फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   तो अब खनन लाबी के इशारे पर होगा गौला नदी में खनन

तो अब खनन लाबी के इशारे पर होगा गौला नदी में खनन

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 29 Apr 2019 01:47 AM IST
विज्ञापन
तो अब खनन लाबी के इशारे पर होगा गौला नदी में खनन
खनन - फोटो : अमर उजाला
हल्द्वानी। गौला नदी में खनन बंद होने की आहट से खनन लॉबी सक्रिय हो गई। माना जा रहा है कि इसी लॉबी के दबाव में भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान के वैज्ञानिकों की खनन मात्रा के आकलन संबंधी रिपोर्ट आने के बाद भी एक नई कमेटी का गठन किया गया है, यह कमेटी सर्वे कर खनन को लेकर आगे रिपोर्ट देगी।
विज्ञापन

17, 18, 19 मार्च को भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान की देहरादून की टीम ने गौला नदी के शीशमहल से लेकर शांतिपुरी तक खनन गेटों का सर्वे किया। टीम ने अपनी रिपोर्ट में 34.50 लाख घनमीटर उपखनिज निकासी का लक्ष्य तय किया। सर्वे में शीशमहल, राजपुरा, लालकुआं, शांतिपुरी गेट पर ही आरबीएम की मौजूदगी मिली थी। 25 अप्रैल को देहरादून में वन निगम, वन विभाग के अधिकारियों की बैठक हुई थी। इसमें प्रमुख वन संरक्षक ने वन निगम के प्रबंध निदेशक की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन कर दिया। कमेटी 30 अप्रैल को गौला का निरीक्षण करेगी। अब सवाल उठ रहा है कि जब वैज्ञानिकों ने भूमि और मृदा संरक्षण से जुडे़ तीन वैज्ञानिक अपनी रिपोर्ट में गौला में उपखनिज की मात्रा का आकलन कर चुके हैं, तो यह कमेटी किस आधार पर आगे खनिज सत्र को लेकर रिपोर्ट देगी।
विज्ञापन



तो अब खनन लॉबी के इशारे पर होगा गौला में खनन
वैज्ञानिक गौला में 34.50 लाख घनमीटर की दे चुके हैं रिपोर्ट


गौला कॉरिडोर के आरबीएम पर भी नजर
हाथ की कॉरिडोर में भी खनन लॉबी की नजर है। नदी को चैनलाइज कर हटाए गए आरबीएम को ठिकाने लगाने की तैयारी चल रही है। पीसीसीएफ की ओर से गठित कमेटी देवरामपुर में हाथी कॉरिडोर में एकत्र किए गए उपखनिज की स्थिति देखेगी। सूत्र बताते हैं कि इसी लाबी के दबाव में यह कमेटी कॉरिडोर का आरबीएम देखेगी। आने वाले साल गौला में आरबीएम निकासी की संभावना कम है। इसी कारण अगले साल हाथी कॉरिडोर से आरबीएम ठिकाने लगाने की कोशिश अभी से शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि अगर इस साल कसरत शुरू हुई तो केंद्र सरकार की मंजूरी अगले साल ही मिल सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


खनन निकासी पर निर्भर क्षेत्र की आर्थिकी
- मार्च 17, 18, 19 को वैज्ञानिकों ने नदी में खनन मात्रा के आकलन के लिए सर्वे किया।
- पिछले सप्ताह सर्वे रिपोर्ट आई, इसमें 34.50 लाख घनमीटर आरबीएम निकासी का लक्ष्य तय।
- रिपोर्ट में शीशमहल, राजपुरा, लालकुआं, शांतिपुरी में ही खनन कराने की सलाह।
- अप्रैल तक ही गौला के चलने की संभावना है।
- गौला नदी में करीब 7500 वाहन पंजीकृत हैं। करीब 8000 मजदूर काम करते हैं।
- 19 स्टोन क्रशर गौला नदी पर निर्भर हैं।
- फरवरी में गौला खनन समिति ने वन निगम को पत्र भेजकर नदी बंद करने की मांग की।
- मार्च के पहले सप्ताह में स्टोन क्रशरों ने आरबीएम का रेट कम कर दिया।

तीन साल में गौला में खनन
गौला में कभी 50 लाख घनमीटर से अधिक आरबीएम निकासी नहीं हुई। 2017 में 37 लाख घनमीटर, 2018 में 42 लाख घनमीटर और इस वर्ष 2019 में 34.50 लाख घनमीटर आरबीएम निकासी का लक्ष्य है। 32.80 लाख मीटर आरबीएम निकासी पूरी हो गई है। फिलहाल नदी के सभी 12 गेटों को वन निगम ने 30 अप्रैल तक बंद कर दिया है।


हम पहले ही मांग कर चुके हैं कि वैज्ञानिकों की रिपोर्ट के आधार पर ही खनन किया जाए, लेकिन, खनन लॉबी अब गौला समेत हाथी कॉरिडोर से आरबीएम उठाने की कोशिश करा रही है। सरकार इसी लॉबी के दबाव में काम कर रही है।
- पृथ्वीराज पाठक, डंपर एसोसिएशन गौला नदी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed