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ग्रास हापर प्रभावित जैनोली क्षेत्र में दिया ग्रामीणों को वैज्ञानिकों ने प्रशिक्षण
Updated Sun, 20 Aug 2017 11:07 PM IST
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। कृषि विभाग की ओर से यहां जैनोली में ग्रामीणों को कीट नियंत्रण प्रशिक्षण दिया गया। मालूम हो कि इस क्षेत्र में पिछले तीन सालों से टिड्डा कीट का प्रकोप है। यह कीट ग्रामीणों की खरीफ की फसल पूरी तरह से चौपट कर चुका है। विवेकानंद कृषि अनुसंधान संस्थान अल्मोड़ा के वैज्ञानिक जे स्टेनली और जेपी गुप्ता ने टिड्डे के नियंत्रण के बारे में विस्तृत जानकारी दी और ग्रामीणों को बाकायदा प्रशिक्षण भी दिया।
इससे पूर्व कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए ब्लॉक प्रमुख रचना रावत ने टिड्डे के बढ़ते प्रकोप पर चिंता जताते हुए विभाग से पर्याप्त मात्रा में ग्रामीणों को कीटनाशक उपलब्ध कराने पर जोर दिया। विवेकानंद कृषि अनुसंधान संस्थान से पहुंचे वैज्ञानिकों ने जैनोली न्याय पंचायत के 10 गांवों में पिनकट नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी धीरज सिंह ने बताया कि टिड्डे के नियंत्रण के लिए जिला योजना के तहत 22 स्प्रेयर, 22 स्याही हल, 76 स्विपनैट और पर्याप्त मात्रा में कीटनाशक की व्यवस्था की गई है। इस दौरान बीडीसी सदस्य उपराड़ी त्रिभुवन फर्त्याल, सामाजिक कार्यकर्ता कृपाल राम आर्य के अलावा कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारी, कर्मचारी और ग्रामीण मौजूद थे।
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इससे पूर्व कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए ब्लॉक प्रमुख रचना रावत ने टिड्डे के बढ़ते प्रकोप पर चिंता जताते हुए विभाग से पर्याप्त मात्रा में ग्रामीणों को कीटनाशक उपलब्ध कराने पर जोर दिया। विवेकानंद कृषि अनुसंधान संस्थान से पहुंचे वैज्ञानिकों ने जैनोली न्याय पंचायत के 10 गांवों में पिनकट नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी धीरज सिंह ने बताया कि टिड्डे के नियंत्रण के लिए जिला योजना के तहत 22 स्प्रेयर, 22 स्याही हल, 76 स्विपनैट और पर्याप्त मात्रा में कीटनाशक की व्यवस्था की गई है। इस दौरान बीडीसी सदस्य उपराड़ी त्रिभुवन फर्त्याल, सामाजिक कार्यकर्ता कृपाल राम आर्य के अलावा कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारी, कर्मचारी और ग्रामीण मौजूद थे।
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