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प्रधानाचार्य के 55 फीसदी पद ही एलटी वालों से भरे जाएंगे
Updated Wed, 11 Oct 2017 01:51 AM IST
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नैनीताल। एलटी से प्रवक्ता बने शिक्षक 55 प्रतिशत कोटे के अंतर्गत प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नत होंगे। शेष 45 प्रतिशत पद सीधी भर्ती से प्रवक्ता बने शिक्षकों की प्रोन्नति से भरे जाएंगे। यह आदेश मंगलवार को उच्च न्यायालय ने जारी किए हैं।
न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकल पीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। हल्द्वानी निवासी हेमंत कुमार डुंगराकोटी व अन्य ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कहा था कि वे सीधी भर्ती से प्रवक्ता बने हैं। हकीकत यह है कि प्रवक्ता पद से प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नत करने में एलटी कोटे के प्रवक्ताओं को उनके निर्धारित कोटे से अधिक पर पदोन्नति दी जा रही है। याचिकाकर्ताओं ने सरकार की इस नीति को न्यायालय में चुनौती दी थी। पूर्व में उच्च न्यायालय ने पदोन्नति पर रोक लगा दी थी। एकल पीठ ने याचिका को निस्तारित करते हुए निर्णय दिया है कि एलटी से प्रवक्ता बने शिक्षक 55 प्रतिशत कोटे के अंतर्गत प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नत होंगे और शेष 45 प्रतिशत पदों पर सीधी भर्ती से प्रवक्ता बने शिक्षक प्रधानाचार्य बन सकेंगे।
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न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकल पीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। हल्द्वानी निवासी हेमंत कुमार डुंगराकोटी व अन्य ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कहा था कि वे सीधी भर्ती से प्रवक्ता बने हैं। हकीकत यह है कि प्रवक्ता पद से प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नत करने में एलटी कोटे के प्रवक्ताओं को उनके निर्धारित कोटे से अधिक पर पदोन्नति दी जा रही है। याचिकाकर्ताओं ने सरकार की इस नीति को न्यायालय में चुनौती दी थी। पूर्व में उच्च न्यायालय ने पदोन्नति पर रोक लगा दी थी। एकल पीठ ने याचिका को निस्तारित करते हुए निर्णय दिया है कि एलटी से प्रवक्ता बने शिक्षक 55 प्रतिशत कोटे के अंतर्गत प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नत होंगे और शेष 45 प्रतिशत पदों पर सीधी भर्ती से प्रवक्ता बने शिक्षक प्रधानाचार्य बन सकेंगे।
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