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मजदूरों का न्यूनतम वेतन सरकारी चतुर्थ श्रेणी कर्मी वेतन के हो बराबर
Updated Wed, 26 Jul 2017 02:30 AM IST
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हल्द्वानी। बंधुआ मजदूर मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष स्वामी अग्निवेश ने कहा कि खेत, ईंट भट्टों, आंगनबाड़ी, आशा, मनरेगा, पल्लेदारी करने वाले हजारों मजदूर आज भी नारकीय जीवन जीने को विवश है। असंगठित क्षेत्र के इन मजदूरों को कम से कम चतुर्थ श्रेणी कर्मी वेतन के बराबर मजदूरी मिलनी चाहिए। मुक्ति मोर्चा इन मजदूरों को जागरूक करने के साथ ही इनकी आवाज केंद्र और राज्य सरकारों तक पहुंचाएगा।
मंगलवार को नैनीताल रोड स्थित समाजसेवी कांता विनायक के घर पत्रकारों से बातचीत में अग्निवेश ने कहा कि उत्तराखंड में मजदूरों की आवाज को बुलंद करने के लिए अल्मोड़ा और बागेश्वर में मोर्चा का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गुजरात मॉडल की तर्ज पर उत्तराखंड का विकास करना चाहिए। यहां महिलाएं शराब के ठेकों के बाहर प्रदर्शन कर रही हैं और माफिया कार-वैन से शराब घर तक पहुंचा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सर्वे के मुताबिक शराब से अगर 100 रुपये कमाई होती है तो नशे में होने वाले सड़क दुर्घटना, बलात्कार, लूट, हत्या जैसे अपराधों पर 124 रुपये खर्च होता है। प्रधानमंत्री को चाहिए कि देश में भाजपा शासित प्रदेश में शराब बंदी होनी चाहिए। उन्होंने भाजपा और कांग्रेस से दलित की राजनीति बंद करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मुस्लिम वर्ग को पशु बलि का त्याग करना चाहिए। बकरीद से इसकी शुरुआत हो सकती है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इसे संप्रदाय का रंग देने की जरूरत नहीं है। इस दौरान प्रो. राम सिंह, कनक चंद आदि मौजूद थीं।
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मंगलवार को नैनीताल रोड स्थित समाजसेवी कांता विनायक के घर पत्रकारों से बातचीत में अग्निवेश ने कहा कि उत्तराखंड में मजदूरों की आवाज को बुलंद करने के लिए अल्मोड़ा और बागेश्वर में मोर्चा का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गुजरात मॉडल की तर्ज पर उत्तराखंड का विकास करना चाहिए। यहां महिलाएं शराब के ठेकों के बाहर प्रदर्शन कर रही हैं और माफिया कार-वैन से शराब घर तक पहुंचा रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि सर्वे के मुताबिक शराब से अगर 100 रुपये कमाई होती है तो नशे में होने वाले सड़क दुर्घटना, बलात्कार, लूट, हत्या जैसे अपराधों पर 124 रुपये खर्च होता है। प्रधानमंत्री को चाहिए कि देश में भाजपा शासित प्रदेश में शराब बंदी होनी चाहिए। उन्होंने भाजपा और कांग्रेस से दलित की राजनीति बंद करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मुस्लिम वर्ग को पशु बलि का त्याग करना चाहिए। बकरीद से इसकी शुरुआत हो सकती है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इसे संप्रदाय का रंग देने की जरूरत नहीं है। इस दौरान प्रो. राम सिंह, कनक चंद आदि मौजूद थीं।
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