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कॉनकोर अब चलाएगा रेफ्रिजरेटेड कैंटर
Updated Thu, 06 Dec 2018 02:00 AM IST
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हल्द्वानी। सिडकुल रुद्रपुर के इनलैंड कंटेनर डिपो (आईसीडी) से अब कॉनकोर रेफ्रिजरेटेड ट्रेनों का संचालन करेगा। कुमाऊं में फल, सब्जी, दवाइयों के उत्पादन को देखते हुए कॉनकोर ने यह निर्णय लिया है। नोएडा के दादरी, कानपुर के बाद रुद्रपुर तीसरा केंद्र है जहां से रेफ्रिजरेटेड ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। रफ्रिजरेटेड ट्रेन से बाहर मटर भेजने के लिए ऊधमसिंह नगर के एक व्यापारी ने कॉनकोर से संपर्क भी किया है।
कुमाऊं में फल, सब्जी, दवाई, मटर का उत्पादन अधिक होता है। यह सभी उत्पाद आसानी से बाहर के बाजारों में नहीं भेजे जा सकते हैं, क्योंकि इनके खराब होने का खतरा रहता है। कुमाऊं के फल, सब्जी, मांस, दवाओं के उत्पादक आईसीडी दादरी से रेफ्रिजरेटेड अपना सामान बाहर भेजते हैं। अब सिडकुल स्थित कॉनकोर भी रेफ्रिजरेटेड ट्रेन चलाएगा। इससे व्यापारी अपना सामान आसानी से बाहर भेज सकें। एक सप्ताह के भीतर ट्रेन का संचालन शुरू हो जाएगा।
रुद्रपुर सिडकुल से चलेगी रेफ्रिजरेटेड ट्रेन
कुमाऊं के फल, सब्जी, दवा उत्पादकों को मिलेगी सहूलियत
व्यापारियों का समय के साथ खर्च भी बचेगा
क्या है रेफ्रिजेटेड ट्रेन
फल, सब्जियों, खराब होने वाली दवाओं, मांस, दुग्ध उत्पादकों के लिए समान तापमान की जरूरत होती है। कॉनकोर ने इसके लिए बिजली सप्लाई करना वाला इंजन (पॉवर पैक) विकसित किया है। इस इंजन से कंटेनर को समान वोल्टेज की बिजली लगातार मिलेगी, ताकि सामान खराब न हो। बताया जा रहा है कि कॉनकोर के पास 14, 22, 44 कंटेनर ढोने की क्षमता वाले इंजन हैं।
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समय और पैसे की होगी बचत
कुमाऊं के व्यापार फल, सब्जी, दवाइयों का कारोबार नोएडा के दादरी से करते हैं। इस कारण व्यापारी को अधिक खर्च करना पड़ता है। रुद्रपुर स्थित आईसीडी सिडकुल से रेफ्रिजरेटेड ट्रेन से सामान भेजने में व्यापारियों को समय के साथ ही करीब 25 हजार रुपये की बचत होगी। सिडकुल से मुंद्रा पोर्ट, पिपावाव, मुंबई के लिए इस ट्रेन की सुविधा उपलब्ध होगी। ऊधमसिंह नगर के एक व्यापारी ने अपना मटर विदेश भेजने के लिए कॉनकोर के अधिकारियों से संपर्क किया है। मटर गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह भेजी जाएगी। यहां से व्यापारी अपना माल विदेश भेजेगा।
कुमाऊं में फल, सब्जी, दवाओं के उत्पादन को देखते हुए रेफ्रिजरेटेड ट्रेन चलाने का निर्णय लिया गया है। एक सप्ताह में ट्रेन का संचालन शुरू जाएगा।
- भाग्यमणि सिंह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, सिडकुल कॉनकोर
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कुमाऊं में फल, सब्जी, दवाई, मटर का उत्पादन अधिक होता है। यह सभी उत्पाद आसानी से बाहर के बाजारों में नहीं भेजे जा सकते हैं, क्योंकि इनके खराब होने का खतरा रहता है। कुमाऊं के फल, सब्जी, मांस, दवाओं के उत्पादक आईसीडी दादरी से रेफ्रिजरेटेड अपना सामान बाहर भेजते हैं। अब सिडकुल स्थित कॉनकोर भी रेफ्रिजरेटेड ट्रेन चलाएगा। इससे व्यापारी अपना सामान आसानी से बाहर भेज सकें। एक सप्ताह के भीतर ट्रेन का संचालन शुरू हो जाएगा।
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रुद्रपुर सिडकुल से चलेगी रेफ्रिजरेटेड ट्रेन
कुमाऊं के फल, सब्जी, दवा उत्पादकों को मिलेगी सहूलियत
व्यापारियों का समय के साथ खर्च भी बचेगा
क्या है रेफ्रिजेटेड ट्रेन
फल, सब्जियों, खराब होने वाली दवाओं, मांस, दुग्ध उत्पादकों के लिए समान तापमान की जरूरत होती है। कॉनकोर ने इसके लिए बिजली सप्लाई करना वाला इंजन (पॉवर पैक) विकसित किया है। इस इंजन से कंटेनर को समान वोल्टेज की बिजली लगातार मिलेगी, ताकि सामान खराब न हो। बताया जा रहा है कि कॉनकोर के पास 14, 22, 44 कंटेनर ढोने की क्षमता वाले इंजन हैं।
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समय और पैसे की होगी बचत
कुमाऊं के व्यापार फल, सब्जी, दवाइयों का कारोबार नोएडा के दादरी से करते हैं। इस कारण व्यापारी को अधिक खर्च करना पड़ता है। रुद्रपुर स्थित आईसीडी सिडकुल से रेफ्रिजरेटेड ट्रेन से सामान भेजने में व्यापारियों को समय के साथ ही करीब 25 हजार रुपये की बचत होगी। सिडकुल से मुंद्रा पोर्ट, पिपावाव, मुंबई के लिए इस ट्रेन की सुविधा उपलब्ध होगी। ऊधमसिंह नगर के एक व्यापारी ने अपना मटर विदेश भेजने के लिए कॉनकोर के अधिकारियों से संपर्क किया है। मटर गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह भेजी जाएगी। यहां से व्यापारी अपना माल विदेश भेजेगा।
कुमाऊं में फल, सब्जी, दवाओं के उत्पादन को देखते हुए रेफ्रिजरेटेड ट्रेन चलाने का निर्णय लिया गया है। एक सप्ताह में ट्रेन का संचालन शुरू जाएगा।
- भाग्यमणि सिंह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, सिडकुल कॉनकोर