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2 हजार के लालच में गंवाए 50 हजार
अमर उजाला ब्यूरो, कालाढूंगी (नैनीताल)।
Updated Sun, 14 Aug 2016 01:46 AM IST
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एसबीआई बैंक की कालाढूंगी शाखा में रुपये जमा करने आया एक राजमिस्त्री ठगी का शिकार हो गया। घटना बीते गुरुवार की है। पीड़ित ने शनिवार को पुलिस को घटना के बारे में बताया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कालाढूंगी बंदोबस्ती निवासी बहादुर राम ने बताया कि वह 11 अगस्त को बैंक में 49 हजार 5 सौ रुपये जमा करने आया था। इस बीच दो युवक बैंक में आए और उससे कहने लगे कि उन्होंने भी बैंक में दो लाख रुपये जमा करने हैं लेकिन उनके पास पैन कार्ड नहीं है। बहादुर ने कहा कि वह खुद रुपये जमा करना नहीं जानता है।
वह किसी और व्यक्ति से रुपये जमा करने का फार्म भरवाएंगे। इस पर दोनों युवक बहादुर को बैंक के बाहर ले गए और कपड़े में बंधे कागज का बंडल थमा कर कहा कि ये दो लाख रुपये हैं। हम आपको रुपये जमा करने के एवज में दो हजार रुपये देंगे। ठगों ने बहादुर की रकम खुद रख ली और कहा कि इन्हें आप पकड़ लो और रुपये जमा करा देना।
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ठग कुछ काम का हवाला देकर वहां से निकल गए और बहादुर बैंक के बाहर ही खड़ा रहा। जब काफी देर तक युवक वहां नहीं आए तो बहादुर ने कपड़े की पोटली खोली तो उसमें पांच सौ रुपये का एक नोट मिला और उसके नीचे एक मोटी सी गड्डी कागज की थी। यह देख बहादुर के होश उड़ गए। उसने यह घटना किसी को नहीं बताई और घर चला गया। घर में पहुंच बहादुर ने आपबीती सुनाई तो आसपास के लोगों को भी पता चल गया। शनिवार को बहादुर कुछ ग्रामीणों के साथ थाने पहुंचा और पुलिस को घटना के बारे में बताया। प्रभारी एसओ त्रिलोचन जोशी ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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कालाढूंगी बंदोबस्ती निवासी बहादुर राम ने बताया कि वह 11 अगस्त को बैंक में 49 हजार 5 सौ रुपये जमा करने आया था। इस बीच दो युवक बैंक में आए और उससे कहने लगे कि उन्होंने भी बैंक में दो लाख रुपये जमा करने हैं लेकिन उनके पास पैन कार्ड नहीं है। बहादुर ने कहा कि वह खुद रुपये जमा करना नहीं जानता है।
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वह किसी और व्यक्ति से रुपये जमा करने का फार्म भरवाएंगे। इस पर दोनों युवक बहादुर को बैंक के बाहर ले गए और कपड़े में बंधे कागज का बंडल थमा कर कहा कि ये दो लाख रुपये हैं। हम आपको रुपये जमा करने के एवज में दो हजार रुपये देंगे। ठगों ने बहादुर की रकम खुद रख ली और कहा कि इन्हें आप पकड़ लो और रुपये जमा करा देना।
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ठग कुछ काम का हवाला देकर वहां से निकल गए और बहादुर बैंक के बाहर ही खड़ा रहा। जब काफी देर तक युवक वहां नहीं आए तो बहादुर ने कपड़े की पोटली खोली तो उसमें पांच सौ रुपये का एक नोट मिला और उसके नीचे एक मोटी सी गड्डी कागज की थी। यह देख बहादुर के होश उड़ गए। उसने यह घटना किसी को नहीं बताई और घर चला गया। घर में पहुंच बहादुर ने आपबीती सुनाई तो आसपास के लोगों को भी पता चल गया। शनिवार को बहादुर कुछ ग्रामीणों के साथ थाने पहुंचा और पुलिस को घटना के बारे में बताया। प्रभारी एसओ त्रिलोचन जोशी ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।