हैं, पर यह आज तक दुरुस्त नहीं हो सके हैं। लोनिवि के अनुसार जल संस्थान को लीकेज सही करने को पत्र भेजा जा चुका है।
नैनीताल रोड का काठगोदाम से लेकर मंडी तक चौड़ीकरण, ड्रेनेज बनाने, कब्जा हटाने आदि का काम किया गया। इससे सड़क की चौड़ाई बढ़ने के साथ राइडिंग क्वालिटी भी सुधरी। इस काम पर करीब 22 करोड़ का बजट खर्च किया गया था। अब इस सड़क पर ‘पानी फेरने’ के आसार हैं। कारण एक लीकेज उत्सव गार्डन के पास है।
इससे कुछ दूरी पर इंस्प्रेशन स्कूल के पास भी एक लीकेज और बन गया है। वुड पेेकर रेस्टोरेंट से पहले और कुछ आगे भी दो लीकेज हैं, इसके कारण सड़क के खराब होने का अंदेशा बना हुआ है। वहीं, पानी की बर्बादी हो रही है। यह सभी लीकेज एक किमी के अंदर हैं। यह स्थिति तब है, जब लोक निर्माण विभाग, जल संस्थान के अधिकारी दिन भर नैनीताल रोड पर कई बार आते-जाते हैं। अधिशासी अभियंता रणजीत सिंह रावत कहते हैं कि लीकेज ठीक करने के संबंध में जल संस्थान को कई बार पत्र लिखा जा चुका है। लेकिन, कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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कम गहराई में पाइप डालने का परिणाम
हल्द्वानी। तकनीकी अधिकारियों के अनुसार पेयजल लाइनों को निश्चित गहराई में डालना चाहिए। पर इसकी जगह वह थोड़ी ही खुदाई कर पाइप को डाल देते हैं, ऐसे में जब भारी वाहन गुजरते हैं तो उनके दबाव से पाइप लाइन टूटने और दूसरी समस्या आती है।
विभागों के बीच खींचतान भी बनी हुई
हल्द्वानी। विभागों के बीच समन्वय की बात कही जाती है। पर जल संस्थान और लोनिवि के बीच समन्वय की कमी है। लोनिवि के अधिकारी जल संस्थान पर बिना अनुमति सड़क खोदने की बात कहते रहते हैं, तो जल संस्थान के अधिकारी पाइप लाइन उखाड़ने का आरोप लगाते रहते हैं।
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नैनीताल रोड का काठगोदाम से लेकर मंडी तक चौड़ीकरण, ड्रेनेज बनाने, कब्जा हटाने आदि का काम किया गया। इससे सड़क की चौड़ाई बढ़ने के साथ राइडिंग क्वालिटी भी सुधरी। इस काम पर करीब 22 करोड़ का बजट खर्च किया गया था। अब इस सड़क पर ‘पानी फेरने’ के आसार हैं। कारण एक लीकेज उत्सव गार्डन के पास है।
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इससे कुछ दूरी पर इंस्प्रेशन स्कूल के पास भी एक लीकेज और बन गया है। वुड पेेकर रेस्टोरेंट से पहले और कुछ आगे भी दो लीकेज हैं, इसके कारण सड़क के खराब होने का अंदेशा बना हुआ है। वहीं, पानी की बर्बादी हो रही है। यह सभी लीकेज एक किमी के अंदर हैं। यह स्थिति तब है, जब लोक निर्माण विभाग, जल संस्थान के अधिकारी दिन भर नैनीताल रोड पर कई बार आते-जाते हैं। अधिशासी अभियंता रणजीत सिंह रावत कहते हैं कि लीकेज ठीक करने के संबंध में जल संस्थान को कई बार पत्र लिखा जा चुका है। लेकिन, कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
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कम गहराई में पाइप डालने का परिणाम
हल्द्वानी। तकनीकी अधिकारियों के अनुसार पेयजल लाइनों को निश्चित गहराई में डालना चाहिए। पर इसकी जगह वह थोड़ी ही खुदाई कर पाइप को डाल देते हैं, ऐसे में जब भारी वाहन गुजरते हैं तो उनके दबाव से पाइप लाइन टूटने और दूसरी समस्या आती है।
विभागों के बीच खींचतान भी बनी हुई
हल्द्वानी। विभागों के बीच समन्वय की बात कही जाती है। पर जल संस्थान और लोनिवि के बीच समन्वय की कमी है। लोनिवि के अधिकारी जल संस्थान पर बिना अनुमति सड़क खोदने की बात कहते रहते हैं, तो जल संस्थान के अधिकारी पाइप लाइन उखाड़ने का आरोप लगाते रहते हैं।