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सावन का पवित्र माह आज से शुरु
Updated Mon, 16 Jul 2018 02:01 AM IST
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shiv
- फोटो : shiv
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भीमताल/भवाली (नैनीताल)। सावन का पवित्र माह सोमवार से शुरू होगा। पहाड़ में शिव के प्राचीन मंदिरों में सोमवार सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगेगी। इसके लिए शिव मंदिरों में भी सावन के माह की तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं।
भीमताल के डांठ पर स्थित प्राचीन भीमेश्वर महादेव मंदिर में सावन के सोमवार से शुरू होने से पूजा, अर्चना की जाएगी। शहर के प्राचीन भीमेश्वर मंदिर का पुराणों में व्याख्यान है कि यहां पांच पांडवों ने शिव की पूजा-अर्चना की थी। तब से मान्यता है कि इस मंदिर में भगवान शिव को बेलपत्र, शिवलिंग में पानी चढ़ाने पर सभी मनोकामना पूर्ण हो जाती है। भवाली के बीचोंबीच स्थित काली मंदिर में शिव मंदिर के प्रति लोगों में अपार श्रद्धा है। सावन में यहां भीड़ रहती है। पंडित भुवन चंद्र ने बताया मंदिर में शिवलिंग की स्थापना 20 वर्ष पूर्व की गई थी।
सोमवारी महाराज शिव मंदिर से जुड़ी है लोगों की आस्था
गरमपानी (नैनीताल)। शिप्रा, कोसी नदी के संगम किनारे स्थित सोमवारी महाराज शिव मंदिर से लोगों की बेहद आस्था जुड़ी है। सावन में भगवान शिव की पूजा-अर्चना के शिवार्चन के लिए लोगों की भीड़ मंदिर में रहती है। सावन के सोमवार को यहां गरमपानी, खैरना, मझेड़ा, डोबा, सूरी फार्म से लोग मंदिर पहुंचते हैं। शिव मंदिर की पहाड़ी पर गुफा है, जो उत्तरवाहिनी शिप्रा नदी कोसी का संगम स्थल है।
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पहाड़ी पर स्थित है मुक्तेश्वर महादेव
मुक्तेश्वर (नैनीताल)। नैनीताल से 50 किमी दूरी पर पहाड़ी पर स्थित मुक्तेश्वर महादेव मंदिर एक ज्योतिर्लिंग के रूप में पूजा जाता है। 5350 वर्ष पुराने इस मंदिर में सच्चे मन से बेलपत्र, जल चढ़ाने से मनोकामना पूर्ण होती है। नोबेल पुरस्कार विजेता ब्रिटिश वैज्ञानिक रोबट कॉक ने भी मुक्तेश्वर मंदिर की यात्रा की थी।
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भीमताल के डांठ पर स्थित प्राचीन भीमेश्वर महादेव मंदिर में सावन के सोमवार से शुरू होने से पूजा, अर्चना की जाएगी। शहर के प्राचीन भीमेश्वर मंदिर का पुराणों में व्याख्यान है कि यहां पांच पांडवों ने शिव की पूजा-अर्चना की थी। तब से मान्यता है कि इस मंदिर में भगवान शिव को बेलपत्र, शिवलिंग में पानी चढ़ाने पर सभी मनोकामना पूर्ण हो जाती है। भवाली के बीचोंबीच स्थित काली मंदिर में शिव मंदिर के प्रति लोगों में अपार श्रद्धा है। सावन में यहां भीड़ रहती है। पंडित भुवन चंद्र ने बताया मंदिर में शिवलिंग की स्थापना 20 वर्ष पूर्व की गई थी।
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सोमवारी महाराज शिव मंदिर से जुड़ी है लोगों की आस्था
गरमपानी (नैनीताल)। शिप्रा, कोसी नदी के संगम किनारे स्थित सोमवारी महाराज शिव मंदिर से लोगों की बेहद आस्था जुड़ी है। सावन में भगवान शिव की पूजा-अर्चना के शिवार्चन के लिए लोगों की भीड़ मंदिर में रहती है। सावन के सोमवार को यहां गरमपानी, खैरना, मझेड़ा, डोबा, सूरी फार्म से लोग मंदिर पहुंचते हैं। शिव मंदिर की पहाड़ी पर गुफा है, जो उत्तरवाहिनी शिप्रा नदी कोसी का संगम स्थल है।
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पहाड़ी पर स्थित है मुक्तेश्वर महादेव
मुक्तेश्वर (नैनीताल)। नैनीताल से 50 किमी दूरी पर पहाड़ी पर स्थित मुक्तेश्वर महादेव मंदिर एक ज्योतिर्लिंग के रूप में पूजा जाता है। 5350 वर्ष पुराने इस मंदिर में सच्चे मन से बेलपत्र, जल चढ़ाने से मनोकामना पूर्ण होती है। नोबेल पुरस्कार विजेता ब्रिटिश वैज्ञानिक रोबट कॉक ने भी मुक्तेश्वर मंदिर की यात्रा की थी।